टंकी के पानी से बन रहा है मरीजों का खाना

Updated Date: Sat, 06 Mar 2021 03:40 PM (IST)

RANCHI:राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। कभी मशीन खराब तो कभी टेस्ट बंद से मरीज परेशान हैं। अब मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मरीजों का खाना टंकी के नार्मल पानी में बनाया जा रहा है, क्योंकि किचन में लगा वाटर प्यूरीफायर पिछले कई दिनों से खराब पड़ा है। अगर मरीजों की तबीयत बिगड़ जाए तो कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी। इसके बावजूद न तो डाइटीशियन इस ओर ध्यान दे रही हैं और न ही हॉस्पिटल के अधिकारी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रबंधन फिल्टर को दुरुस्त करने के लिए किसी हादसे का इंतजार कर रहा है?

2000 लीटर प्रति घंटे मिलता था पानी

किचन में हर दिन 1500 से अधिक मरीजों का खाना बनाया जाता है। ऐसे में तीन टाइम के डाइट की बात करें तो 4500 मरीजों का खाना तैयार करने का काम एजेंसी करती है। लेकिन, साफ पानी के लिए लगाए गए वाटर प्यूरीफायर बर्बाद हो गए हैं। जिसकी कैपासिटी हर घंटे दो हजार लीटर की थी। अब प्यूरीफायर के खराब होने के बाद टंकी के नार्मल पानी से ही खाना बनाया जा रहा है। न तो वहां पर पानी के छानने की व्यवस्था है और न ही दुरुस्त करने को लेकर कदम उठाए जा रहे है।

किचन के बाहर भी पसरी है गंदगी

किचन के ठीक बाहर में गंदगी है। नालियां भी सफाई नहीं होने के कारण बजबजा रही हैं। अब स्थिति यह है कि कभी भी वहां से कीड़े मकोड़े किचन में पहुंच सकते हैं। इससे मरीजों के खाने में भी ये पहुंच सकते हैं। पहले भी कई बार मरीजों के खाने में कीड़ा पाया गया था। इसके बावजूद हाइजीन का ध्यान नहीं रखा जा रहा।

कमिटी के मेंबर्स झांकने नहीं आते

किचन मॉनिटरिंग कमिटी का गठन किया गया था, ताकि समय-समय पर मरीजों के खाने की जांच होती रहे। इसके अलावा किचन व आसपास में हाइजीन को लेकर चेकिंग की जाए। लेकिन किचन मॉनिटरिंग कमिटी भी सुस्त पड़ गई। अब तो कमिटी के मेंबर्स किचन में झांकने भी नहीं आते कि वहां क्या चल रहा है। मरीजों के खाने की जांच तो दूर की बात है।

6 हजार के लिए बर्बाद हो रहा प्यूरीफायर

रिम्स किचन में मरीजों का हाइजेनिक खाना बनाने के लिए वाटर प्यूरीफायर लगाए गए थे, जिसका मेंटेनेंस भी किचन में काम कर रही एजेंसी को कराना है। अब ये वाटर प्यूरीफायर इसलिए खराब पड़े हैं कि उसमें 5-6 हजार रुपए खर्च करने पड़ेंगे। इसके बावजूद एजेंसी का ध्यान इस ओर नहीं है। जबकि डाइटीशियन ने कुछ दिन पहले ही इसे दुरुस्त कराने का निर्देश एजेंसी को दिया था।

Posted By: Inextlive
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