एक भूल की सजा 30 साल बाद मिली

Updated Date: Mon, 25 Jan 2021 04:42 PM (IST)

RANCHI: तीस साल पहले बना आशियान अगर पल भर में टूट जाए तो खुद पर क्या बीतेगी, इसका सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है। इन दिनों कडरू के अशोक विहार एक्सटेंशन में रहनेवाले लोगों की भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। रांची नगर निगम ने इलाके में रहनेवाले 27 लोगों का घर तोड़ने का फरमान जारी कर दिया है। स्थानीय निवासी राजीव कुमार ने कहा कि उन्होंने अपने खून-पसीने की जीवन भर की कमाई घर बनाने में लगा दी। अपने उनका घर टूट जाएगा तो वे अपने परिवार के साथ कहां जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कॉलोनी बस रही थी तो रांची नगर निगम के अधिकारी कहां थे? राजीव कुमार ने बताया कि नगर निगम बार-बार नोटिस भेज कर कॉलोनी वालों को परेशान कर रहा है। नोटिस भेजने का सिलसिला तीन साल पहले शुरू हुआ था।

26 के बाद कार्रवाई

अशोक विहार एक्सटेंशन में रहनेवाले 27 लोगों को रांची नगर निगम का नोटिस मिला है। इसमें नाले का अतिक्रमण कर घर बनाने की बात कही गई है। इन लोगों को एक हफ्ते में का नक्शा जमा करने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर मकान तोड़ने की चेतावनी भी दी गई है। 26 जनवरी के बाद इस पर कार्रवाई शुरू होगी। इधर, अशोक विहार के लोगों का कहना है उन्होंने नगर निगम में अपना पक्ष्ा रखा है।

जमीन बेच कर चला गया ब्रोकर

अशोक विहार एक्सटेंशन को बसे हुए 30 साल से ज्यादा वक्त गुजर गया है। राजधानी बनने से पहले यहां ज्यादा घर नहीं थे, सिर्फ खेत था, नाले का पानी बहता था। झारखंड अलग राज्य बनने के बाद यहां जमीन की बिक्री में तेजी आई। ब्रोकर ने धड़ाधड़ जमीन बेचना शुरू कर दिया। ब्रोकर तो जमीन बेच कर चला गया है, परेशानी यहां रहने वालों के लिए खड़ी हो गई। कॉलोनी के लोग सहमे हुए हैं, न जाने कब निगम का बुलडोजर उनके घर पर चल जाए। अशोक विहार एक्सटेंशन कॉलोनी में 50 से ज्यादा घर हैं, लेकिन नगर निगम के सर्वे रिर्पोट में 27 मकान नाले के ऊपर बनाए हुए पाए गए हैं। उन सभी को निगम ने नोटिस भेजा है। यहां रहनेवाले लोगों का दावा है कि उन्होंने नगर निगम से नक्शा पास कराने के बाद ही घर बनवाया है। ऐसे में यदि कोई कार्रवाई होती है इसमें नगर निगम भी दोषी है।

चार फीट का है नाला

अशोक विहार एक्सटेंशन कॉलोनी से होकर बहनेवाला नाला चार फीट चौड़ा और करीब छह फीट गहरा है। नाला कडरू ब्रिज के नीचे से बहते हुए स्वर्णरेखा नदी में जाकर मिल जाता है। इसी नाले के अतिक्रमण को लेकर यह पूरा मामला शुरू हुआ है। कॉलोनी के अंदर नाले की चौड़ाई चार फीट है। एक साल पहले नगर निगम ने भी इस इलाके में नाले का निर्माण कराया है वह भी चार फीट का ही है। इसी बात को लेकर यहां के लोगों में आपत्ति है कि जब रांची नगर निगम ने खुद चार फीट के नाले का निर्माण किया है तो फिर आम लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है। जिन लोगों को नोटिस मिला है वे सभी लोकल पार्षद की मदद से निगम में अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रहे हैं।

क्या कहते हैं लोग

नोटिस का जबाव हम सभी लोगों ने दे दिया है। नगर निगम ने चार फीट का नाला बनवाया है। अब यदि मैं अपने घर की बाउंड्री तोड़ भी देता हूं तो मेरे घर के सामने तालाबे जैसी स्थिति हो जाएगी। अभी भी जब बारिश होती है तो नाले का पानी मेरे घर में चला आता है। बाउंड्री तोड़ने के बाद हालत और ज्यादा खराब हो जाएगी।

- राजीव कुमार

कॉलोनी में रहनेवाले लोगों ने नाला छोड़ कर घर बनवाया है। अब यदि नाले के एन्क्रॉचमेंट की बात आ रही है तो इसका कसूरवार रांची नगर निगम है। जब कॉलोनी बसती है उस वक्त निगम के पदाधिकारी खुद वहां बैठकर कंस्ट्रक्शन का काम कराते हौं, लेकिन बाद में फिर उन्हीं लोगों को परेशान किया जाता है।

- एक सिन्हा

Posted By: Inextlive
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