गाडि़यों के शोर से बनेगी बिजली वज्रपात को लेकर अलर्ट करेगा एप

2019-06-23T06:00:49Z

RANCHI:रोड पर दौड़ रहीं गाडि़यों के शोर से उत्पन्न होनेवाली ऊर्जा से बिजली बनेगी, जिससे स्ट्रीट लाइट जलेंगी। वहीं, आसमानी बिजली यानी वज्रपात की सूचना भी पहले ही मिल जाएगी, जिसके बाद बचाव के उपाय किए जा सकेंगे। इसके आइडियाज शनिवार को राजधानी रांची में शुरू हुए दो दिनी झारखंड स्टार्टअप हैकथॉन में सामने आए, जहां एसएस डीएवी स्कूल की 10वीं की स्टूडेंट आकांक्षा व खुशी ने गाडि़यों के शोर से बिजली बनाने वाली तैयार डिवाइस की जानकारी दी तो दूसरी ओर एनआईटी जमशेदपुर के स्टूडेंट सूरज ने ऐसा एप तैयार किया है, जो वज्रपात होने की सूचना पहले ही दे देगा। कार्यक्रम में शामिल स्टूडेंट्स के इन नए आइडियाज व इनोवेशन की धूम रही।

स्टार्टअप को 50 करोड़ का फंड

चीफ सेक्रेटरी डॉ। डीके तिवारी ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि आम जीवन में लगातार बढ़ रही समस्याओं को सुलझाने में नए आइडिया काफी अहम साबित होंगे। बताया कि राज्य सरकार ने स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए अनुदान समेत अन्य इंशेंटिव 50 करोड़ रुपए का कॉर्पस फंड स्थापित किया है। मौके पर सीएस ने बिल्डिंग मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया। इससे पहले सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने झारखंड स्टार्टअप पालिसी की जानकारी प्रतिभागियों को दी। कहा कि पांच-छह स्टार्टअप का चयन कर राज्य सरकार उसपर काम कर रही है।

जूनियर इनोवेटर चैलेंज प्रोग्राम

हैकथॉन के तहत ही जूनियर इनोवेटर चैलेंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव एपी सिंह तथा उच्च शिक्षा सचिव राजेश शर्मा ने इनोवेशन तथा स्टार्टअप में सूचना तकनीक विभाग के साथ मिलकर काम करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम को आइटी निदेशक उमेश साह, नैसकॉम के निरूपम चौधरी, अमेजॉन के सचिन पुनयानी आदि ने भी संबोधित किया

6 बेस्ट आइडियाज को सीएम देंगे एक-एक लाख

हैकथॉन के लिए 400 से अधिक आवेदन आए थे, जिनमें से 50 का चयन हुआ। इनमें से 46 युवा कार्यक्रम में पहुंचे। ये लगातार 24 घंटे अपने नए आइडिया को मूर्त रूप देंगे। रविवार को प्रेजेंटेशन के बाद छह श्रेष्ठ नए आइडिया को मुख्यमंत्री रघुवर दास एक-एक लाख रुपये प्रोत्साहन के रूप में देंगे। जूनियर इनोवेटर चैलेंज के तहत बच्चों के सर्वश्रेष्ठ मॉडल का भी चयन कर पुरस्कृत किया जाएगा।

ये हैं नए आइडियाज व इनोवेशन

- राहुल, शिवम व आशीष ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से क्वालिटीक नामक एक ऐसा एप तैयार कर रहे हैं जिसमें जमीन की खरीदारी, रजिस्ट्री व म्यूटेशन में होनेवाली देरी पर रोक लगेगी। इसके माध्यम से जमीन माफिया की करतूतों पर भी रोक लगेगी।

- बीआइटीके छात्र स्वप्निल सिन्हा व तन्मय रंजन द्वारा तैयार किया जा रहा स्पार्कल एप भी लोगों को वज्रपात से बचाएगा।

- डीएवी खूंटी के ही सातवीं कक्षा के छात्र वैभव कुमार ने एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जिसके माध्यम से रेलवे क्रासिंग पर स्वत: बैरियर लग जाएगा और हरी बत्ती जल जाएगी।

- डीएवी कोयलानगर, धनबाद के अभिज्ञान ने पानी टंकी के ओवर फ्लो होने पर पानी की बर्बादी रोकने के लिए स्मार्ट टैंक सिस्टम डेवलप किया है। इसके माध्यम से मोबाइल पर पता चल सकेगा कि टंकी में कितना पानी है। टंकी भर जाने पर मोबाइल से ही पानी चढ़ना बंद किया जा सकेगा।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.