नक्सली हिंसा की साजिशों पर पुलिस भारी

Updated Date: Mon, 23 Nov 2020 08:02 AM (IST)

रांची: राज्य में नक्सली हिंसा की साजिशों पर पुलिस का पहरा सख्त होता जा रहा है। आईजी आपरेशन साकेत कुमार सिंह राज्य में नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन को और भी तेज और मारक बनाने की रणनीति बना रहे हैं। साथ ही साथ पुलिस टीम नक्सलियों के हर मंसूबे को नाकाम करती जा रही है। खूंटी, रांची, सरायकेला और चाईबासा जिले की पुलिस ने बीते दिनों संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने भारी मात्रा में गोली और विस्फोटक बरामद किया। पुलिस की इस कार्रवाई से नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम हो गई। गौरतलब है कि झारखंड पुलिस की बढ़ती सख्ती की वजह से नक्सलियों की बौखलाहट बढ़ गई है। इसी कारण नक्सलियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमले की लगातार साजिश रची जा रही है।

नक्सलियों पर लगातार प्रहार

झारखंड पुलिस लगातार नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाकर उनके द्वारा रची जा रही हमले की हर साजिश को नाकाम कर रही है। पिछले पांच महीनों की बात की जाए तो नक्सलियों ने पुलिसकर्मियों पर कई बार हमले की साजिश रची, लेकिन हर बार ये साजिश नाकाम हो गई। पिछले वर्ष नक्सली हमले में 14 जवान शहीद हो गए थे। वहीं इस साल नक्सली हमले में 1 जवान शहीद हुआ है। नक्सलियों पर पुलिस का प्रहार लगातार बढ़ता जा रहा है।

लॉकडाउन में टूटी माओवादियों की कमर

लॉकडाउन के कारण झारखंड में भाकपा माओवादियों को लेवी नहीं मिल रही। ऐसे में आर्थिक तौर पर नक्सलियों की कमर टूट गई है। भाकपा माओवादी लेवी नहीं मिलने के कारण वाहनों में आगजनी की घटना को अंजाम दे रहे हैं। लॉकडाउन में लेवी नहीं मिलने पर नक्सलियों ने कई ठेकेदारों, सरकारी निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को फरमान भी जारी किया है।

नक्सलियों पर भारी पड़ रही पुलिस

वर्ष 2020 झारखंड पुलिस के लिए अब तक अच्छा माना जा रहा है। इस वर्ष में अब तक पुलिस और नक्सली कई बार आमने-सामने हुए, लेकिन हर वक्त पुलिस ही नक्सलियों पर भारी पड़ी। पिछले साल की तुलना में पुलिस की स्थिति इस वर्ष अच्छी दिख रही है। पिछले वर्ष नक्सलियों ने पुलिस पर सुनियोजित तरीके से कई हमले किये। इन अलग-अलग घटनाओं में 14 जवान शहीद हो गए थे। इस साल अब तक की बात करें तो नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान व एक एसपीओ ने अपनी जान गंवाई है। पुलिस ने नौ नक्सलियों को मार गिराया है। पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, बीते साल 26 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गये थे। वहीं नक्सल हिंसा में नौ लोग मारे गये थे।

इन साजिशों को किया नाकाम

25 अगस्त: खूंटी पुलिस ने भाकपा माओवादी संगठन के सात नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। ये नक्सली रांची, खूंटी, सरायकेला और चाईबासा जिले में बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में थे। वो सुरक्षाबलों को क्षति पहुंचाने की कोशिश में लगे हुए थे। हालांकि 4 जिलों की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के मंसूबे पर पानी फेर दिया और भारी मात्रा गोली व विस्फोटक बरामद किया।

1 अगस्त: चाईबासा के गोईलकेरा थाना क्षेत्र में भाकपा माओवादियों द्वारा सुरक्षाबलों को उड़ाने की साजिश नाकाम की गई थी। पुलिस व सीआरपीएफ की टीम ने 11 आइईडी केन बम बरामद किया था।

17 जुलाई: चाईबासा में माओवादियों द्वारा पुलिस को उड़ाने की साजिश नाकाम हो गई थी। जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में बीरसिंह हातु व मलाईपी के बीच सड़क पर चाईलासा पुलिस और सीआरपीएफ जवानों ने 25 आइडी बम बरामद किया था।

13 जून: सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नक्सलियों द्वारा पश्चिम सिंहभूम के गोईलकेरा थाना क्षेत्र के कुईड़ा-सरजमबुरु सड़क पर दो अलग-अलग जगहों पर सीरियल में लगाए गए 64 आइडी बमों को जवानों ने बरामद किया था। इन बमों को पुलिस ने नष्ट कर दिया था। नक्सलियों द्वारा लगाये गये सभी आइडी पांच से बीस किलो के बीच के थे।

Posted By: Inextlive
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