प्राइवेट में कोविड टेस्ट का चार्ज होगा कम

2020-05-29T14:30:06Z

RANCHI: रांची में कोविड-19 टेस्ट प्राइवेट लैब से कराना सस्ता होगा। अभी प्राइवेट लैब एक टेस्ट का चार्ज 4500 रुपए ले रहे हैं। इसे कम करने के लिए राज्य सरकार प्राइवेट लैब के साथ नेगोशिएट कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने बताया कि आईसीएमआर ने 4500 रुपए में टेस्ट करने की मंजूरी दी थी। अब इस रेट को नेगोशिएट करने की अनुमति दे दी गई है। अब राज्य सरकार प्राइवेट लैब के साथ नेगोशिएट कर रही है। कई अन्य प्राइवेट लैब से संपर्क किया गया है और उनसे पूछा गया है कि वे कितने कम में टेस्ट कर सकते हैं? स्वास्थ्य विभाग ने उन्हीं लैब से नेगोशिएशन शुरू किया है, जो आईसीएमआर से अप्रूव्ड हैं।

ऑथराइज लैब को भी दाम कम करना होगा

डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने बताया कि आईसीएमआर ने प्राइवेट लैब के टेस्ट करने के लिए 4500 रुपए के अप्रूव्ड रेट को वापस ले लिया है। साथ ही राज्य सरकार को प्राइवेट लैब से टेस्ट कराने के लिए नेगोशिएशन करने की अनुमति दे दी है। अब झारखंड सरकार चार प्राइवेट लैब से नेगोशिएशन कर रही है, ताकि मौजूदा दर से कम में लोगों का टेस्ट हो सके।

कम पैसे में अधिक टेस्ट हो

डॉ नितिन मदन कुलकर्णी बताते हैं अभी झारखंड में 4 प्राइवेट लैब के अलावा कई सरकारी अस्पताल में कोविड-19 का टेस्ट हो रहा है। ज्यादा से ज्यादा लोगों का टेस्ट हो सके, इसके लिए राज्य सरकार चार ऑथराइज्ड प्राइवेट लैब के अलावा दूसरे नए प्राइवेट लैब से भी संपर्क कर रही है। नए लैब्स अगर राजी हो जाते हैं, तो उन्हें झारखंड के लोगों का सैंपल कलेक्ट करने की इजाजत दी जाएगी।

आईसीएमआर ने दाम कम करने का दिया है सुझाव

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने कोरोना के टेस्ट की कीमत कम करने का सुझाव दिया है। कोरोना की जांच के लिए अभी तक देश में आरटी-पीसीआर की कीमत 4,500 रुपये तय कर रखी गई थी, लेकिन अब कम करने की बात कही जा रही है। आईसीएमआर ने सभी राज्यों से कहा है कि वह प्राइवेट लैब के साथ बातचीत कर टेस्ट की एक कीमत तय करें, जिससे कोरोना के और ज्यादा टेस्ट किए जा सकें।

किट की कीमत भी कम हो रही है

आईसीएमआर ने राज्यों को जो पत्र लिखा है, उसमें कहा गया है कि अब देश में कई कंपनियां जांच किट तैयार करने में जुटी हैं। इसके चलते किट को बाजार में उतारने के लिए इनकी कीमतें भी तेजी से कम हो रही हैं। ऐसे में जब किट सस्ते में मिलने लगे हैं, तो लैब को भी टेस्ट के दाम घटाने की जरूरत है।

महंगा पड़ रहा है टेस्ट

अभी प्राइवेट लैब कोविड-19 टेस्ट के लिए 4500 रुपए लिए जा रहे हैं, जो काफी महंगा है। घर पर किसी एक व्यक्ति में भी कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं, तो परिवार के सभी सदस्यों का टेस्ट कराने की नौबत आ जाती है। अगर सरकारी सिस्टम टेस्ट कराने को तैयार न हो, या फिर लाइनों में लगकर और लंबे इंतजार के बाद टेस्ट कराना मुमकिन नहीं हो रहा हो तो बहुत से लोग केवल प्राइवेट लैब्स के भरोसे रह जाते हैं। ऐसे में अगर लैब जांच की कीमत को घटा लेते हैं, तो लोगों को सहूलियत होगी।

अभी 4 प्राइवेट लैब्स कर रहे हैं टेस्ट

झारखंड में 4 प्राइवेट लैब कोविड 19 का टेस्ट कर रहे हैं डॉ लाल पैथ लैब्स, पाथ काइंड, एसआरएल लिमिटेड और कोर डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लैब में टेस्ट हो रहा है। 4500 रुपए टेस्ट का दाम लिया जा रहा है। अब राज्य सरकार दोबारा से लैब के साथ नेगोशिएशन कर रही है कि वह टेस्ट फीस कम कर दें।

अब तक 55 हजार टेस्ट हुए

झारखंड में फिलहाल प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों को मिलाकर करीब 64 हजार सैंपल कलेक्ट किए गए हैं। इसमें से करीब 55 हजार सैंपल का टेस्ट भी किया जा चुका है।

झारखंड में जो प्राइवेट लैब पहले से टेस्ट कर रहे थे, उन्हें भी दोबारा प्रस्ताव देने को कहा गया है। उनसे पूछा गया है कि वे कितने कम दाम पर टेस्ट कर सकते हैं। साथ ही और भी नए प्राइवेट लैब को झारखंड में टेस्ट करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक टेस्ट हो सके।

डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग

Posted By: Inextlive

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.