संजीवनी घोटाले के मास्टरमाइंड का सरेंडर

Updated Date: Tue, 02 Apr 2013 10:32 PM (IST)

RANCHI : फ्लैट और प्लॉट के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करनी वाली संजीवनी बिल्डकॉन के आरोपी डायरेक्टर श्याम किशोर गुप्ता ने ट्यूज्डे को कोर्ट में सरेंडर कर दिया. ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने उसे 14 दिनों के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है. मालूम हो कि झारखंड पुलिस के 57 वांटेड में शामिल श्याम किशोर फरार चल रहा था. उसके खिलाफ कंपनी के नाम पर फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी करने को लेकर थानों में कई मामले दर्ज हैैं.


रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी
संजीवनी बिल्डकॉन फर्जीवाड़े मामले का इन्वेस्टीगेशन कर रहे और चुटिया सर्किल इंस्पेक्टर अरविंद सिन्हा ने श्याम को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। आईओ ने कहा है कि आरोपी बतौर डायरेक्टर संजीवनी बिल्डकॉन में काम कर रहा था। वह कंपनी द्वारा की गई धोखाधड़ी का मेन एक्यूज है। उससे पूछताछ करने कई गुत्थी सुलझ सकती है।
35 को बनाया गया है आरोपी
संजीवनी बिल्डकॉन फ्लैट और प्लॉट के नाम पर लोगों से करीब 20 करोड़ रुपए लेकर फरार हो गई थी। इस मामले को तूल पकड़ता देख तत्कालीन सीएम अर्जुन मुंडा ने संजीवनी के खिलाफ सीबीआई इन्कवायरी का डायरेक्शन दिया था। इस सिलसिले में संजीवनी बिल्डकॉन के खिलाफ  लोअर बाजार थाना में विक्टिम्स ने पहली एफआईआर दर्ज कराई थी। फिर कंपनी की धोखाधड़ी की पोल परत-दर परत खुलती गई। इसके बाद कंपनी के खिलाफ कई और थानों में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें कंपनी के प्रॉपराइटर, एमडी और डायरेक्टर समेत दर्जनों इंप्लाइज को आरोपी बनाया गया था। बाद में केस की मॉनिटरिंग के लिए सीआईडी कीं स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम भी बनाई गई।
सैकड़ों लोगों को लगाया चूना

आशियाना देने का झांसा देकर संजीवनी ने करीब पांच से छह सौ लोगों को लाखों रुपए का चूना लगाया। कंपनी का ऑफिस सिटी के मेन रोड स्थित चर्च कॉम्पलेक्स में था। यहां के इंप्लाईज कस्टमर्स को डिफरेंट साइट्स पर फर्जी प्लॉट दिखाकर कस्टमर्स से पैसे ऐंठने का काम करते थे। यह बात भी सामने आई थी कि कंपनी अदर्स के प्लॉट पर अपना साइन बोर्ड लगा देती थी और वहां डुप्लेक्स व फ्लैट्स बनाने के नाम पर बुकिंग करती थी।

जमीन के धंधे में फर्जीवाड़ा
संजीवनी बिल्डकॉन जमीन के गोरखधंधे में काफी सतर्कता बरतता था। वह सिटी में रहनेवाले लोगों को जमीन बेचने से बचता था। खासकर वह वैसे कस्टमर्स से जमीन की डील करने की कोशिश करता था, जो अदर स्टेट अथवा डिस्ट्रिक्ट के रहनेवाले होते थे। संजीवनी एक ही जमीन को फर्जी डॉक्यूमेंट्स की बदौलत चार-पांच कस्टमर्स को रजिस्ट्री करता था। साथ ही जमीन पर जबरन कब्जा और फर्जी डीड बनवाने की भी बात सामने आई है। इतना ही नहीं, फर्जी साइट दिखाकर भी कंपनी सैकडों लोगों से रुपए ठग लिए थे।
जेडी नंदी भी करेगा सरेंडर?
संजीवनी बिल्डकॉन का एमडी जयंत दयाल नंदी भी जल्द ही कोर्ट में सरेंडर कर सकता है। सोर्सेज के मुताबिक, इस बाबत वह रांची के एख पुलिस ऑफिसर से कांटैक्ट कर चुका है। बेसिकली हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट के हरनगंज मोहल्ले का रहनेवाला जेडी नंदी पहले भी विवादों में रहा है। एक मामले में पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने खुद को मृत घोषित करा दिया था। इसके अलावे वह अपनी दोनों वाइफ- अनीता नंदी और अनामिका नंदी के सिग्नेचर से संजीवनी बिल्डकॉन के लिए जमीन की रजिस्ट्री कराता था।

कंपनी के पांच डायरेक्टर्स जेल में
संजीवनी बिल्डकॉन के डायरेक्टर रहे अनिता नंदी, अनामिका नंदी, रामप्रताप वर्मा, अरविंद सिंह और अब श्याम किशोर गुप्ता पकड़े जा चुके हैैं। श्याम को छोड़ बाकी सभी पिछले कई महीनों से बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद हैैं। गौरतलब है कि संजीवनी बिल्डकॉन के एमडी जयंत दयाल नंदी, उनकी वाइफ अनामिका नंदी व अनिता नंदी, डायरेक्टर रामप्रताप वर्मा, मो शमीम, अब्दुल वहाब, नीरज सिंह, अरविंद सिंह और रमेश सिंह समेत कई और आरोपियों की फरारी के बाद झारखंड पुलिस की वेबसाइट पर इन्हें वांटेड घोषित किया गया था। इन वांटेड में एमडी जेडी नंदी और  एक्स डायरेक्टर पीपी लाला की अरेस्टिंग अबतक नहीं हो पाई है। हालांकि, इनके कई घरों की पुलिस कुर्की जब्ती कर चुकी है।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.