झारखंड विधानसभा चुनाव 2019: कहीं मोबाइल ही काफी, तो कहीं आईडी मांगने पर हुआ बवाल

Updated Date: Fri, 13 Dec 2019 05:45 AM (IST)

RANCHI: पॉलिटिकल हों या नन पॉलिटिकल, वोट के दिन सभी का उत्साह चरम पर रहता है। गुरुवार को भी राजधानी के लोगों का उत्साह 'मॉकटेल' की तरह स्वाद देता रहा। कुछ खट्टे, तो कुछ मीठे एक्सपीरिएंस के साथ लोगों ने मतदान किया। सुबह-सुबह जहां लोगों की खूब भीड़ देखने को मिली, वहीं ढलते दिन के साथ लाइन से लोग गायब होते चले गए। नतीजा यह हुआ कि जिन 17 सीटों के लिए वोटिंग हुई, उनमें से रांची में सबसे कम वोटर्स टर्नआउट देखने को मिला। वोटिंग के दौरान हाईटेक होते लोगों की सूझबूझ के कारण काम आसान हुआ, तो कहीं-कहीं आईडी कार्ड फिजिकली प्रेजेंट करने के डिमांड पर बवाल भी हुआ। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इतने इंतजाम जरूर किए गए थे कि कहीं, कोई मतदाता वोट देने से वंचित न होने पाए। अपेक्षाकृत कम वोटिंग होने पर दिन भर प्रत्याशियों की धड़कन तेज रही। ज्यादातर प्रत्याशी एक बूथ से दूसरे बूथ का हाल-चाल लेते नजर आए। वे लगातार फोन पर बीजी भी थे। लोगों से हालचाल जान रहे थे। 'दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट' की टीम ने इस दौरान शहर के प्रमुख इलाकों में स्थित बूथों का जायजा लिया। यहां प्रस्तुत है कुछ चुनिंदा बूथों से लाइव रिपोर्ट:

वोट के बदले मिला 'ब्लीचिंग'

बूथ का नाम - राजकीयकृत हिन्दी कन्या मध्य विद्यालय, पहाड़ी टोला

समय - दिन के 11 बजे

बूथ के ठीक सामने एक पार्क में कुछ युवक जमा थे। बातचीत चल रही थी। एक ने कहा कि वोटिंग की रफ्तार काफी धीमी है, वैसे भी क्या मिलता है वोट करने से? दूसरे ने जवाब दिया, मिला न सामने देखो, कितना ब्लीचिंग पाउडर छिड़कवाया है चुनाव आयोग। कभी देखी थी इतना सफाई। सालों भर कीचड़ से यहां सामना होता था, कम से कम वोट के दिन तो साफ-सुथरा दिख रहा है न। इस बीच छोटे बच्चों के साथ भी कई लोग वोट करने के लिए आए थे। उनसे बुजुर्ग पूछ रहे थे, बड़े होकर वोट दोगे न? बच्चों का जवाब था, जरूर देंगे अंकल, वोट देना जरूरी है एक अच्छे फ्यूचर के लिए।

मोबाइल में ही आईडी दिखा दीजिए

बूथ का नाम : शिवनारायण कन्या पाठशाला, अपर बाजार

समय : दिन के 11.30 बजे

वोट देने आए लोगों की पहचान बीएलओ और मतदान अभिकर्ता मोबाइल से ही वेरिफाई करते नजर आए। इसी दौरान एक व्यक्ति ने बूथ के बाहर बैठे एजेंट्स से कहा कि उसके पास कोई आईडी नहीं है। पुराना आईडी कार्ड भुला गया है। इस पर एजेंट ने पूछा कि क्या मोबाइल में फोटो खींच कर रखे हैं? वोटर ने तुरंत मोबाइल निकालकर उसे दिखाया। मतदाता पर्ची और मोबाइल के फोटो से मिलान करने के बाद एजेंट्स ने उन्हें तुरंत वेरिफाई कर लिया। इसे देख रहे लोगों ने भी पूरे प्रोसेस की सराहना की। लोग कह रहे थे, चुनाव आयोग ने बहुत अच्छा इंतजाम कर रखा है। पहले ऐसा नहीं होता था। अब बहुत सुविधा हो गई है।

लाइन न लगना पड़े, ऐसा बूथ बताइए

बूथ का नाम : उर्दू प्राथमिक विद्यालय, पथलकुदवा

समय : दिन के 1.10 बजे

यहां सुबह से ही लोगों की अच्छी-खासी भीड़ थी। चार अलग-अलग बूथों पर लंबी-लंबी लाइन थी। कुछ लोग 'क्यू मैनेजमेंट' स्लिप लेकर बाहर धूप का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने बूथ एजेंट से पूछा कि कोई ऐसी जगह बताइए, जहां लाइन न लगना पड़े। एजेंट ने जवाब दिया कि आप 50 नंबर पर चले जाइए। महिला ने बताया कि वहां तो उसका नाम ही नहीं है। इस पर एजेंट ने कहा कि यही तो समस्या है, आपको वहीं वोट देना होगा, जहां की लिस्ट में आपका नाम होगा। अगर लाइन में नहीं लगना है, तो क्यू मैनेजमेंट स्लिप लीजिए और बाहर धूप में आराम फरमाइए। महिला ने भी बात मान ली और धूप सेकने बैठ गई।

Posted By: Inextlive
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