हत्या के गुस्साएं लोगों ने किया हाईवे जाम

2014-08-05T07:01:25Z

-24 घंटे में आरोपी न पकड़े जाने पर परिजन करेंगे आत्मदाह

-23 जुलाई से लापता दीपक का शव सकौती तालाब से बरामद

-ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा

मोदीपुरम/दौराला: थाना क्षेत्र के सकौती गांव में 23 जुलाई से लापता युवक का शव सोमवार देर शाम सकौती तालाब से बरामद हुआ। दौराला पुलिस की लापरवाही से गुस्साएं सकौती के ग्रामीणों ने सोमवार शाम आठ बजे हाईवे जाम कर दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम के दौरान मृतक के रिश्तेदारों ने पुलिस के एक अफसर के साथ गाली गलौच कर लात मार दी। यह देख पुलिस हरकत में आ गई और उन्हें धकियाया। अनेक लोगों ने हाईवे किनारे पड़ी बजरी पुलिस पर फेंकी, लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम खुलवा दिया। रात्रि दस बजे जाम खुल सका।

शव से सनसनी

सकौती से 23 जुलाई को लापता दीपक का शव मिलने की सूचना पर पूरा गांव मौके पर एकत्रित हो गया। तालाब के बीच में शव मिलने व 24 घंटे पहले दीपक की हत्या कर शव यहां डालने से सकौती के ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने करीब आठ बजे हाईवे पर अवरोध व बीच में बैठकर जाम लगा दिया। हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई।

मौके पर अधिकारी

जाम की सूचना मिलने पर एसपी सिटी ओपी सिंह, एसपी क्राइम अरविंद पांडे, सीओ सदर मनीष मिश्रा, सरधना, दौराला व कंकरखेड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। कई बार ग्रामीणों के साथ हुई वार्ता का कोई हल नहीं निकल सका। एसडीएम सरधना शिवकुमार भी वहां पहुंचे। इस बीच बड़ौत से दीपक के मामा मौके पर पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक मृतक दीपक के मामा ने सीओ सदर को गाली दी और लात मार दी। यह देख पुलिस ने उन्हें धकेला और हल्का बल प्रयोग कर हाईवे से जाम खुलवाया। मौके पर एसडीएम सरधना ने इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई कराने व 24 घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कराने का आश्वासन दिया।

आत्मदाह की घोषणा

मृतक के परिजनों ने घोषणा की कि यदि आरोपी 24 घंटे में नहीं पकड़े गए तो वे दौराला थाने पर सभी लोग आत्मदाह करेंगे। उधर ग्रामीणों ने कहा कि वे आरोपियों को पकड़ स्वयं सजा दे देंगे।

क्या थी घटना

सकौती निवासी जगशोरन ने बताया कि उनका छोटा बेटा अमरदीप हरिद्वार से कांवड़ लेने गया था। जबकि बड़ा बेटा दीपक घर पर था। 23 जुलाई की सुबह गांव के चार युवकों से उसका झगड़ा हुआ था। चारों ने उसकी पिटाई की थी। उसी दिन शाम को छोटा बेटा अमरदीप कांवड़ लेकर लौट आया। वह मंदिर में जाने से पहले हाईवे स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में रूक गया। पिता केअनुसार शाम छह बजे अमरदीप की मां योगेंद्रा ने दीपक को कॉलेज में खाना देने के लिए भेज दिया। वह सकौती पुलिस चौकी पर इंस्पेक्टर से मिलने की बात कहकर गया था। दीपक के न आने पर परिजन कॉलेज में रूके उसके भाई अमरदीप के पास पहुंचे और दीपक के बारे में पूछताछ की। 24 जुलाई की सुबह एक चाय के खोखे के पास दीपक का पर्स व एटीएम कार्ड पड़ा मिला था।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.