कानपुर एनकाउंटर : यूपी पुलिस कर्मी ने सुनाई उस रात की कहानी

Updated Date: Mon, 06 Jul 2020 12:20 PM (IST)

कानपुर के बिकरू में 8 पुलिस कर्मियों की हत्या करने वाले गैंगस्टर विकास दुबे को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने मध्य प्रदेश और राजस्थान दोनों की पुलिस से संपर्क किया है। 65 घंटे के बाद भी यूपी पुलिस और एटीएस दुबे के ठिकाने के बारे में कुछ भी पता नहीं लगा पाई है। इस बीच यूपी पुलिसकर्मी ने उस रात की दहशत सुनाई जब विकास दुबे ने 8 पुलिस कर्मियों का मर्डर किया था।


कानपुर (एएनआई)। उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिकरू गांव में घात लगा कर 8 पुलिस कर्मियों की हत्या करके गैंगस्टर विकास दुबे गायब हो गया है। राज्य की पुलिस के हाथ अभी तक उसके बारे में कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हैं। इस बीच एक पुलिस कर्मी, जो अपराधी विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी के दौरान उस टीम का हिस्सा था ने उस रात की घटना को बयां किया है। बिठूर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर कौशलेंद्र प्रताप ने बताया कि कैसे खूंखार हिस्ट्रीशीटर ने घात लगाकर टीम पर हमला किया और 8 पुलिस कर्मियों काे माैत के घाट उतार दिया। लगभग 12:30 बजे रात रवाना हुई थी टीम
एसएचओ ने कहा कि हमारी टीम 2 जुलाई और 3 जुलाई की रात विकास दुबे के आवास पर छापा मारने के लिए लगभग 12:30 बजे रवाना हुई। हमने अपनी गाड़ियों को छापेमारी स्थल के पास खड़ा कर उसके घर की ओर चलने लगे। इस दाैरान यहां पर एक जेसीबी पहले से ही थी। हम एक-एक करके जेसीबी के किनारे उसके घर के करीब चले गए। इस दाैरान हमारी टीम गोलियां बरसाई जाने लगीं। हम टारगेट को नहीं देख पा रहे थे क्योंकि वो ऊंचाई पर थे, जबकि वो हमें और वे स्पष्ट रूप से देख सकते थे। एसएचओ ने कहा कि पुलिस टीम ने इस बात का अनुमान नहीं लगाया था कि वे मुठभेड़ जैसी स्थिति का सामना करेंगे। विकास की टीम ने पुलिस पर गोली चलाईआरोप है कि विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए आने वाली पुलिस के बारे में फोन काॅल के जरिए एक अलर्ट मिला था जिसके बाद विकास दुबे और उसके साथियों ने छापा मारने वाली पार्टी को फंसाने की योजना बनाई और पुलिस कर्मियों पर गोलियां चलाईं थीं। विकास दुबे कानपुर एनकाउंटर मामले का मुख्य आरोपी है, जिसमें हमलावरों के एक समूह ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं जो शुक्रवार की तड़के उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी। घटना में आठ पुलिसकर्मी मारे गए। रविवार को गिरफ्तार किए गए दुबे के साथी दया शंकर अग्निहोत्री ने दावा किया था कि दुबे को अलर्ट मिला था।जो भी दोषी होगा उस पर हत्या का केस चलेगा


वहीं शंकर अग्निहोत्री के दावों पर टिप्पणी करते हुए, पुलिस महानिरीक्षक कानपुर मोहित अग्रवाल ने कहा, कानपुर जिले के चौबेपुर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को विकास दुबे को उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने का आरोप है। इस पूरे मामले हम हर एंगल से पुलिस की भूमिका की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस स्टेशन के सभी कर्मचारी हमारी जांच के दायरे में हैं कि कैसे विकास दुबे को पुलिस के इस मूवमेंट की जानकारी मिली। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर हत्या का केस चलेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस ने मध्य प्रदेश और राजस्थान दोनों की पुलिस से संपर्क किया है।

Posted By: Shweta Mishra
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