जमीन की कीमत आसमां पर

Updated Date: Wed, 08 Jul 2020 10:36 AM (IST)

- अगस्त से जमीन की कीमत बढ़ाने की तैयारी, हर दो साल में बढ़ाई जाती है कीमत

- इस बार राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए बढ़ाई जा सकती है दरें

- सिटी में फ्लैट के दाम भी बढ़ेंगे

- रजिस्ट्री कराना भी होगा महंगा

- शहर और आसपास के क्षेत्र में सरकारी दर में बढ़ोत्तरी की संभावना

- 10 प्रतिशत तक हो सकती है बढ़ोत्तरी

अगस्त के महीने से जमीन खरीदना 10 फीसदी तक महंगा हो सकता है। राज्य सरकार जमीन की सरकारी दरों में बढ़ोत्तरी करने जा रही है। नियम तो यह है कि हर दो साल में जमीन की कीमत बढ़ाई जाती है, लेकिन इस बार कोरोना के कारण सरकार को हुई राजस्व की क्षति के कारण एक साल में ही जमीन की कीमत की समीक्षा की जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में इसे लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। संभावना है कि पहली अगस्त से ही जमीन की कीमत में दस फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी जाएगी।

इन इलाकों के रेट बढ़ेंगे

रांची में शहरी क्षेत्र की जमीन और फ्लैट के रेट में एक अगस्त से बढ़ोतरी हो सकती है। रांची नगर निगम क्षेत्र में स्थित 53 वार्ड (एचईसी के छह वार्ड छोड़कर) सहित कांके, नगड़ी, रातू, बुंडू, तमाड़, ओरमांझी, नामकुम, अनगड़ा, सिल्ली, मांडर, खलारी आदि में जमीन के रेट में 10 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है।

महंगा हो जाएगा रजिस्ट्री कराना

एक अगस्त से शहरी क्षेत्र की जमीन व फ्लैट की रजिस्ट्री नए रेट पर होती है तो इसका सीधा असर जमीन-फ्लैट खरीदारों पर पड़ेगा। क्योंकि उन्हें प्रॅपर्टी की रजिस्ट्री के लिए अधिक स्टांप व कोर्ट फीस चुकाना होगा।

दो साल में कीमत बढ़ाने का फैसला

झारखंड सरकार ने जमीन और फ्लैट के रेट में हो रही बेतहाशा वृद्धि को रोकने के लिए दो वषरें के अंतराल पर जमीन-फ्लैट के सरकारी मूल्य में बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया था। पहले शहरी क्षेत्र की जमीन-फ्लैट की सरकारी दर में प्रत्येक वर्ष बढ़ोत्तरी होती थी और ग्रामीण क्षेत्र की जमीन के रेट में दो वर्ष के अंतराल पर। सरकार ने इस फैसले को बदलते हुए दो साल में रेट बढ़ाने का निर्णय लिया था। वर्ष 2019 में शहरी क्षेत्र की जमीन-फ्लैट के रेट में बढ़ोत्तरी हुई थी। इसलिए इस वर्ष इसमें कोई बदलाव नहीं करना था, लेकिन इस वर्ष भी शहरी क्षेत्र की जमीन व फ्लैट के मूल्य में बढ़ोत्तरी की जाएगी।

वर्तमान में है यह रेट

डोरंडा, हिनू क्षेत्र में जमीन-फ्लैट का रेट सबसे अधिक है, क्योंकि वर्तमान में यह क्षेत्र वार्ड नंबर 47 में आता है। यहां पर कॉमर्शियल जमीन का सरकारी रेट 17.92 लाख रुपए प्रति डिसमिल है। जबकि होटवार-गाड़ी गांव में सबसे कम 3.89 लाख रुपए प्रति डिसमिल है। थड़पखना, एमजी रोड सहित आसपास के क्षेत्र में जमीन का सरकारी रेट 16 लाख रुपए प्रति डिसमिल है। इधर, कचहरी रोड में फ्लैट के रेट में सबसे अधिक बढ़ोत्तरी होने की संभावना है, क्योंकि वर्तमान में 5221 रुपए प्रति वर्गफुट सरकारी रेट है।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.