अबू-धाबी से आए एनडीटीसीसीएस के सीनियर मेटलर्जिस्ट ऋषिकेश कुमार ने स्टूडेंट्स को दिए सुझाव.


जमशेदपुर (ब्यूरो): मेटलर्जी में असीम संभावनाएं हैं। आज मेटलर्जिस्ट नहीं मिल पा रहे हैं और उनके जॉब मैकेनिकल इंजीनियर कर रहे हैं। ऐसे में मेटलर्जी के विद्यार्थियों को अपने कोर विषय पर फोकस करना चाहिए। यह सुझाव अबू-धाबी से आए एनडीटीसीसीएस के सीनियर मेटलर्जिस्ट ऋषिकेश कुमार ने एनआईटी जमशेदपुर में धातुकर्म एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित &विशेषज्ञ संवाद -5&य के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। ऋषिकेश कुमार आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं।स्टूडेंट्स को दिए सुझाव कार्यक्रम में ऋषिकेश कुमार ने अपने पुराने अनुभव को ताजा करते हुए छात्रों को अपने सुझाव दिए एवं विदेशों में रोजगार अवसरों एवं उच्च शिक्षा संबंधी अवसरों से अवगत कराया। उन्होंने अबु-धाबी तथा खाड़ी देशों में जीवन संबंधी पहलुओं पर भी बातचीत की तथा छात्रों की शंकाओं का समाधान भी किया। उन्होंने विभिन्न समस्याओं के निदान हेतु अपने सुझाव भी छात्रों के समक्ष प्रस्तुत किए।दीप जलाकर शुरुआत
इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ विजय कुमार दल्ला ने सभी को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। इस दौरान डॉ रामकृष्णा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ विजय कुमार डल्ला, डॉ रामकृष्णा आदि उपस्थित रहे।

Posted By: Inextlive