रांची में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की भारी कमी हो गई. बड़ी संख्या में सिपाही छठ महापर्व मनाने बिहार चले गए हैं. इस कारण ट्रैफिक व्यवस्था संभालना मुश्किल हो रहा है.


रांची(ब्यूरो)। दीपावली के बाद अब लोग छठ महापर्व की तैयारी में जुट गए हैं। एक तरफ जहां मार्केट में लोगों की भीड़ दिख रही है। वहीं दूसरी ओ शहर को व्यवस्थित करने वाले ही नदारद दिख रहे हैैं। बात हो रही है रांची के ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की, जो फेस्टिव सीजन में सिटी की सड़कों से गायब हो गए हैं। दरअसल, राजधानी में ड्यूटी करने वाले ज्यादातर ट्रैफिक जवानों का बिहार कनेक्शन है और छठ महापर्व बिहार का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। हर सेक्टर में ड्यूटी करने वाले अधिकतर लोग छठ में जरूर अपने घर जाते हैं। कुछ यही हाल है रांची के ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का भी। छठ महापर्व के नाम पर ज्यादातर पुलिस कर्मियों ने छुट्टी ले ली है। जिन्हें छठ के नाम पर छुट््टी नहीं मिली, वे कोई दूसरा कारण बता कर छुट्टी पर चले गए हैं। इसके अलावा कुछ जवान ऐसे हैैं, जो ट्रेनिंग के लिए गए हैं। यही कारण है कि सिटी के ज्यादातर ट्रैफिक पोस्ट खाली नजर आ रहे हंै। इक्का-दुक्का पुलिसकर्मियों से काम चलाया जा रहा है। जो रांची की ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में नाकाफी साबित हो रहे हैैं। मुश्किल हो रहा ट्रैफिक संभालना
जवानों के कम होने से ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों की भी परेशानी बढ़ गई है। ट्रैफिक संभालना भी मुश्किल हो रहा है। जेल मोड़ पर ट्रैफिक संभाल रहे एक जवान ने बताया कि विभाग में पहले से ही पुलिसकर्मियों की संख्या कम है। ऐसे में एक साथ ज्यादा लोगों के छुट्टी ले लेने से परेशानी तो होती है, लेकिन छठ जैसे बड़े पर्व में छुट्टी पर जाना भी जरूरी है। विभाग को इस दिशा में गंभीरता से विचार करते हुए जवानों की संख्या में बढ़ोतरी करनी चाहिए। ताकि ऐसे में समय में इन परिस्थितियों से निबटा जा सके। दूसरी ओर जवानों के कम होने से सड़क पर ट्रैफिक रूल भी ब्रेक होने लगे हैैं। बिना हेलमेट के लोग चल रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई पकड़ नहीं रहा। जाम में फंस रहे लोग


कांटाटोली जैसे इलाके में भी ट्रैफिक जवानों की संख्या कम हो गई है। पहले जहां पांच से छह जवान ड्यूटी पर तैनात रहते थे, वहीं इन दिनों दो से तीन पुलिसकर्मी मोर्चा संभाल रहे है। नतीजा यह है कि कांटाटोली चौक पर दिन भर जाम लग रहा है। शनिवार को भी ऐसा नजारा दिखा। न तो ट्रैफिक बूथ और न ही ट्रैफिक पोस्ट पर जवान खडे थे। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा था। सिर्फ कांटाटोली ही नहीं बल्कि, जेल मोड़, रातू रोड, सुजाता चौक, लालपुर व अन्य इलाकों में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति है। कुछ स्थानों पर एक दो जवान ट्रैफिक संभाल रहे हैं, तो कहीं एक भी जवान नजर नहीं आ रहे। पदाधिकारी भी नदारदफेस्टिवल का रंग सिर्फ ट्रैफिक संभालने वाले जवानों पर ही नहीं पड़ा है, बल्कि अधिकारी, पदाधिकारी भी ढीले पड़ गए हैं। डीजे-आईनेक्स्ट ने जब इस संबंध में ट्रैफिक कंट्रोल जाकर वरीय अधिकारियों से कारण जानना चाहा, तो वहां एक भी वरीय पदाधिकारी नजर नहीं आए। कंट्रोल ऑफिस में दो ट्रैफिक डीएसपी हैं, दोनों नदारद थे। इतना ही नहीं कंट्रोल में बैठने वाले अन्य कर्मी भी नजर नहीं आए। बताते चलें कि ट्रैफिक एसपी का पोस्ट पहले से खाली है, जिसका असर भी डिपार्टमेंट पर पड़ रहा है। अगस्त में ही अजीत पीटर डुंगडूुंग के ट्रांसफर होने के बाद से ही स्थाई ट्रैफिक एसपी नहीं मिला है।

Posted By: Inextlive