रांची रेलवे स्टेशन पर जानबूझ कर खराब कर दी गई वाटर वेंडिंग मशीन. वेंडर्स की कमाई खा रही थी मार अब जमकर हो रही है बोतलबंद पानी की बिक्री. एस्केलेटर भी कुली के चक्कर में रोक दी गई पग-पग पर पैसे का खेल.


रांची(ब्यूरो)। यदि आप टे्रन से सफर करने का प्लान कर रहे हैं तो पीने का पानी अपने साथ जरूर लेकर निकलें। क्योंकि राजधानी के रेलवे स्टेशन पर आपको ठंडा तो दूर की बात शुद्ध पानी भी नसीब नहीं होगा। पानी लेने के लिए आपको अपनी जेब हल्की करनी पड़ेगी। रेलवे स्टेशन जैसे स्थान पर शुद्ध पानी का न होना बड़े दुर्भाग्य की बात है। यहां लोगों की सुविधा को देखते हुए वाटर वेंडिंग मशीन लगाई गई थी। लेकिन बीते कई महीनों से यह खराब पड़ी है, जिसका फायदा स्टेशन के अंदर छोटे-छोटे काउंटर वाले उठा रहे हैं। जिस मशीन से मात्र पांच रुपए में ठंडा और शुद्ध पानी मिल सकता था। उसके लिए लोगों को 15 से 20 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। यहां सफर के लिए आने वाले लोगों ने बताया कि अपनी दुकानदारी चलाने के लिए यहां के जिम्मेदार लोगों ने मशीन खराब कर रखी है।
रेलवे की व्यवस्था फेल


रेलवे स्टेशन की ओर से स्टेशन के अलग-अलग स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की गई है। लेकिन इसकी भी हालत कुछ खास अच्छी नहीं है। पानी की निकासी जाम होने के कारण यहां गंदा पानी जमा रहता है। इसी गंदे पानी के पास खड़े होकर लोग मजबूरन पानी पीते हैं। यात्री इन्हीं टोटियों से निकलने वाले गर्म पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। दावा वल्र्ड क्लास स्टेशन बनाने कारांची रेलवे स्टेशन को वल्र्ड क्लास बनाने का दावा किया जाता है। लेकिन इसकी हकीकत कुछ और ही है। यहां यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं भी मुहैया नहीं हो रही हैं। राजधानी के रेलवे स्टेशन में सिर्फ पानी की ही समस्या नहीं, बल्कि अन्य सुविधाओं की भी कमी नजर आती है। जेनरल कोच के यात्रियों को टिकट लेने में होने वाली परेशानियों को देखते हुए ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन(एटीवीएम) लगाई गई थी। लेकिन यह मशीन अब सिर्फ शोपीस बन कर रह गई है। वहीं स्टेशन पर मोबाइल चार्जिंग के लिए बॉक्स बनाया गया है, लेकिन यहां पावर सप्लाई ही नहीं है। टर्मिनेशन के बाद व्यवस्था नदारद

रेलवे स्टेशन पर पांच रुपए में एक लीटर ठंडा पानी देने के लिए आईआरसीटीसी की ओर से व्यवस्था की गई थी। लेकिन वाटर वेंडिंग की सेवा देने वाली कंपनी पर बकाया होने कीवजह से उसे टर्मिनेट करते हुए ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। बीते 21 मार्च को ही कंपनी को रेल प्रशासन ने ब्लैकलिस्टेड किया है। लेकिन अब तक ठंडे पानी की कोई दूसरी व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि, रेल पदाधिकारी का कहना है कि यात्रियों के पानी की समस्या को जल्द दूर किया जाएगा। फिलहाल दूसरे माध्यम से पानी की व्यवस्था कराई जा रही है। एस्केलेटर रहता है बंदरांची रेलवे स्टेशन एस्केलेटर भी लगा है। लेकिन यह भी ज्यादातर समय बंद रहता है। खास कर जिस समय पैसेंजर की संख्या ज्यादा होती है उसी वक्त एस्केलेटर बंद कर दिया जाता है। बच्चे, बूढ़े सभी सीढ़ी का प्रयोग करते हुए नीचे उतरते हैं। एस्केलेटर को भी सीढ़ी की तरह लोग इस्तेमाल करते हैं। गुरुवार को ऐसी ही तस्वीर दिखी। हटिया पटना एक्सप्रेस जब सुबह प्लेटफार्म नंबर चार पर आकर रुकी। उसके बाद यात्री बाहर निकलने के लिए पहले फूट ओवरब्रिज का प्रयोग किए। लेकिन नीचे उतरने के लिए जब एस्केलटर और लिफ्ट के पास गए तो दोनो बंद थी। भारी-भरकम सामान लेकर लोग पहले फूट ओवर ब्रिज से होते हुए नीचे उतरे। इस संबंध में डीआरएम प्रदीप गुप्ता ने इसे दिखवाने का आश्वासन दिया।

रेलवे स्टेशन पर वाटर कूलर लगाया जा रहा है। हटिया में दो और रांची रेलवे स्टेशन में तीन वाटर कूलर लगाए जाएंगे। इनसे कोई भी व्यक्ति फ्री में पीने का ठंडा पानी ले सकता है। -प्रदीप गुप्ता, डीआरएम, रांची रेल मंडल

Posted By: Inextlive