झारखंड में एंटरप्रेन्योरशिप की संभावनाएं ज्यादा

Updated Date: Tue, 30 Jun 2020 12:36 PM (IST)

छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: पीजी डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस मैनेजमेंट कोल्हान यूनिवर्सिटी द्वारा राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इसका विषय था 'प्रॉब्लम एंड प्रोस्पेक्टस ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इन इंडिया'। वेबिनार के प्रारंभ में कॉमर्स के एचओडी डॉ दीपक कुमार मित्रा ने सभी का स्वागत किया। वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित एक्सएलआरआई के पूर्व प्रोफेसर प्रबाल सेन ने कहा कि झारखंड जैसे प्रदेश जहां खनिज का भंडार है वहां पर उद्यम लगाने की भी बहुत संभावना है। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं की उद्यम किसी निर्माणी संस्था हो, कृषि के क्षेत्र, मछली पालन के क्षेत्र, बागवानी के क्षेत्र, इत्यादि में भी उद्यम की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उदाहरण द्वारा समझाया कि हमारे संस्थान से पास एक छात्र ने मछली पालन में अपना उद्यम प्रारंभ किया और आज वो सफल है। उन्होंने कहा कि उद्यम जितने ज्यादा स्थापित होंगे रोजगार के अवसर उतने ही बढ़ेंगे। अलग-अलग मॉडल के अपने-अपने उद्यम होते हैं जिनकी संसाधनों की आवश्यकता उसके मॉडल पर निर्भर करती है। इसलिए, उद्यम अपनी कुशलता और जानकारी के अनुसार अलग अलग हो सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उद्यम की सफलता उद्यमी के विश्वास और ईमानदारी पर टिकी रहती है। स्वरोजगार उद्यम की आधारशिला है।

बन सकते हैं उद्यमी

इससे पूर्व केयू के वीसी प्रोफेसर (डॉ) गंगाधर पंडा ने वेबिनार में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि इस कोरोना काल में बहुत से बड़े-बड़े उद्योग बंद हो गए हैं। इस वजह से बहुत से कुशल श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। वे चाहें तो स्वयं एक उद्यमी बनकर औरों को भी रोजगार दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भी उद्यमी बनाने में बहुत ही मदद कर रही है। सरकार लोन के माध्यम से तथा प्रशिक्षण के माध्यम से भी एक कुशल श्रमिकों को उद्यमी बनने का मौका दे रही है। आत्मनिर्भर भारत का मकसद देश में अधिक से अधिक उद्यम स्थापित करना है।

इन्होंने लिया भाग

इस वेबिनार में असम से प्रोफेसर डॉ गौर गोपाल बानिक, छत्तीसगढ़, बंगाल, बिहार के प्रोफेसरों ने भी भाग लिया तथा कोल्हान विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ एस एन सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार मुरारी मिश्रा, कॉमर्स डीन डॉ केएम महतो, पीजी डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स के डॉ मुरारी लाल वैद्य, डीएसडब्ल्यू डॉ टीसीके रमण, एग्जामिनेशन कंट्रोलर डॉ पीके पाणी, कॉमर्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ विजय कुमार मिश्रा, कॉमर्स संकाय के बहुत सारे प्रोफेसर, रिसर्च स्कॉलर और स्टूडेंट्स शामिल हुए।

Posted By: Inextlive
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