Students में अपने टेलेंट को पहचानने का दिखा Craze

2014-02-07T11:32:00Z

Jamshedpur बच्चों में छिपे टेलेंट को पहचानने और उन्हें सही डायरेक्शन देने के लिए जागरण प्रकाशन लिमिटेड और आईआईटी बीएचयू की ओर से सिटी और आसपास के 17 स्कूल्स में इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट आईआईटी कंडक्ट किया गया इसमें करीब तीन हजार स्टूडेंट्स शामिल हुए

6ठीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स शामिल हुए

यह टेस्ट वेडनसडे को ही सभी स्कूल्स में कंडक्ट किया जाना था, लेकिन उस दिन झारखंड बंद होने की वजह से कुछ स्कूल्स में थर्सडे को भी टेस्ट कंडक्ट हुआ. आईआईटी कंट्री के सात स्टेट्स के 32 सिटीज में एक साथ कंडक्ट हुआ. इसमें 6ठीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स शामिल हुए.

कॅरियर को मिले सही दिशा
बच्चों के कॅरियर को लेकर अक्सर पेरेंट्स को परेशान देखा जाता है. वे इस बात को लेकर कंफ्यूजन में रहते हैं कि उनके बच्चे के कॅरियर के लिए कौन सा फिल्ड सही है. कई बार तो स्टूडेंट्स खुद अपने कॅरियर को लेकर सही डिसीजन नहीं ले पाते और बाद में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर स्टूडेंट्स-पेरेंट्स के कंफ्यूजन को दूर करने के लिए सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड इंटरप्रेन्योरशिप (एमसीआईआईई), आईआईटी-बीएचयू ने इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट कंडक्ट किया. इस टेस्ट में कंट्री, स्टेट और सिटी लेवल पर अच्छा परफॉर्म करने वाले स्टूडेंट्स को 15 लाख रुपए का प्राइज मिलेगा.

टेस्ट का दिखा क्रेज
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट का स्टूडेंट्स में काफी क्रेज दिखा. ज्यादातर सेंटर्स पर बच्चे एग्जाम शुरू होने से करीब एक घंटे पहले से ही पहुंच चुके थे. कुछ बच्चे सेंटर पर लेट पहुंचे, तो उन्होंने एग्जाम में एपीयर होने के लिए टीचर्स से परमिशन मांगा. विद्या भारती चिन्मया स्कूल की सिक्स्थ क्लास की स्टूडेंट शारण्या एग्जाम स्टार्ट होने के 10 मिनट बाद पहुंची. सेंटर पर पहुंचते ही उसने इंविजलेटर से एग्जाम में एपीयर होने देने की रिक्वेस्ट की और बताया कि उसकी और उसके पेरेंट्स की बहुत इच्छा है कि वह एग्जाम में एपीयर हो. बाद में उसे एपीयर होने का परमिशन दे दिया गया.

किसी के लिए टफ तो किसी ने कहा ओके
क्लास 6-10 और 11-12वीं के लिए क्वेश्चन पेपर का पैटर्न थोड़ा चेंज था. 6 से 10 वाले में मैथ्स और साइंस के 30-30 क्वेश्चंस थे, जबकि 11वीं-12वीं के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री के अलावा मैथ्स/बायोलॉजी के 30-30 क्वेश्चंस पूछे गए थे. क्वेश्चन के पैटर्न और लेवल पर बात करते हुए कुछ स्टूडेंट्स ने तो पेपर को टफ बताया, वहीं कुछ ऐसे भी स्टूडेंट्स थे जिनके लिए पेपर इजी था.

ये हैं टेस्ट के स्पॉन्सर
नॉलेज पार्टनर- बंसल क्लासेस प्रा. लिमिटेड      
टेक्नोलॉजी पार्टन- आईबॉल
राइटिंग इंस्ट्रूमेंट पार्टनर- रोटोमैक
रेडियो पार्टनर- 92.7 बिग एफएम
सपोर्टेड बाई- एमसीआईआईई, आईआईटी, बीएचयू  
पावर्ड बाई- सिगरिड एजुकेशन

ये स्कूल्स हुए शामिल
-विद्या भारती चिम्नया स्कूल, टेल्को

-आरवीएस एकेडमी, मानगो

-विकास विद्यालय, तमोलिया
-जेपीएस, बारीडीह
-लू बेल्स, मानगो
-विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल, मानगो
-साउथ प्वॉइंट, मानगो

