...तो अब बदल लें तैयारी करने का तरीका

Jamshedpur: जैक ऑफ ऑल ट्रेड्स मास्टर ऑफ नन. आपने यह फ्रेज तो सुना ही होगा. अगर आप सिविल सर्विसेज का प्रिपेरेशन कर रहे हैं तो इसे याद कर लीजिए. अगर आप झारखंड सिविल सर्विसेज क्रैक कर डीएसपी बीडीओ या अन्य ऑफिसियल्स बनने का सपना देख रहे हैं तो आपको जैक ऑफ ऑल ट्रेड्स होना ही होगा. जेपीएससी ने सिक्स्थ सिविल सर्विसेज से मेन एग्जाम से ऑप्शनल पेपर को खत्म कर जीएस के पेपर बढ़ाने का डिसीजन लिया है. यानी अब आपको ऑप्शनल पेपर का मास्टर होने की जरूरत नहीं होगी.

Updated Date: Thu, 18 Apr 2013 05:37 AM (IST)

6th civil services से रिटेन एग्जाम का ऐसा होगा pattern
सिक्स्थ जेपीएससी सिविल सर्विसेज के रिटेन एग्जाम में ऑप्शनल सब्जेक्ट का पेपर नहीं होगा। चेंज्ड पैटर्न के तहत चार पेपर जीएस के होंगे इनमें फस्र्ट पेपर हिस्ट्री और ज्योगरफी का होगा। सेकेंड पेपर में इंडियन कंस्टीट्यूशन, पॉलिटी, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और गुड गवर्नेंस का होगा।
थर्ड पेपर में इंडियन इकॉनोमी, ग्लोबलाइजेशन, सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्वेश्चन होंगे और लास्ट एवं फोर्थ पेपर जेनरल साइंस, एन्वॉयरमेंट एंड टेक्नोलॉजी डेलवपमेंट से रिलेटेड होगा। सभी पेपर 200-200 माक्र्स के होंगे यानी जीएस के सभी पेपर्स 800 माक्र्स के और 100 माक्र्स का एक रिजनल लैंग्वेज का पेपर होगा। टोटल 900 माक्र्स के रिटेन के अलावा 100 माक्र्स का इंटरव्यू होगा। यानी मेन एग्जाम का कुल माक्र्स 1000 होगा। दसवीं के स्टेंडर्ड के 50-50 माक्र्स के जेनरल हिंदी
और इंग्लिश का पेपर होगा जो सिर्फ क्वालिफाइंग होगा।

Preparation के लिए मिलेगा कम से कम 15 महीने का समय
सिविल सर्विसेज के चेंज्ड पैटर्न से केंडीडेट्स को प्रॉब्लम न हो इसके लिए उन्हें आयोग द्वारा रिवाइज्ड पैटर्न पर प्रिपेरेशन के लिए कम से कम 15 महीने का समय दिया जाएगा। जेपीएससी सिक्स्थ सिविल सर्विसेज का नोटिफिकेशन 2014 में होना है, इसलिए केंडीडेट्स को इतना समय मिल जाएगा। आयोग ने अपने नोटिफिकेशन में एक्सपर्ट कमिटी की रिपोर्ट को कंसीडर करने और फिफ्थ सिविल सर्विसेज का रिटेन एग्जाम पुराने    पैटर्न पर ही कंडक्ट करने की बात कही है.     फिफ्थ सिविल सर्विसेज का नोटिफिकेशन अभी तक नहीं आया है।

ये तो होना ही था
जेपीएससी के इस स्टेप पर जब केंडीडेट्स का रिएक्शन जानने की कोशिश की गई तो ज्यादातर केंडीडेट्स का कहना था कि ऐसा आज न कल होना ही था क्योंकि कई स्टेट के पब्लिक सर्विस कमीशन ने ऐसा किया है.सिविल का प्रिपेरशन करने वाले कैशर कहते हैं कि जेपीएससी शुरू से ही यूपीएससी के पैटर्न को फॉलो करने की कोशिश करते
आया है। यूपीएससी में सिसैट इंप्लीमेंट होने के बाद जेपीएससी ने भी इसे लागू कर दिया। स्नेहा का कहना था कि नए पैटर्न के तहत भी सभी सब्जेक्ट्स की पढ़ाई करनी
होगी पर अब जीएस को ध्यान में रखकर ऐसा करना होगा। अब आपको हर सब्जेक्ट की जानकारी होनी जरूरी है।

For your help

जेपीएससी सिविल सर्विसेज मेन एग्जाम के नए पैटर्न पर प्रिपेरेशन करने के लिए आपको इन बातों का रखना होगा ख्याल
-सिर्फ जीएस के पेपर होंगे इसलिए किसी एक सब्जेक्ट में एक्सपरटाइज हासिल करने की कोशिश न करें
-जीएस में लगभग सभी सब्जेक्ट्स के क्वेश्चन पूछे जाएंगे इसलिए सभी सब्जेक्ट्स पर इक्वल ध्यान दें
-जीएस के पेपर के लिए एनसीईआरटी की बुक्स और न्यूज पेपर-मैगजीन से काफी हेल्प मिल सकती है
-अभी तक आपका जो भी ऑप्शनल पेपर रहा हो, कोशिश करें कि वह आपके जीएस के एग्जाम में फायदा पहुंचाए
-मेन एग्जाम का नया पैटर्न सिक्स्थ सिविल सर्विसेज के एग्जाम से इंप्लीमेंट होना है, इसलिए उसके अनुसार खुद को तैयार करने का आपके पास समय होगा

जेपीएससी के इस चैंज्ड पैटर्न से हमें ज्यादा आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि अब स्टेट सिविल सर्विसेज में इस पैटर्न को ही अपनाया जा रहा है।  
- कैशर
अब किसी भी में सब्जेक्ट में मास्टर बनने की जरूरत नहीं होगी। अब जीएस के पेपर के लिए सभी सब्जेक्ट्स पर बराबर ध्यान देना होगा।
- स्नेहा

मुझे लगता है कि कॉम्पीटीशन और टफ हो जाएगा। चाहे जितनी भी कोशिश की जाए साइंस और इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले केंडीडेट्स को इसका फायदा तो मिलेगा ही।
- डॉ वीणा प्रियदर्शी, एचओडी पॉलिटिकल साइंस ग्रेजुएट कॉलेज

मेन एग्जाम में ऑप्शनल पेपर होने का यह फायदा था कि केंडीडेट्स को उस सब्जेक्ट की अच्छे से जानकारी होती थी। अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
- डॉ रागिनी भूषण, एचओडी डिपार्टमेंट ऑफ संस्कृत केयू

Report by: amit.choudhary@inext.co.in

Posted By: Inextlive
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