तब तक नहीं थमेगा road accident

Updated Date: Sun, 16 Dec 2012 11:09 AM (IST)

Jamshedpur : ड्रंकेन ड्राइव इंडिया जैसी डेवलपिंग कंट्री के लिए एक खौफनाक सच है और इससे जूड़े हादसों के गवाह यूथ ही बन रहे हैं. जहां तक रोड सेफ्टी की सवाल है तो पूरी कंट्री के साथ ही अपनी सिटी में भी रोड सेफ्टी के लेकर कोई अवेयरनेस कैम्पेन नहीं चलाया जाता है. यह एक मेजर रीजन है जो शराब पीकर ड्राइव करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा कर रहा है.


ट्रैफिक पुलिस व ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के साथ ही स्कूल, एनसीसी व दूसरे आर्गनाइजेशंस द्वारा रोड सेफ्टी कैम्पेन तो अक्सर चलाए जाते रहते हैैं, लेकिन इसमें शराब पीकर व्हीकल ड्राइव करने के बारे में कोई बात नहीं होती है। यह कैम्पेन हेलमेट पहनने, कार की सीट बेल्ट बांधकर ड्राइव करने, ट्रैफिक सिग्नल को फॉलो करने तक ही सीमित होता है। इसमें कहीं भी ड्रंकेन ड्राइव का जिक्र ही नहीं होता। ट्रैफिक पुलिस के पास नहीं है कोई कारगर तरीकाट्रैफिक पुलिस द्वारा समय-समय पर हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया जाता रहा है, लेकिन एक्सीडेंट के मेजर फैक्टर डं्रकेन ड्राइव पर किसी का ध्यान नहीं जाता है। हालांकि पुलिस भी मानती है कि शराब पीकर ड्राइव करना एक्सीडेंट का मेजर कारण है, लेकिन जांच का कोई पैमाना न होने के कारण इस तरह के मामलों की जांच में भी परेशानी होती है। young drivers होते हैं high risk पर
ड्रंकेन ड्राइव से होने वाले रोड एक्सीडेंट का सही व एक्चूअल डाटा मिलना परेशानी का सबब है। अल्कोहल एंड ड्रग रिसर्च सेंटर, इंडिया (एआईडीसी) के सर्वे के मुताबिक कंट्री में होने वाले 40 परसेंट एक्सीडेंट अल्कोहल कंज्यूम करने के कारण ही होते हैैं। रिसर्च के मुताबिक इस तरह के एक्सीडेंट में यंग ड्राइवर्स हाई रिस्क पर होते हैं। Mindset में चेंज की जरूरत


अगर एनसीआरबी की रिपोर्ट पर नजर डालें तो पता चलता है कि डं्रकेन ड्राइव रोड एक्सीडेंट का एक मेजर फैक्टर है। इसमें सुधार के लिए ड्राइवर्स के माइंडसेट में चेंज लाने की जरूरत बतायी जा रही है। ऐसा भी किया जा सकता हैरोड एक्सीडेंट के मामले में लोगों को अवेयर करने के लिए बंगलुरू पुलिस द्वारा नया तरीका अपनाया जा रहा है। इसके तहत बंगलुरू ट्रैफिक पुलिस ने एक्सीडेंट में बुरी तरह डैमेज एक कार को डेमोंस्ट्रेट किया गया है और लोगों को यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि सही ढंग से या शराब पीकर ड्राइव करने से कार का ऐसा हश्र हो सकता है तो इसमें सवार की क्या स्थिति होगी। यह अपनी तरह का एक नया इनिशियेटिव है। खुद नशे में था दूसरे की ली जान

फरवरी 2012 में टेल्को-गोलमुरी रोड में हुई रोड एक्सीडेंट में एक 35 साल के युवक की डेथ हो गई थी, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मदन नामक युवक अपने दोस्त के साथ बाइक से आ रहा था। टर्निंग के पास एक कार ने उन्हें धक्का मार दिया। एक्सीडेंट में मदन की डेथ हो गई। घटना के बाद कार ड्राइवर कार छोडक़र भाग गया। जांच के दौरान पुलिस को उसमें से बीयर की बोतल मिली थी। ऐसा भी होता है14 दिसंबर की रात करीब 12 बजे एक कार ड्राइवर स्पीड में चलाते हुए डिमना रोड में डिवाइडर से टकरा गया। गंभीर रूप से घायल ड्राइवर को टीएमएच ले जाया गया था। जानकारी के मुताबिक उसने शराब पी रखी थी।58.9 percent accident का कारण है drunk drivingडब्लूएचओ द्वारा बंगलुरू बेस्ड नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (एनआईएमएचएएनएस) की ‘इंजूरी एंड अल्कोहल’ पर एक स्टडी के मुताबिक टोटल इंजूरी का 58.9 परसेंट अल्कोहल यूज के कारण होता है। इसमें 24 परसेंट एक्सीडेंट खुद पीकर ड्राइव करने के कारण व 35 परसेंट दूसरों द्वारा शराब के नशे में एक्सीडेंट के कारण होता है। इसी तरह नेशनल हाईवे पर होने वाले एक्सीडेंट में सबसे ज्यादा यानी 72 परसेंट एक्सीडेंट ड्रंकेन ड्राइव के कारण होता है।

---शराब पीकर व्हीकल ड्राइव करना एक्सीडेंट का मेजर कारण तो है ही, लेकिन जांच नहीं होने के कारण इस तरह के मामलों में परेशानी होती है। हालांकि हमने ब्रीथ एनालाइजर के लिए गवर्नमेंट को लिखा है। इस मामले में ट्रैफिक डीएसपी से भी बात हुई है। जल्द ही डं्रकेन ड्राइव के खिलाफ डिपार्टमेंट द्वारा कैंपेन चलाया जाएगा।
जॉर्ज कुमार, डीटीओ, जमशेदपुर

Posted By: Inextlive
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