मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला को न्‍यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दे दिया गया है। इरोम सशस्‍त्र बल विशेषाधिकार कानून अफ्सपा निरस्‍त करने की मांग को लेकर 15 सालों से अनशन पर हैं।

जारी रहेगी भूख हड़ताल
मणिपुर की मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला को सोमवार को न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया। लेकिन उन्होंने कहा कि वो अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगी। जब इरोम जेल में थीं तो उन्हें नाक के रास्ते जबरदस्ती ख़ाना खिलाया जाता था।

आत्महत्या का कर चुकी हैं प्रयास

शर्मिला पिछले 15 सालों से मणिपुर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून अफ्सपा हटाने की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर हैं। इससे पहले भी उन्हें कई बार रिहा करने के बाद आत्महत्या के प्रयास में दोबारा गिरफ़्तार किया गया है। शर्मिला इरोम ने इस बात पर भी निराशा जताई कि वो जिस मक़सद के लिए लड़ रही हैं। उसके लिए लोगों का समर्थन में अब कमी आ रही है।कुछ समय पहले उन्होंने एक सार्वजनिक बहस कराने की बात कही थी जिसमें वो लोगों से पूछें कि उन्हें अपनी भूख हड़ताल जारी रखनी चाहिए या नहीं।

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Posted By: Abhishek Kumar Tiwari