कानपुर मेट्रो को पीआईबी से ग्रीन सिग्नल

2019-02-07T09:35:55Z

दिल्ली में हुई पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड की मीटिंग में मिली सहमति अब कैबिनेट में जाएगा प्रपोजल

-दो बार पीआईबी से लौटाई जा चुकी कानपुर मेट्रो की डीपीआर, तीन साले पीछे चल रहा है प्रोजेक्ट

kanpur@inext.co.in
KANPUR: कानपुर मेट्रो अब तेजी से पटरी पर आती नजर आ रही है. बुधवार को दिल्ली में हुई पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड की मीटिंग में कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट को ग्रीन सिग्नल मिल गया है. अब पीएम की अगुवाई वाली कैबिनेट मीटिंग में यह प्रोजेक्ट रखा जाएगा. एलएमआरसी के ऑफिसर फरवरी में ही कैबिनेट से भी मेट्रो प्रोजेक्ट पास होने के दावे कर रहे हैं.

शिलान्यास के बाद भी काम नहीं
कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट लगभग तीन साल पीछे हो गया है. दिसंबर 2015 में स्टेट गवर्नमेंट ने इस प्रोजेक्ट को अप्रूवल दे दिया था. डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयारी करने वाली सेंट्रल गवर्नमेंट की कम्पनी राइट्स ने मार्च,2016 में इनप्रिंसिपल अप्रूवल मिल जाने की उम्मीद जताई थी. यही नहीं 4 अक्टूबर,2016 को कानपुर मेट्रो व‌र्क्स का शिलान्यास समारोह ब्रजेन्द्र स्वरूप पार्क में आयोजित किया. इसमें तत्कालीन केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू (अब उपराष्ट्रपति) तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सांसद मुरली मनोहर जोशी आदि शामिल हुए.

दो बार डीपीआर रिवाइज
सेंट्रल गवर्नमेंट को कानपुर मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद दो डीपीआर रिवाइज की जा चुकी हैं. पहली बार सेंट्रल गवर्नमेंट के मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए नई गाइडलाइंस बनाने की वजह से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट रिवाइज की गई. इधर दिसंबर 2018 में सेंट्रल गवर्नमेंट के डीपीआर लौटाने पर फिर रिवाइज की गई.

7235 करोड़ कम हुई प्रोजेक्ट कास्ट
कानपुर में मेट्रो दौड़ाने की जिम्मेदारी संभाल रहे एलएमआरसी के ऑफिसर्स के मुताबिक प्रोजेक्ट कॉस्ट 18143 करोड़ रुपए से घटाकर 10,908 करोड़ रुपए कर दी गई है. गोविन्द नगर मेट्रो स्टेशन को फिलहाल ड्रॉप कर दिया गया है. वहीं नौबस्ता में प्रपोज्ड माइनर डिपो को मेट्रो मैप से हटा दिया. हालांकि गोविन्द नगर को मेट्रो स्टेशन की लिस्ट में फ्यूचर स्टेशन के रूप में रखा गया है. इस तरह अब दोनों कॉरिडोर को मिलाकर अब 31 की जगह 30 मेट्रो स्टेशन होंगे. डीपीआर लेकर बुधवार को पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड, मिनिस्ट्री ऑफ अरबन डेवलपमेंट की मीटिंग हुई. पीआईबी ने कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट की डीपीआर पर सहमति जता दी है. अब इसे सेंट्रल कैबिनेट में रखा जाएगा. मीटिंग में लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी कुमार केशव के अलावा राइट्स के ऑफिसर भी शामिल हुए.

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कॉरिडोर--आईआईटी से नौबस्ता

लंबाई-- 23.785 किलोमीटर

एलीवेटेड - 15.164 किमी.

एलीवेटेड स्टेशन--14

अंडरग्राउंड-- 8.621 किमी.

अंडरग्राउंड स्टेशन--8

टोटल मेट्रो स्टेशन-- 22

मेट्रो स्टेशन-- आईआईटी, कल्याणपुर रेलवे स्टेशन, एसपीएम हॉस्पिटल के पास, सीएसजेएमयू, गुरूदेव चौराहा, गीता नगर, रावतपुर रेलवे स्टेशन, हैलट, मोतीझील, चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, फूलबाग, नयागंज, सेंट्रल स्टेशन, झक्करकटी बस डिपो, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी,, किदवई नगर, बसन्त विहार, बौद्ध नगर, नौबस्ता

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कॉरिडोर-- सीएसए से बर्रा 8

लंबाई-- 8.6 किमी.

एलीवेटेड-- 4.19 किमी.

एलीवेटेड स्टेशन-4

अंडरग्राउंड स्टेशन-8

अंडरग्राउंड स्टेशन-4

टोटल मेट्रो स्टेशन-- 8

मेट्रो स्टेशन-- सीएसए, रावतपुर रेलवे स्टेशन, काकादेव, डबलपुलिया, विजय नगर, शास्त्री चौक, बर्रा-7 व बर्रा 8

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