-मार्केट एरिया में आधी सड़कों पर वाहन मालिकों को कब्जा

-प्रशासन के ढीले रवैये से लग रहा जाम, लोगों को परेशानी

JAMSHSEDPUR: सिटी में एक तरफ सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आधी सड़क पर गाडि़यों की पार्किग करने वालों का कब्जा रहता है। कई इलाकों में तो पार्किग भी अवैध रूप से चलाई जा रही है। इस वजह से हर दिन शहर में जाम लगता है। ऐसे में लोगों का मार्केट में चलना भी मुश्किल हो जाता है। सिटी में अवैध और बेतरतीब पार्किग को हटाने का जिम्मा जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (जेएनएसी) को दिया गया है, लेकिन अधिकारियों के ढुलमूल रवैये के कारण सड़क ही पार्किग जोन बन गया है।

सड़कों पर ही पार्क कर रहे गाडि़यां

जमशेदपुर नोटिफाइड ऐरिया कमेटी (जेएनएसी) के कई ईलाकों में मेन रोड पर ही लोग अपनी गाडि़यां पार्क कर रहे हैं। इनमें साकची स्थित बसंत टाकीज के पास के मेन रोड, साकची कोर्ट स्थित रमेश कुल्फी के सामने, बिष्टुपुर डेग्नल रोड, कमानी सेंटर समेत कई और इलाके शामिल हैं। जहां सड़कों पर पार्किग होने से जाम लग जाता है। सड़क पर दोनों ओर पार्किग होने से गाडि़यों के गुजरने में भी परेशानी होती है। स्कूलों की छुट्टी के वक्त तो भयानक जाम लगता है। इस वजह से स्कूली बच्चे भी घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं।

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पार्किग के नाम पर हो रही अवैध वसूली

-जेएनएसी की ओर से शहर में 16 पार्किग स्पॉट फिक्स किए गए हैं

-दर्जनों पार्किग इल्लीगल तरीके से संचालित किए जा रहे हैं

JAMSHSEDPUR: शहर में वाहन पार्किग के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। कांट्रैक्टर पार्किग के नाम पर मनमाना पैसा वसूल रहे हैं। पार्किग के लिए वसूले जाने वाले मनमाने रकम में जेएनएसी ऑफिस के आसपास के पार्किग स्पॉट भी शामिल हैं। जेएनएसी की ओर से शहर में क्म् पार्किग स्पॉट फिक्स किए गए हैं। वहीं दर्जनों पार्किग ऐसे है जो इल्लीगल रूप से संचालित हो रहे हैं।

एेसे करते हैं अवैध वसूली

पार्किग के लिए जेएनएसी की ओर से रेट तय किया गया है। साइकिल के लिए क्, टू व्हीलर के लिए ख्, थ्री व्हीलर के तीन और फोर व्हीलर के लिए भ् रुपए तय है। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। टू व्हीलर पार्किग के लिए भ् व क्0 रुपए, थ्री और फोर व्हीलर के लिए क्0 से ख्भ् रुपए तक की वसूली की जा रही है। पेटी कांट्रैक्टर इसकी रसीद भी देते हैं।

कांट्रैक्टर छपवाते हैं रसीद

जेएनएसी के टैक्स इंस्पेक्टर आयोध्या सिंह का कहना है कि कांट्रैक्टर खुद रसीद छपवाते हैं। जेएनएसी का काम सिर्फ मॉनिटरिंग करना है। लोगों की शिकायत पर हमलोग वेि1रफिकेशन करते हैं।

नहीं है नोटिस बोर्ड

किसी भी पार्किग स्थल पर नोटिस बोर्ड नहीं है। पार्किग के लिए निर्धारित रेट चार्ट भी किसी पार्किग में नहीं है। पार्किग के लिए वसूली कर रहे लोगों की पहचान के लिए आई कार्ड भी नहीं जारी किया गया है। टैक्स इंस्पेक्टर ने बताया कि बोर्ड लगा था लेकिन प्रिंटिंग मिस्टेक की वजह से हटा दिया गया है। जबकि सिटी के लोगों का कहना है कि उन्होंने किसी भी पार्किग स्पॉट पर कभी भी किसी तरह का बोर्ड नहीं देखा है।

