इसरो के पृथ्वी की निगरानी करने वाले उपग्रह EOS-03 की लान्चिंग का मिशन आज पूरा नहीं हो पाया है। यह क्रायोजेनिक अपर स्टेज इग्निशन तकनीकी खराबी के कारण नहीं हो सका है।

नई दिल्ली (एएनआई)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आज एक बड़ी सफलता से चूक गया। भारत के अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट (EOS-03) को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में डालने का इसरो का मिशन गुरुवार की सुबह विफल हो गया। इसरो ने एक ट्वीट में कहा कि जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-F10 (GSLV-F10) ने सतीश धवन स्पेस सेंटर, श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक उड़ान भरी और दो चरणों को पूरा किया।

GSLV-F10 launch took place today at 0543 Hrs IST as scheduled. Performance of first and second stages was normal. However, Cryogenic Upper Stage ignition did not happen due to technical anomaly. The mission couldn't be accomplished as intended.

— ISRO (@isro) August 12, 2021


सुबह 5:43 बजे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुआ
हालांकि क्रायोजेनिक अपर स्टेज इग्निशन तकनीकी खराबी के कारण नहीं हुआ। GSLV-F10 का प्रक्षेपण आज सुबह 5:43 बजे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुआ। जीएसएलवी की इस उड़ान में पहली बार चार मीटर व्यास ओगिव के आकार का पेलोड फेयरिंग उड़ाया जा रहा है। यह जीएसएलवी की चौदहवीं उड़ान है। इस अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी करना और कृषि, वनीकरण, जल संसाधनों व आपदा चेतावनी प्रदान करना, चक्रवात की निगरानी करना आदि है।

GSLV-F10 lifts off successfully from Satish Dhawan Space Centre, Sriharikota#GSLV-F10 #EOS03 #ISRO pic.twitter.com/iXZfHd7YdZ

— ISRO (@isro) August 12, 2021

Posted By: Shweta Mishra