हाईकोर्ट ने कसा शिकंजा तो हरकत में आए अफसर

Updated Date: Sun, 27 Sep 2020 05:48 PM (IST)

रांची: राजधानी के बीचोबीच एक लेक है, जिसे लोग बड़ा तालाब के नाम से भी जानते हैं। लेकिन कुछ सालों में इस तालाब की स्थिति बिगड़ने लगी। कभी एन्क्रोचमेंट तो कभी गंदगी के कारण यह चर्चा में बना रहा। तब इस मामले में हाईकोर्ट ने शिकंजा कसना शुरू किया। जब हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि किसी भी हाल में जल स्त्रोत बर्बाद नहीं होने चाहिए तब नगर की सरकार के अधिकारियों की नींद खुली। वहीं आदेश के बाद वे हरकत में आ गए। इतना ही नहीं, एन्क्रोचमेंट हटाने के लिए अधिकारी खुद सड़क पर उतर गए। वहीं एरिया की मापी भी कराई जा रही है, जिसके बाद अधिकारियों को रिपोर्ट करने का भी आदेश दिया गया है।

तालाब की मापी का आदेश

बड़ा तालाब की मापी कराने का आदेश दिया गया है, ताकि पता लगाया जा सके कि तालाब के वास्तविक क्षेत्रफल में या आसपास की परिधि में सार्वजनिक भूमि पर कोई एन्क्रोचमेंट तो नहीं है। अगर किसी ने एन्क्रोचमेंट किया है तो इसकी जानकारी देते हुए कार्रवाई करने का भी आदेश है।

एक्ट के तहत होगा एक्शन

बड़ा तालाब के अलावा पब्लिक प्लेस पर किसी भी जल स्त्रोत या उसके आसपास की भूमि पर एन्क्रोचमेंट किया जाता है तो उस पर झारखंड पब्लिक लैंड एन्क्रोचमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऑन स्पॉट एक्शन लेने को कहा गया है। जिससे कि एन्क्रोचमेंट को भी तुरंत हटाया जाएगा। एसडीएम और सीओ को एन्क्रोचमेंट करने वालों पर एक्शन लेने का अधिकार है। वहीं इस काम में रांची नगर निगम की टीम भी सपोर्ट करेगी।

नालों से भी हटेगा एन्क्रोचमेंट

सेवा सदन और उसके पास से गुजरने वाले नाले के ऊपर भी लोगों ने कब्जा कर लिया है। जिसकी मापी कराते हुए कब्जा खाली कराने को कहा गया है। इसकी जिम्मेवारी शहर सीओ को दी गई है। वहीं जरूरत पड़ने पर रांची नगर निगम से सहयोग लेने को कहा गया है।

Posted By: Inextlive
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