साइकिल शेयरिंग ने युवाओं को दिया रोजगार

2019-07-11T11:01:05Z

RANCHI: रांची में 3 मार्च को जब साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत की गयी तो उस समय अधिकारियों ने भी इसके लाभ के बारे में नहीं सोचा होगा। यह तो सब जानते थे कि साइकिल चलाकर शहर के लोग फिट रह सकेंगे और पर्यावरण भी बेहतर होगा। लेकिन किसी ने यह उम्मीद नहीं थी कि ये साइकिल बेरोजगार युवकों को रोजगार भी देगी। अब इन साइकिलों से सिटी के युवा रोजगार करके कमाई भी कर रहे हैं। ऑनलाइन फूड डिलीवरी एप्प जोमैटो और स्विगी से साइकिल से फूड डिलीवरी करके शहर के युवा खूब पैसा कमा रहे हैं।

तीन महीने में बदल गया स्वरूप

तीन महीने पहले रांची में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत साइकिल बाई शेयरिंग प्रोजेक्ट लांच किया गया था। जिसके तीन महीने के अंदर ही साइकिल का स्वरूप बड़ा हो गया। अब शहर में लोग साइकिल से चलकर अपना हेल्थ बेहतर बना रहे हैं, पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीें हो रहा है। और शहर के युवा इसके जरिये रोजगार करके अर्न भी कर रहे हैं।

जोमैटो व स्विगी ने दिया मौका

ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो और स्विगी ने युवाओं को यह मौका दिया है। फूड कंपनी वैसे युवाओं को रोजगार दे रही है जिनके बास साइकिल या बाइक है। लेकिन बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं जिनके पास न साइकिल है ना ही मोटरसाइकिल, ऐसे युवाओं के लिए यह साइकिल वरदान साबित हो रही है। इस साइकिल की मदद से युवा हर दिन 200 से 500 रुपए तक कमा रहे हैं।

साइकिल से करते हैं डिलीवरी

मनोहर कुमार ने बताया कि हमारे पास मोटरसाइकिल भी है। दिन में बाइक से ही डिलीवरी देने का काम करते हैं। लेकिन इसमें पेट्रोल अधिक खर्च हो जाता है। ऐसे में शाम होते ही बाइक को खड़ा कर देते हैं और स्टैंड से साइकिल लेकर डिलीवरी शुरू करते हैं। इससे एक तो पैसा भी बच जाता है, साथ में साइकिल चलाकर फिट रहने का मौका भी मिलता है।

कम डिस्टेंस में करते हैं सवारी

दूसरे युवक मनोज कुमार ने बताया कि मेरे पास साइकिल भी नहीं है, लेकिन इस साइकिल से हम फूड डिलीवरी का काम करते हैं। इससे जो नजदीक का आर्डर आता है उसी का काम करते हैं। पांच किमी के अंदर के आर्डर को साइकिल से ही पूरा कर देते हैं।

किसी स्टैंड पर खड़ी कर देते हैं

इस साइकिल से फूड डिलीवरी करने के लिए युवाओं को बहुत मेहनत नहीं करनी पड़ती है। एक घंटे के लिए रिचार्ज कराने के बाद जहां से ऑर्डर लेते हैं वहीं आसपास से साइकिल लेकर ऑर्डर लेकर निकलते हैं आर रास्ते में अगर समय पूरा होता है तो नजदीक के स्टैंड पर साइकिल लगा देते हैं और दो मिनट बाद फिर से दूसरी साइकिल लेकर निकलते हैं। युवाओं को एक हजार रुपए का रजिस्ट्रेशन एक साल के लिए करना पड़ता है, उसके बाद फ्री में वो साइकिल का यूज करते हैं।


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