-सेंट जेवियर, टायो

-माउंट लिटेरा जी स्कूल, नियर पारडीह
-बीएसएस चिल्ड्रेन वल्र्ड, सोनारी
-डीएमपीएस, चांडिल
-विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल, चांडिल
-संत विवेकानंद इंग्लिश स्कूल, चाईबासा
-सेंट जेवियर हाई स्कूल, चाईबासा
-पद्मावती सरस्वती शिशु मंदिर, चाईबासा
-एसजेडीएवी पŽिलक स्कूल, चाईबासा
-संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर, घाटशिला
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट को सभी ने सराहा
यह टेस्ट इसलिए भी हमारे लिए जरूरी था क्योंकि इससे मुझे अपने इंटेलिजेंस का लेवल पता चल जाएगा. बहुत फायदेमंद साबित होगा यह टेस्ट.
- अमनदीप, विद्या भारती चिन्मया स्कूल, टेल्को
मैं तो इस टेस्ट का वेट कर रहा था. एक्चुअली 6ठी से 12वीं लेवल पर इस तरह के टेस्ट से स्टूडेंट्स को काफी फायदा होता है. हमें पता तो चलेगा कि तैयारी कैसी है.
- शुभम कुमार, एसजेडीएवी, चाईबासा
टेस्ट तो दे दिया अब रिजल्ट का वेट कर रही हूं. मुझे यह जानना है कि अभी तक की पढ़ाई का क्या रिजल्ट है. इससे मुझे आगे की पढ़ाई में काफी फायदा मिलेगा.
- अर्पिता, विवेकानंद स्कूल चांडिल
टेस्ट के क्वेश्चन का लेवल काफी हाई लगा. वैसे नॉलेज के टेस्ट के लिए तो यह सही ही था. कुछ क्वेश्चंस इजी थे पर ज्यादातर क्वेश्चंस टफ थे.
- रितिका, विद्या भारती चिन्मया स्कूल, टेल्को
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट के लिए मैं काफी दिनों से प्रिपेरेशन कर रहा था. ऑल इंडिया लेवल पर टेस्ट होने वाला था इसलिए तैयारी तो करनी ही पड़ती न.
- राजीव रंजन, बीएसएस, सोनारी
इस टेस्ट में एपीयर होने के बाद एहसास हो रहा है कि कॉम्पटीटीव एग्जाम में किस तरह का माहौल रहता है और स्टूडेंट्स पर कितना प्रेशर रहता होगा.
- बबिता बनर्जी, विवेकानंद स्कूल, चांडिल


इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट के बारे में लगातार आई नेक्स्ट से पता चल रहा था. पैटर्न भी पता था. टेस्ट में शामिल होकर अच्छा लगा. यह आगे भी कंडक्ट होना चाहिए.
- मनीषा, Žलू बेल्स, मानगो
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट का मैं और मेरे पैरेंट्स वेट कर रहे थे. इस लेवल पर इस तरह का टेस्ट कंडक्ट कराना अच्छा इनीसिएटिव है और यह आगे भी जारी रहना चाहिए.
- सुष्मिता, बीएसएस, सोनारी
मैं तो इस टेस्ट के लिए उतनी ही एक्साइटेड थी जितनी जितना कि किसी कॉम्पटीटीव एग्जाम में शामिल होने के लिए किया जाता है. इसमें पार्टिसिपेट करके मैं बहुत खुश हूं.
- अनुष्का, एसजेडीएवी, चाईबासा
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट हमारे लिए इसलिए भी हमारे लिए इंपॉर्टेंट है क्योंकि 12वीं के बाद कॅयिर की चिंता होने लगती है. सो, अब यह देखना है कि टेस्ट का रिजल्ट क्या आता है और उसमें मेरा परफॉर्मेंस कैसा रहा.
- प्रभात, बीएसएस, सोनारी
मैं चाहती हूं कि इस तरह के टेस्ट हर साल कंडक्ट हो. इससे हमारे नॉलेज लेवल का पता चलेगा. इस टेस्ट के रिजल्ट से हमें अपने कॅरियर को सही डायरेक्शन देने मे हेल्प मिलेगी.
- सूरज, Žलू बेल्स स्कूल, मानगो
हमें इस तरह के टेस्ट में पार्टिसिपेट करने का मौका मिला और वह भी ओएमआर शीट पर. यह तो हमारे लिए बहुत ही बेनिफिसियल साबित होगा आगे लिए.
- जूली, Žलू बेल्स, मानगो
मुझे इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट का पेपर ठीक लगा. इसे बहुत ज्यादा टफ तो नहीं कह सकते पर क्वेश्चंस का लेवल अच्छा था. मजा आया, रिजल्ट का वेट है.
- शरण्या, विद्या भारती चिन्मया स्कूल, टेल्को
इस टेस्ट से पहले तक अपने सीनियर्स से सुनती थी कि ओएमआर शीट पर कैसे टेस्ट होता है. इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट ने मुझे ओएमआर पर टेस्ट देने का मौका दिया, थैंक्स कहना चाहती हूं.
- पल्लवी दास, विवेकानंद स्कूल, चांडिल
टेस्ट के क्वेश्चन का लेवल बहुत अच्छा था पर कम समय में ज्यादा क्वेश्चंस सॉल्व करने थे. हालांकि यह ठीक भी है क्योंकि आगे चलकर ऐसे ही कॉम्पटीशन में पार्टिसिपेट करना है.
- नौशीन, विद्या भारती चिन्मया स्कूल, टेल्को
बहुत अच्छा एक्सपीरिएंस रहा इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट का. पता तो चला कि कॉम्पटीटीव एग्जाम कैसे दिए जाते हैं. अब रिजल्ट आने के बाद अपने नॉलेज का लेवल भी पता चल जाएगा.
- मनीष कुमार हलदर, विवेकानंद स्कूल, चांडिल
आईआईटी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ऑल इंडिया लेवल पर कंडक्ट हुआ है. हमें भी आगे चलकर ऑल इंडिया कॉम्पटीशन का प्रिपेरेशन करना है, पता तो चले कि हमारी तैयारी कैसी है.
- सनी, Žलू बेल्स, मानगो
इस तरह के टेस्ट को कंडक्ट करना एक बहुत ही अच्छा एफर्ट कहा जाएगा. स्टूडेंट्स को अपने नॉलेज का लेवल पता चलेगा जो बाद में उनके लिए फायदेमंद होगा.
- विपिन शर्मा, प्रिंसिपल, विद्या भारती चिन्मया स्कूल, टेल्को
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट के जरिए न सिर्फ स्टूडेंट्स का कंफ्यूजन दूर होगा बल्कि रिजल्ट के बाद पेरेंट्स भी समझ पाएंगे कि उनके बच्चे के लिए कौन सा फिल्ड सही होगा.
- मैरी कुट्टी थॉमस, प्रिंसिपल, डीएमपीएस, चांडिल
यह टेस्ट कंट्री के कई स्टेट्स में हुआ है. इससे स्टूडेंट्स को यह पता चल जाएगा कि आगे चलकर उनके कॅरियर के लिए क्या अच्छा रहेगा. स्टूडेंट्स के लिए यह काफी फायदेमंद रहा.
-तुहिना सरकार, प्रिंसिपल, साउथ प्वॉइंट स्कूल, मानगो
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट को लेकर बच्चों में दिख रहे क्रेज से पता चलता है कि आज के बच्चे फ्यूचर के बारे में कितना सोचते हैं. इस टेस्ट के जरिए वे अपने इंट्रेस्ट का फिल्ड कॅरियर के लिए सेलेक्ट कर सकते हैं.
- डॉ निधि श्रीवास्तव, प्रिंसिपल, विवेकानंद इंटरनेशनल इंग्लिश स्कूल, ओल्ड पुरूलिया रोड