शहर में पार्किंग की व्यवस्था तो है ही नहीं। लोग जहां-तहां गाडि़यां पार्क कर देते हैं। वहीं, एक-दो जगहों पर पार्किंग के लिए तय चार्ज से अधिक वसूला जाता है। यही कारण है कि लोग अपनी गाडि़यां कहीं भी पार्क कर देते हैं।

-रोहित रंजन सिंह

शीतला मंदिर से दिल्ली दरबार तक हर दिन जाम रहता है। वजह यहां भी वही है गाडि़यों की बेतरतीब पार्किग। इस रास्ते पर जाम लगने पर तो पुलिस भी गायब हो जाती है। इससे स्थिति और बिगड़ जाती है।

-फैजल फरहान

मानगो में हर वक्त जाम लगा रहता है। यहां की स्थिति तो ऐसी है कि घंटों जाम में खड़ा रहना पड़ता है। पार्किंग की व्यवस्था तो है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है और लोग अपनी मर्जी से गाडि़यां पार्क कर देते हैं।

-अविनाश कुमार

सड़कों पर पार्किंग होने की वजह से रोड चौड़ा होने का भी कोई फायदा नहीं हो रहा है। जेएनएसी वालों द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिए जाने से लोगों को इस रास्ते से गुजरने में काफी परेशानी होती है। अवैध पार्किग से लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है।

-राजा

आम बगान के आसपास का इलाका स्टूडेंट हब कहा जाता है, लेकिन यहां पार्किग की कोई व्यवस्था ही नहीं है। वहीं चोरी के डर से स्टूडेंट्स अपनी गाडि़यां रोड पर ही पार्क कर देते हैं।

-गोयेश अंसारी

अगर जाम और अवैध पार्किग से छुटकारा पाना है, तो सिटी में अंडर ग्राउंड पार्किग की सुविधा करनी होगी, ताकि गाडि़यों को रोड पर पार्क करने की बजाय लोग सेफ जोन में पार्क कर सकेंगे।

-आलम

मानगो में सिर्फ पायल टाकीज में पार्किग की सुविधा है। इसके अलावा पार्किग की फैसिलिटी नहीं होने से लोग कहीं भी गाडि़यां खड़ी कर देते हैं। इन इलाकों में जेएनएसी के अधिकारी भी ध्यान नहीं देते हैं।

-माइकल

सिटी में अंडर ग्राउंड पार्किंग की सुविधा सिर्फ बड़े-बड़े मॉलों में है। प्रशासन और टाटा कंपनी दोनों को मिलकर शहरवासियों के लिए पार्किग की सुविधा शुरू करनी चाहिए, ताकि सिटी को जाम मुक्त किया जा सके।

-अरुण कुमार अंसारी

ऑफिशियल स्टैंड

जेएनएसी की ओर से कम से कम रेट तय किया गया है, ताकि लोग आसानी से पैसे देकर वाहनों का पार्किग करें। जिससे वाहन सेफ रहता है। जहां तक बात है अवैध वसूली के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी जांच होगी। दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

-दीपक सहाय, विशेष पदाधिकारी, जेएनएसी

शहर में क्म् स्थानों पर पार्किग स्पॉट हैं। पार्किग के लिए क्, ख्, फ्, भ् रुपए पेमेंट करना है। बाइक के लिए ख् और फोर व्हीलर के लिए भ् रुपया रेट फिक्स है। यदि इससे अधिक पैसा लिया जा रहा है तो इसकी शिकायत करें, हम कार्रवाई करेंगे।

-अयोध्या सिंह, टैक्स इंस्पेक्टर, जेएनएसी

शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। सीनियर ऑफिसर्स की देखरेख में ट्रैफिक सिस्टम को दुरुस्त करने का काम भी चल रहा है। नो पार्किग जोन में व्हीकल पार्क करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है।

-विवेकानंद ठाकुर, ट्रैफिक डीएसपी

Posted By: Inextlive