अब सभी पंचायतों में हाईस्पीड इंटरनेट

Updated Date: Fri, 16 Feb 2018 07:00 AM (IST)

कैबिनेट का फैसला

-भारत नेट परियोजना फेज 2 के तहत शेष बचे 11 जिलों में मार्च तक पहुंचाई जाएगी इंटरनेट सुविधा

-26 पावर ग्रिड के माध्यम से राज्य में दुरुस्त होगी बिजली व्यवस्था

-किसानों के लिए 5 हजार मीट्रिक टन क्षमता के छह बड़े कोल्ड स्टोरेज बनेंगे

रांची : सरकार ने राज्य की सभी 4423 ग्राम पंचायतों में हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। भारत नेट परियोजना फेज-2 के तहत 11 और जिलों को इसमें शामिल कर लिया गया है और इन जिलों में मार्च 2019 तक इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजना के लिए चयनित जिलों में भारत सरकार से 420.44 करोड़ रुपये मिले हैं। झारखंड कम्युनिकेशन नेटवर्क लिमिटेड इस योजना को मूर्तरूप देगा। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर स्कूल, कॉलेज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र आदि सरकारी संस्थानों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके पूर्व भारत नेट परियोजना के पहले फेज के तहत राज्य के 13 जिलों में काम चल रहा था और अब 11 जिलों का चयन हुआ है।

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इन जिलों में मिलेगी सुविधा :

गुमला, सिमडेगा, प। सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पाकुड़, खूंटी, गोड्डा, दुमका, जामताड़ा, चतरा और गढ़वा।

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विश्व बैंक से लिया जाएगा ऋण :

राज्य में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने राज्य में 26 जगहों पर 33 केवीए लाइन पावर ग्रिड बनाने का निर्णय लिया है। ऊर्जा संचरण इकाइयों के निर्माण में कुल 2655.81 करोड़ की लागत आएगी और इसके लिए 70 फीसद राशि लगभग 1859.07 करोड़ रुपये विश्व बैंक से ऋण लेने का निर्णय लिया गया है। शेष राशि सरकार अपने स्त्रोतों से देगी। इसके साथ ही राज्य में 5 हजार मीट्रिक टन के छह नए कोल्ड स्टोरेज बनेंगे। ये कोल्ड स्टोरेज लोहरदगा, बोकारो, चतरा, पूर्वी सिंहभूम, पलामू और साहेबगंज में बनेंगे। इसकी लागत 46.32 करोड़ रुपये होगी। इसके पूर्व देवघर, गिरिडीह, रांची और गुमला में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज के लिए अतिरिक्त 30.91 करोड़ रुपये दिए गए हैं। गिरिडीह में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज अब राजधनवार की जगह मंगरोडीह में बनेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में पूर्व से चयनित आपूर्तिकर्ता को अगले तीन महीने के लिए अवधि विस्तार दी गई है। कैबिनेट ने राज्य कौशल नीति 2018 को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत पांच लाख युवक-युवतियों के कौशल विकास का लक्ष्य साधने के लिए नीतियां बनेगी और कार्रवाई होगी।

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अन्य फैसले

- सेंट्रल इंस्टीच्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनिय¨रग एंड टेक्नालॉजी की स्थापना के लिए राज्यांश की राशि बैंक खाते में हस्तांतरित करने की स्वीकृति।

- कृषि पशुपालन सहकारिता विभाग के द्वारा वर्ष 2017-18 के लिए लैम्पस / पैक्स में कार्यालय सह गोदाम निर्माण के लिए कुल 44.00 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति।

Posted By: Inextlive
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