विभाग ने हॉस्पिटल को अपग्रेड करने के लिए जारी की राशि. मॉडर्न फैसिलिटीज से लैस होगा. प्राइवेट हॉस्पिटल जैसी मिलेगी सर्विस. कोरोना काल में अहम साबित हुआ था सैनेटोरियम. 70.26 लाख से कराया जाएगा कायाकल्प.


रांची(ब्यूरो)। इटकी स्थित टीबी सैनेटोरियम को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की तर्ज पर डेवलप किया जाएगा। इस हॉस्पिटल को अपग्रेड करने के लिए विभाग ने 70 लाख 26 हजार रुपए आवंटित किया है। इससे हॉस्पिटल में वाटर सप्लाई, बिजली समेत अन्य सुविधाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। आने वाले दिनों में यहां हॉस्पिटल से रिलेटेड सभी हाईटेक फैसिलिटीज उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे मरीजों को इलाज में कोई परेशानी नहीं होगी। यहां प्राइवेट हॉस्पिटल जैसी फैसिलिटीज दी जाएगी। डेवलपमेंट का रास्ता साफ
यह योजना कई साल पहले ही तैयार की गई थी, लेकिन विभिन्न रुकावटों के कारण इसमें अड़चने आती गईं। अब इसके डेवलपमेंट का रास्ता साफ हो गया है। हॉस्पिटल को इस तरह डेवलप किया जा रहा है, जहां टीबी के अलावा सांस संबंधी सभी बीमारियों के इलाज की भी व्यवस्था होगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस हॉस्पिटल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि इस सेंटर में आईआरएल लैब भी है, जिसमें कई तरह के टेस्ट किए जाते हैं। इटकी टीबी सैनेटोरियम में मैन पावर बढ़ाने व संसाधनों को दुरुस्त करने की दिशा में काम चल रहा है। कोरोना काल में उपयोगी रहा सेंटर


कोरोना काल में यह सेंटर काफी उपयोगी साबित हुआ था। यहां संक्रमित मरीजों को भर्ती कर उनका ट्रीटमेंट किया जाता था। इसे देखते हुए यहां ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की भी व्यवस्था की गई थी, जो अब यहां के मरीजों के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इटकी आरोग्यशाला के लिए मैन पावर व संसाधनों से संबंधित एक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसकी भूमि का सीमांकन कर नक्शा के साथ दस्तावेज भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। आने वाले दिनों में 70 एकड़ जमीन पर फैले इस एरिया के 27 एकड़ में हॉस्पिटल और दूसरी सुविधाएं मिलेंगी। हेल्थ से संबंधित कई और सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है, जिसे पीपीपी मोड पर संचालित किया जाएगा। राज्य सरकार निजी कंपनियों और संस्थानों को आकर्षित करने के लिए कई रियायतें भी देंगी। मेडिकल हब के रूप में होगा डेवलप

टीबी सैनेटोरियम की जमीन पर मेडिको सिटी को चार प्रोजेक्ट के आधार पर विभाजित कर विकसित किया जाएगा। इसके तहत प्रोजेक्ट ए में मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, प्रोजेक्ट बी में मेडिकल एजुकेशनल हब, प्रोजेक्ट सी में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और प्रोजेक्ट डी में आयुर्वेद सेंटर बनाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में 85 परसेंट सीट झारखंड के स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित होंगी। बाकी 20 परसेंट सीट पर स्टूडेंट्स का एडमिशन स्वास्थ्य विभाग द्वारा तय की गई फीस के आधार पर होगा। मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल में 30 परसेंट बेड बीपीएल मरीजों के लिए आरक्षित होंगे। मेडिकल एजुकेशन हब के तहत नर्सिग में बीएससी और एमएससी की पढ़ाई होगी। बीएससी नर्सिग में 100 सीट और एमएससी नर्सिंग में 60 सीट होंगी। इनमें से 15 परसेंट सीट राज्य सरकार के सेलेक्टेड स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित रहेंगी।

Posted By: Inextlive