झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 रांची से पवन व गोड्डा से प्रीतम होंगे प्रत्याशी

2019-11-17T05:46:03Z

RANCHI :अपनी समस्याओं को लेकर पिछले एक साल से संघर्ष कर रहे व्यवसायियों ने शनिवार को व्यापारियों को चुनाव में खड़ा करने का निर्णय लिया। इसके लिए रांची से पवन शर्मा और गोड्डा से प्रीतम गढिया का नाम तय किया गया। मालूम हो कि पवन शर्मा 2015-16 में झारखंड चैंबर के अध्यक्ष रहे हैं। हालांकि, इसके लिए चैंबर की ओर से आने वाले दो-तीन दिनों में बैठक की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। इसी बैठक में पार्टी या निर्दलीय चुनाव लड़ने की योजना पर भी विचार हो जाएगा।

स्टेट लेवल सम्मेलन में निर्णय

फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर एंड कॉमर्स इंडस्ट्रीज(एफजेसीसीआई) राज्य स्तरीय सम्मेलन शनिवार को हुआ। इसमें व्यापारियों ने कहा कि उनकी समस्या को सभी पार्टियां नजरअंदाज कर रही हैं। ऐसे में व्यवसायी वर्ग को खुद से चुनाव लड़ने का फैसला करना चाहिए.सम्मेलन में सभी जिलों से चैंबर के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान रांची विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में पवन शर्मा को प्रत्याशी बनाये जाने पर सहमति दी गयी। पवन शर्मा ने खुद भी व्यवसायियों की मदद से चुनाव लड़ने पर सहमति जताई।

आठ से दस जिलों में देंगे प्रत्याशी

चैंबर अध्यक्ष कुणाल आजमानी ने कहा कि सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि व्यापारियों की ओर से लगभग आठ से दस जिलों में चुनाव लड़ा जाए। दो से तीन दिनों में यह निर्णय ले लिया जाएगा। इसी दौरान चैंबर की ओर से चुनावी एजेंडे भी तय किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में उद्योगों की हालत काफी खराब है। यहां के व्यवसायी यहां व्यवसाय न कर दूसरे राज्यों में व्यवसाय लगा रहे है। कहीं न कहीं सरकारी नीतियों की जमीनी हकीकत इसका एक मुख्य कारण है। ऐसे में चैंबर ने निर्णय लिया है कि इस चुनाव में चैंबर किसी पार्टी के पास नहीं, बल्कि पार्टी चैंबर के पास आए। उन्होंने कहा कि आने वाली बैठकों में चुनाव की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

जिन्हें चुनते हैं वो अफसरों के पास भेज देते हैं।

इस दौरान पूर्व चैंबर अध्यक्ष दीपक मारू ने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि व्यवसायी किसी के विरोध में नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं के लिए यह कदम उठा रहे हैं। लोग यह न समझें कि हम किसी के विरोध में खड़े हैं। सिर्फ इसमें व्यवसायियों का नहीं, बल्कि जनता की समस्याएं भी जुड़ी हुई हैं। नेता हम चुनते हैं लेकिन जब उनके पास समस्या लेकर जाते हैं तो वे अफसरों के पास भेज देते हैं। ऐसे में व्यापारियों की समस्या किसके पास रखें। वहीं इस दौरान चैंबर सदस्यों की ओर से साझा रूप से बताया गया कि पूर्व चैंबर अध्यक्ष रह चुके, वर्तमान सांसद महेश पोद्दार और संजय सेठ इसलिए व्यवसायियों के हित में कुछ नहीं कर पाते क्योंकि वे किसी पार्टी से जुड़े हैं।

Posted By: Inextlive

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