पढ़ाई के बाद कॅरियर को लेकर न सिर्फ बच्चों में बल्कि उनके पेरेंट्स में भी काफी कंफ्यूजन दिखता है. ऐसे में इस टेस्ट से उन्हें हेल्प मिलेगा. रिजल्ट के बाद स्टूडेंट्स को पता चलेगा कि उनके लिए कौन सा फिल्ड अच्छा रहेगा.
- ललिता सरीन, डायरेक्टर, माउंट लिटेरा स्कूल
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट को लेकर स्टूडेंट्स काफी एक्साइटेड थे. अब बच्चों के साथ हमें भी रिजल्ट का इंतजार है, ताकि पता चल सके कि स्टूडेंट्स के नॉलेज का लेवल क्या है.
- नमिता अग्रवाल, प्रिंसिपल, जेपीएस, बारीडीह
इस टेस्ट के लिए जेपीएल और आईआईटी-बीएचयू को थैंक्स कहना चाहता हूं. यह बहुत ही अच्छा एफर्ट है. स्टूडेंट्स के नॉलेज के टेस्ट के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है.
- अनुप कुमार, प्रिंसिपल, एसजेडीएवी, चाईबासा
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट को लेकर बच्चे काफी एक्साइटेड थे और लग रहा था कि वे इसके लिए प्रिपेरेशन भी कर रहे थे. यह एक अच्छा साइन है उनके फ्यूचर के लिए.
- वीणा तलवार, प्रिंसिपल आरवीएस एकेडमी, मानगो
आजकल पेरेंट्स की इच्छा होती है कि बच्चे सही मुकाम तक पहुंचे. यह टेस्ट निश्चित तौर पर पेरेंट्स और स्टूडेंट्स की हेल्प करेगा.
- सुमिता डे, प्रिंसिपल, बीएसएस, सोनारी
आईआईटी को लेकर बच्चों का एक्साइटमेंट देखकर खुशी हुई. इन बच्चों को आगे चलकर कॉम्पटीटीव एग्जाम फेस करना है ऐसे में इस टेस्ट से उन्हें काफी हेल्प मिलेगा.
- फादर सुनिल लकड़ा, प्रिंसिपल सेंट जेवियर हाई स्कूल, टायो
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट का इंतजार न सिर्फ स्टूडेंट्स को बल्कि पेरेंट्स और टीचर्स को भी था. हम भी तो यह देखना चाहते हैं कि स्कूल्स में कैसा फ्यूचर तैयार हो रहा है.
- सुनिल झा, प्रिंसिपल, Žलू बेल्स स्कूल, मानगो
इस तरह के टेस्ट को बढ़ावा मिलना चाहिए. ऐसे टेस्ट कंडक्ट होते रहेंगे तो बच्चों में कॉन्फिडेंस डेवलप होगा जो आगे के लिए बहुत अच्छा होगा.
- श्रवण सिंह, चेयरमैन, Žलू बेल्स स्कूल, मानगो
हमें बहुत खुशी है कि क्लास 6 से 12 तक के बच्चों को इस लेवल के टेस्ट में पार्टिसिपेट करने का मौका मिला. इससे उनका कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ेगा. हम भी उनके इंट्रेस्ट के फिल्ड को जान पाएंगे.
- कमलेश कुमार रॉय, प्रिंसिपल, पद्मावती सरस्वती शिशु मंदिर, चाईबासा
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट की खासियत यह रही कि इसमें सभी सेक्शन के क्वेश्चन पूछे गए थे. इस तरह के टेस्ट में शामिल होने का एक्सपीरिएंस स्टूडेंट्स के लिए अच्छा रहेगा.
- फादर पी राज, प्रिंसिपल, सेंट जेवियर्स Žवॉयज स्कूल, चाईबासा
आईआईटी के बाद स्टूडेंट्स के साथ ही हमें भी रिजल्ट का इंतजार है. हम जानना चाहते हैं कि बच्चे किस डायरेक्शन में बढ़ रहे हैं और उन्हें किस तरह की जरूरत है.
- विश्वनाथ दरिपा, प्रिंसिपल विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल, चांडिल
बच्चे इस बात से खुश हैं कि उन्हें 6 से 12वीं क्लास तक में ही ओएमआर शीट पर टेस्ट देने का मौका मिल गया.  इस तरह के टेस्ट उनके फ्यूचर के लिए बहुत अच्छा है. इससे उनके करियर को शेप अप करने में आसानी रहेगी.
- विकास सिंह, प्रिंसिपल, विकास विद्यालय, तमोलिया
हम सभी को इस तरह के टेस्ट को बढ़ावा देना चाहिए. ऐसे टेस्ट में शामिल होने से स्टूडेंट्स का कॉन्फिडेंस लेवल निश्चित ही बढ़ेगा. साथ ही उन्हें चीजों को समझने में भी आसानी रहेगी. अब तो इंतजार है सिर्फ रिजल्ट का.
- सिद्धार्थ रॉय, सेक्रेटरी, संत विवेका इंग्लिश स्कूल, चाईबासा
इंडियन इंटेलिजेंस टेस्ट कितना सक्सेसफुल रहा इसका अंदाजा तो स्टूडेंट्स के एक्साइटमेंट को देखकर ही लगाया जा सकता है. वे कुछ दिन पहले से ही इसकी तैयारी कर रहे थे. अब हम सभी को इंतजार है रिजल्ट का. इससे बच्चों के परफॉर्मेस के बारे में पता चलेगा.
- अनुप सिंह, प्रिंसिपल, संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर, घाटशिला

Report by :amit.choudhary@inext.co.in

 


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