बार-बार प्रयास के बाद नहीं आ रहा सुधार. ट्रैफिक रूल तोड़ते नजर आ रहे लोग. फिर एक बार एक्टिव हुई रांची की ट्रैफिक पुलिस. फेक डीएल भी आ रहे पकड़ में.


रांची (ब्यूरो)। सिटी के लोग ट्रैफिक रूल का पालन करने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। बार-बार पुलिस द्वारा अभियान चलाने, लोगों को अवेयर करने एवं फाइन के बाद भी लोगों में सुधार नहीं आ रही है। तभी बीते महज पांच महीने में करीब 2500 लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया गया है, ये तीन महीने तक ड्राइविंग नहीं कर सकेंगे। ये आंकड़े बताते हैं कि राजधानी रांची में लोग ट्रैफिक को लेकर कितने ज्यादा लापरवाह हैं। पुलिस की सुस्ती के साथ ही लोग हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट बांधना सब छोड़ देते हैं। वहीं बार-बार फाइन कटने के बाद भी कुछ लोग नियम का पालन करने को तैयार नहीं हैं। सबसे ज्यादा डीएल पिलीयन राइडर के मामले में सस्पेंड किए गए हैं। टू व्हीलर में पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है। लेकिन कई लोग अब भी नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे लोगों का डीएल डीटीओ के पास सस्पेंड करने के लिए भेज दिया जाता है, जिसके बाद तीन महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड हो जाता है। यदि इसके बाद भी ये लोग गलती करते पाए गए तो स्थायी रूप से लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। अप्रैल में ज्यादा डीएल सस्पेंड


सबसे ज्यादा अप्रैल महीने में 537 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। इसके अलावा मार्च और अप्रैल में भी काफी लोगों पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए डीएल सस्पेंड किया है। कार्रवाई के बाद राजधानी रांची में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने से लोग बाज नहीं आ रहे हैं। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया शुरू कर दिया है। ऐसे लोगों का अब डीएल ही रद्द करने का आदेश दे दिया गया है। वाहन में कैपासिटी से ज्यादा सामान ढोने वाले कॉमर्शियल व्हीकल, रैश ड्राइविंग करने वाले, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करने वाले, ड्रिंक एंड ड्राइव, पिलीयन राइडर मामले पर लोगों के लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई है। फेक डीएल भी पकड़ में

जांच के दौरान ट्रैफिक नियमों का उल्लघंन करने वाले सैकड़ों ऐसे भी ड्राइवर पकड़े गए जो फेक लाइसेंस लेकर ड्राइविंग कर रहे थे। यह साबित करता है कि राजधानी रांची में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का गोरखधंधा जोर-शोर से चल रहा है। कुछ पैसा बचाने और टेस्ट देने से बचने के लिए लोग फर्जी लाइसेंस बनवा लेते हैं। ओरिजिनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में जहां एक से दो महीने लगता है। वहीं, डुप्लीकेट लाइसेंस बनाने वाले एजेंट सिर्फ एक दिन में लाइसेंस बना कर दे देते हैं। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार सिटी में करीब दस हजार लोग फर्जी लाइसेंस लेकर घूम रहे हैं। इसका पता तब चला जब वाहन चलाने वाले ट्रैफिक रूल तोडऩे वालों का लाइसेंस रद्द करने के लिए डीटीओ ऑफिस भेजा गया। लेकिन डेटा नहीं मिलने के कारण डीएल रद्द नहीं हो सका। किस महीने कितने डीएल सस्पेंड जनवरी 483फरवरी 534मार्च 529अप्रैल 537मई 414 क्यों सस्पेंड हो रहे डीएल- विदाउट हेलमेट ड्राइविंग करने पर - पिलीयन राइडर - कैपासिटी से ज्यादा सामान लोड करने वाले कॉमर्शियल व्हीकल - रैश ड्राइविंग करने पर -मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करने पर- ड्रिंक एंड ड्राइव

बार-बार जो गलती दुहरा रहे हैं, उनपर कठोर कार्रवाई की जाएगी। तीन महीने के लिए डीएल सस्पेंड किया जा रहा है। फेक डीएल बनाने वालों को भी चिन्हित किया जा रहा है। - प्रवीण कुमार प्रकाश, डीटीओ, रांची ट्रैफिक पुलिस लगातार अभियान चला कर रूल ब्रेक करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। चौक-चौराहों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हर व्यक्ति को ट्रैफिक नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। - जीतवाहन उरांव, ट्रैफिक डीएसपी, रांची

Posted By: Inextlive