मंदिर में पुलिस का पहरा, भक्तों ने गेट पर नवाया शीष

Updated Date: Tue, 07 Jul 2020 09:36 AM (IST)

रांची: राजधानी के सभी मंदिरों में पुलिस का सख्त पहरा लगा है। सावन माह की शुरुआत के साथ भक्तों में एक आस थी कि बाबा भोलेनाथ के दर्शन हो पाएंगे। लेकिन जिला प्रशासन ने कोरोना को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं। रांची के पहाड़ी मंदिर जैसे प्रमुख मंदिर के साथ साथ गली-मोहल्लों में स्थित मंदिरों में भी पुलिस ने सख्त पहरा लगाया है। लोगों को बाहर से ही हाथ जोड़कर निकलने के निर्देश दिए जाते रहे। झारखंड के प्रमुख बाबा मंदिरों में एक रांची पहाड़ी मंदिर में भी इस साल कोरोना का प्रभाव देखने को मिला, जहां हर साल सावन के महीने में बाबा के दर्शन करने को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती थी। वहीं, इस साल मंदिर कैंपस पूरी तरह सुनसान रहा। बता दें कि कोरोना के कारण मंदिर में पूजा-अर्चना का आयोजन नहीं किया गया।

पुजारी ने की पूजा-अर्चना

राजधानी रांची के सबसे बड़े और प्रसिद्ध पहाड़ी बाबा मंदिर में भी इस बार कोरोना के कारण पूजा-अर्चना का आयोजन नहीं किया गया। अमूमन सावन के महीने में रांची के पहाड़ी मंदिर में हजारों लोगों की भीड़ हुआ करती थी, लेकिन इस वर्ष मंदिर परिसर सुनसान रहा। पहाड़ी बाबा मंदिर के पट पर जिला प्रशासन और मंदिर कमिटी की ओर से ताले लगा दिए गए। मंदिर के कुछ पुजारी ही मंदिर के अंदर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते रहे, जिसका प्रसारण बाबाधाम की तर्ज पर ऑनलाइन किया गया। भक्तगण अब पहाड़ी बाबा का दर्शन ऑनलाइन कर सकेंगे।

भक्त हुए मायूस

भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने मायूस होते हुए कहा कि हर वर्ष भगवान भोलेनाथ की पूजा करते थे, तो मन को शांति प्राप्त होती थी, लेकिन इस बार कोरोना के कारण मंदिर के पट बंद हैं, जिस वजह से उन्हें संतुष्टि प्राप्त नहीं हो पाई।

दुकानदारों का बिजनेस ठप

वहीं, मंदिर के सामने दुकान चलाने वाले दुकानदारों ने बताया कि हर साल वे लोग सावन की सोमवारी में बेहतर कमाई करते हुए अपना जीवन-यापन किया करते थे, लेकिन इस साल उनकी कमाई तो नहीं हो पाई। इसके साथ ही उनकी पूंजी भी पूरी तरह से बेकार चली गयी।

भिखारियों की बढ़ी दुर्दशा

इसके अलावा मंदिर के बाहर मांग कर खाने वाले लोगों ने भी बताया कि सावन की सोमवारी में श्रद्धालुओं की भीड़ होती थी तो उन्हें भी दान-दक्षिणा मिल जाता था, लेकिन मंदिर का पट बंद होने की वजह से उनकी स्थिति भुखमरी के कगार पर पहुंच गई है।

31 जुलाई तक है लॉकडाउन, बंद रहेंगे पट

गौरतलब है कि कोरोना के संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने इस बार श्रावणी मेले के आयोजन को भी स्थगित कर दिया है। वहीं, मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर राज्य सरकार ने 31 जुलाई तक लॉकडाउन की अवधि बढ़ाते हुए सभी मंदिरों को भी बंद रखने का आदेश दिया है, जिसका असर सावन की पहली सोमवारी को साफ-साफ देखने को मिला।

Posted By: Inextlive
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