सिटी से धुल रहा मैलन्यूट्रिशन का दाग

2019-09-21T06:00:08Z

- चार साल में कई गुना कम हुआ बच्चों में मैलन्यूट्रिशन का खतरा, 11 हजार घट कर मात्र 1480 ही अति कुपोषित बच्चे कानपुर डिस्ट्रिक्ट में बचे

KANPUR@inext.co.in

KANPUR: बच्चों में मैलन्यूट्रिशन का खतरा कानपुर में अब काफी कम हो गया है। यह हम नहीं बल्कि हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारी बता रहे हैं। जिनमें मुताबिक लगातार प्रयासों से सिटी में रेड कैटेगरी में आने वाले अति कुपोषित बच्चों की संख्या 11,283 से घट कर मात्र 1480 रह गई है। डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम अफसर जफर खान के मुताबिक बीते दिनो सिटी के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में रजिस्टर्ड 5 साल तक के 2,02,572 बच्चों का वेट चेक किया गया। इसके साथ ही लगातार पोषण सप्ताह भी चलाए गए। जिसका असर भी दिखाई पड़ा है। रेड कैटेगरी में आने वाले अति कुपोषित बच्चों की संख्या में 86.88 परसेंट की कमी आई है। जबकि यलो कैटेगरी में आने वाले कुपोषित बच्चों की संख्या में 56.06 परसेंट की कमी अाई है।

मैलन्यूट्रिशन की तीन कैटेगरी

दरअसल बच्चों में कुपोषण के स्तर को मापने के लिए तीन कैटेगरी हैं। रेड कैटेगरी में अति कुपोषित बच्चे आते हैं। वहीं यलो कैटेगरी में कुपोषित बच्चों को शामिल किया जाता है.जबकि ग्रीन कैटेगरी में सामान्य बच्चे आते हैं।

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अगस्त 2019 तक रेड कैटेगरी में बच्चे- 11,283

सितंबर में रेड कैटेगरी में आए बच्चे- 1480

अगस्त 2019 तक यलो कैटेगरी में बच्चे- 63,976

सितंबर में यलो कैटेगरी बचे बच्चे-28110

सितंबर में यलो कैटेगरी से ग्रीन कैटेगरी में आए बच्चे- 35,866

सितंबर में कानपुर में कुल कुपोषित बच्चे-29,590

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कानपुर में आंगनबाॅड़ी केंद्र-2134

कुल रजिस्टर्ड बच्चे- 2,10,926

इतने बच्चों का चेक किया वेट- 2,02,572

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