'मॉडल स्ट्रीट' दूर करेंगी कानपुर का पॉल्यूशन

2019-11-19T05:45:34Z

आई एक्सक्लूसिव

-रोड साइड लगाए जाएंगे फ्लावर बेड, ग्रासिंग और लैंडस्केप भी बनाए जाएंगे

-रोड पर धूल को उड़ने से रोकने के लिए करने होंगे पर्याप्त इंतजाम

-आईआरएस के तहत किया जाएगा रोड किनारे फुटपाथ का निर्माण

KANPUR@inext.co.in

KANPUR : सिटी में डस्ट पॉल्यूशन को कम करने के लिए अब नया एक्शन प्लान तैयार किया गया है। हालांकि इस प्लान को पहले ही अडॉप्ट कर लेना चाहिए था। फिलहाल, अब सिटी में 70 परसेंट डस्ट पॉल्यूशन को कम करने के लिए मॉडल स्ट्रीट बनाई जाएंगी। इन रोड्स पर डस्ट पार्टिकल जरा भी नहीं उड़ेंगे, जो पॉल्यूशन रोकने में कारगर साबित होंगे। शासन से मिले निर्देश के बाद उन रोड्स का सर्वे शुरू हो गया है, जहां धूल सबसे ज्यादा उड़ती है। इन रोड्स के किनारे फ्लावर बेड, पौधे लगाने और ग्रासिंग की जाएगी जो डस्ट को रोकने में हेल्पफुल साबित होंगे।

सफाई न होना बड़ी वजह

सिटी में रोड्स के किनारे बड़े पैमाने पर फुटपाथ का कंस्ट्रक्शन किया गया। 104 किमी। से ज्यादा इंटरलॉकिंग टाइल्स से फुटपाथ का निर्माण किया जा चुका है। बावजूद इसके डस्ट कम नहीं हुई। इसका बड़ी वजह सफाई न होना है। इससे फुटपाथ के ऊपर भी डस्ट की मोटी लेयर बिछ गई है जो पॉल्यूशन का बड़ा कारण बन रही है। मामले में नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि स्ट्रीट मॉडल रोड बनाने के निर्देश शासन से मिले हैं। उद्यान अधीक्षक को सर्वे करने के लिए कहा है। कोशिश है कि रोड्स पर धूल बिल्कुल भी न रहे।

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अब अाई है याद

कानपुराइट्स का जब दम घुट रहा है, तब जिम्मेदार विभागों ने पॉल्यूशन से निपटने के इंतजाम शुरू किए गए। जबकि हर साल पॉल्यूशन का दंश कानपुर को झेलना पड़ता है। ग्रासिंग, फ्लावर बेड लगाने के बाद भी इसमें कम से कम 3 महीने का टाइम लगता है। ऐसे में ये प्रयास किसी काम के साबित नहीं होंगे। नगर विकास प्रमुख सचिव नगर विकास ने सभी निकायों को ये निर्देश दिए हैं कि रोड्स के किनारे डस्ट जरा भी न उड़ने दी जाए।

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नाकाम हो रहे प्रयास

पॉल्यूशन में देश ही दुनिया में नंबर-1 होने के बाद अभी तक सिर्फ पानी का छिड़काव किया जा रहा है। जबकि कूड़े के धुएं से होने वाले पॉल्यूशन को भी रोका नहीं जा सका है। वहीं व्हीकल पॉल्यूशन रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हुए।

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पैचवर्क ने दी थाेड़ी राहत

बारिश के बाद खस्ताहाल हुई सड़कों को बनाने का काम शुरू किया जा चुका है। पैचवर्क का काम लगभग पूरा होने की कगार पर है। इससे डस्ट उड़ना कम हुई और पॉल्यूशन से थोड़ी राहत भी कानपुराइट्स ने महसूस की। 40 किमी। से ज्यादा सड़कों का पैचवर्क पूरा किया जा चुका है।

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इन रोड्स पर डस्ट पॉल्यूशन ज्यादा

-फजलगंज से जरीबचौकी चौराहे तक।

-जरीबचौकी से झकरकटी बस अड्डे तक।

-नौबस्ता चौराहे से हमीरपुर रोड।

-पनकी-कल्याणपुर रोड

-पांडुनगर मेन रोड

-रामादेवी चौराहे से गंगा पुल तक आदि।

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इससे रुकेगा पॉल्यूशन

-फ्लावर बेड

-ग्रासिंग

-पेड़-पौधे लगाने

-पानी का छिड़काव

-फुटपाथ कंस्ट्रक्शन

-फुटपाथ और सड़कों की क्लीनिंग

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डस्ट पॉल्यूशन को कम करने के लिए इस तरह के प्रयास जरूरी हैं। जिन रोड्स पर ज्यादा डस्ट है, वहां ग्रास, पेड़-पौधे और फ्लावर बेड लगाकर डस्ट को उड़ने से रोका जाएगा।

-मनोज सिंह, प्रमुख सचिव, नगर विकास।

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एयर पॉल्यूशन को कम करने के लिए सभी तहसीलों को भी कहा गया है कि शासन से मिले निर्देश के मुताबिक धूल को उड़ने से रोका जाए। पानी का छिड़काव आदि पहले ही किया जा रहा है।

-विजय विश्वास पंत, डीएम।

Posted By: Inextlive

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