कायदा कानून दूर, पार्किंग में लूट

Updated Date: Sat, 26 Sep 2020 12:48 PM (IST)

रांची: राजधानी में दर्जनों पार्किग का संचालन रांची नगर निगम करता है। इसके लिए हर साल टेंडर भी किया जाता है। लेकिन सिटी में कई मॉल, कांप्लेक्स और बिल्डिंग्स में प्राइवेट पार्किग है। जहां पर लोगों से साइकिल से लेकर गाड़ी तक पार्क करने के लिए पैसे वसूले जाते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां पर पार्किग रांची नगर निगम की पार्किग से भी महंगी है। इतना ही नहीं, सिटी के मॉल से भी ज्यादा चार्ज लोगों से वसूला जाता है, जिससे समझा जा सकता है कि कैसे पार्किग के नाम पर लूट मचा रखी है। इसके बावजूद ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

साइकिल का भी पार्किंग चार्ज

रांची नगर निगम की पार्किंग में साइकिल के लिए कोई चार्ज नहीं है। जबकि कांके रोड स्थित सार्थक बिजनेस पार्क में साइकिल पार्क करने के लिए भी 5 रुपए घंटा चार्ज है। इसके अलावा बाइक के लिए 10 और कार के लिए 40 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से वसूला जा रहा है। हर घंटा बीतने के साथ ही यह डबल हो जाता है। जबकि नगर निगम की पार्किग में 5 रुपए में बाइक तीन घंटे पार्क कर सकते हैं। वहीं 20 रुपए में कार को तीन घंटे पार्क किया जा सकता है। इसके बाद अगले तीन घंटे के लिए चार्ज बढ़ जाता है। ऐसे में अगर कार को दिन भर के लिए बिजनेस पार्क में पार्क कर दिया तो स्थिति क्या होगी समझी जा सकती है।

ग्रीन पार्किग नहीं मानते मॉल संचालक

रांची नगर निगम के डिप्टी मेयर ने सिटी के सभी मॉल व होटल संचालकों के साथ बैठक की थी। जिसमें उन्होंने सभी से पार्किग को लेकर रांची नगर निगम द्वारा निर्धारित रेट को ही लागू करने को कहा था। जिस पर संचालकों ने सहमति जताई थी। साथ ही इसे लागू कराने की भी बात कही थी। लेकिन सार्थक बिजनेस पार्क के अलावा सिटी के अन्य मॉल्स में भी इसे लागू नहीं किया गया। बताते चलें कि पूरे शहर के लिए नगर निगम ने ग्रीन पार्किग चार्ज तय कर दिया है, जिसमें बाइक के लिए 5 रुपए प्रति तीन घंटे और कार के लिए 20 रुपए प्रति तीन घंटे फिक्स है।

प्राइवेट पार्किग पर लगाम नहीं

सिटी में प्राइवेट पार्किग भी बहुत है। लेकिन कहीं भी एक तरह का चार्ज नहीं है। जिसे जितनी मर्जी गाड़ी के मालिकों से पार्किग के नाम पर लूटने में लगा हुआ है। छोटी पार्किग हो या बड़ी, सभी ने अपने हिसाब से पार्किग का चार्ज तय कर दिया है। इस चक्कर में सिटी की पब्लिक पिस रही है। लेकिन इस पर लगाम लगाने वाला कोई कानून नहीं है।

Posted By: Inextlive
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