स्कूलों के बाहर नो जंकफूड

Updated Date: Thu, 29 Oct 2020 12:08 PM (IST)

RANCHI:स्कूलों के बाहर अब जंकफूड या फास्ट फूड की दुकान खोली तो वो गैरकानूनी माना जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। जी हां, बच्चों में बढ़ती बीमारी, बिगड़ रही सेहत और इंफेक्शन को देखते हुए अब स्कूलों के बाहर जंक फूड और फास्ट फूड बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। स्कूल के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड और फास्ट फूड बेचने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने स्कूल के बाहर किसी तरह का समोसा, चाट, फुचका, चाऊमीन, चिली, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम आदि बेचना बैन कर दिया है। वहीं, वसायुक्त सभी फूड आइटम बेचने पर रोक लगा दी गई है। इसे लेकर एसडीओ की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को इस संबंध में नोटिस भेज दिया है। नोटिस को स्कूल के गेट पर चिपकाने को कहा गया है। वहीं स्कूल कैंपस में बिकने वाले फूड आइटम की क्वालिटी चेक कर ही बेचने की परमिशन देने को कहा गया है।

एजुकेशन डिपार्टमेंट को लेटर

स्वास्थ्य विभाग की ओर से एजुकेशन डिपार्टमेंट को स्कूल के बाहर सभी जंक और फास्ट फूड की बिक्री पर रोक लगाने के लिए लेटर लिखा गया है। एजुकेशन डिपार्टमेंट के लेटर पर ही संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों को इस पर ध्यान देने को कहा है। साथ ही स्कूल संचालकों को इस पर सख्ती बरतने का भी निर्देश दिया है। वहीं स्कूल कैंपस में भी जंक फूड बेचने वाले कैंटीन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश है। जंक फूड और फास्ट फूड से होने वाली बीमारियों के बारे में स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को भी अवेयर करने को कहा गया है।

पेट, आंख व दांत रोग का खतरा : डॉ अनिताभ

जंक फूड से पेट और आंख की रोग उत्पन्न होती है। जंक फूड बेचने वाले कई तरह के मिलावट भी करते हैं, जो सेहत पर बुरा असर डालता है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ अनिताभ के अनुसार, जंक फूड खाने से बच्चों में नेत्र और दांत के रोग का खतरा रहता है, कुछ बच्चे मोटापे के शिकार हो जाते हैं। पेट में भी कई तरह की बीमारियां बढ़ जाती हैं। जंक फूड अधिक मात्रा में खाने से पेट में इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता है। डॉ अनिताभ बताते हैं कि जंक फूड खाने के कारण बच्चों के शरीर को पूर्ण आहार नहीं मिल पाता है। इससे शरीर में विटामिन की कमी हो जाती है। जंक फूड के बजाय हरी सब्जियों व दूध से बनी वस्तुओं के सेवन के लिए बच्चों को जागरूक कर उन्हें स्वस्थ रखा जा सकता है।

पान मसाला पर पहले से है बैन

स्कूल के आसपास पान मसाला और नशे के किसी भी उत्पाद की बिक्री पहले से बंद है। स्कूल के समीप गुटखा, तंबाकू, सिगरेट एवं शराब बेचने की दुकान नहीं खोलने का आदेश पहले से ही जारी किया गया है। अब जंक फूड और फास्ट फूड को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। बच्चों की सेहत को देखते हुए प्रशासन की और से यह निर्णय लिया गया है। स्कूल के बाहर नशीले पदार्थ बिकने से बच्चे उसे खरीदने के इच्छुक रहते हैं, बाद में यही उनकी आदत में शुमार हो जाता है। जो भविष्य में बच्चों की सेहत पर गहरा असर डालता है।

स्कूलों को कहा गया है कि वह अपने कैंपस के 50 मीटर दायरे में फास्ट या जंकफूड की दुकानें नहीं लगाने दें। बच्चों की सेहत का ख्याल रखते हुए यह दिशा-निर्देश दिया गया है।

-समीरा एस, एसडीओ रांची

Posted By: Inextlive
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