कबाड़ हुए 170 करोड़ के बस स्टॉपेज

2019-06-24T06:00:09Z

आठ साल पहले बने सिटी बस स्टॉपेज को जब्त करेगा निगम

रख-रखाव के अभाव में जर्जर हुए 17 सिटी बस स्टॉपेज

Meerut। शहर के लोगों की सुविधा के लिए करीब पौने दो करोड़ की लागत से शहर में जगह-जगह बनाए गए जेएनएनयूआरएम के बस स्टॉपेज आज अपनी जर्जर हालत में हैं। इन स्टॉपेज पर न तो सिटी बस रुकती है और न ही यात्री यहां खड़े होकर बस का इंतजार करते हैं। ऐसे में नगर निगम अब इन्हें जब्त कर हटाने का मन बना चुका है।

कबाड़ हुए स्टॉपेज

जेएनएनयूआरएम योजना के तहत नगर निगम द्वारा करीब आठ साल पहले शहर के दो दर्जन से अधिक स्थानों पर बस स्टॉपेज की जगह निर्धारित की गई थी लेकिन कुल 17 स्थानों पर स्टॉपेज बनाए गए। इसमें से प्रति स्टोपेज पर करीब 10 लाख रुपये का खर्च आया था। कुल-मिलाकर करीब 1.70 करोड़ रूपये इन स्टॉपेज पर खर्च हुए थे। इतना ही नहीं यहां यात्रियों के बैठने की सुविधा समेत विज्ञापन के लिए लाइटिंग डिस्पले बोर्ड भी लगाए गए थे। स्टॉपेज बनाने वाली कंपनी से इन स्टॉपेज पर लगने वाले विज्ञापन का अनुबंध किया गया था। हालांकि विज्ञापन नही मिल सके जिस कारण से कंपनी ने भी स्टॉपेज का मेंटिनेंस करना बंद कर दिया।

रोडवेज से नहीं हुआ अनुबंध

दरअसल, शहर के प्रमुख चौराहों पर जेएनएनयूआरएम की सिटी बसों के लिए इन्हें बतौर स्टोपेज तैयार किया गया था लेकिन रोडवेज के साथ निगम ने इन पर बस रोकने का अनुबंध नहीं किया था। दूसरा जिन जगहों पर ये स्टॉपेज बनाए गए, वहां सिटी बसें रूकती नहीं थी जिससे धीरे-धीरे यात्री भी इन स्टॉपेज का प्रयोग करने से बचने लगे। धीरे-धीरे इस कारण से विज्ञापन मिलना भी बंद हो गया और स्टॉपेज कबाड़घर में तब्दील हो गए।

निगम हटाएगा स्टॉपेज

कई सालों से शहर के चौराहों पर बने इन स्टॉपेज पर आसपास के दुकानदारों ने कब्जा कर दुकानें लगानी शुरू कर दी हैं। कुछ और डिस्पले बोर्ड तक चोरी हो चुके हैं। इस कारण से निगम अब इन स्टॉपेज को जब्त कर हटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने जा रहा है।

जिस कंपनी को इस बस स्टॉपेज के मेंटिनेंस का काम दिया गया था वह कंपनी रख-रखाव नहीं कर रही है। इसलिए अब निगम इन स्टॉपेज को जब्त कर हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

राजेश कुमार, संपत्ति अधिकारी


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