एक्सक्लूसिव कानपुर से जहर भेजा जा रहा है कुंभ

2019-02-06T12:51:06Z

जलकल की वजह से कुंभ में प्रदूषित पानी से नहा रहे हैं करोड़ों श्रद्धालुण्

..आई एक्सक्लूसिव

-सीसामऊ, नवाबगंज, बाबाघाट नाले के ओवरफ्लो होने से गंगा में सीधे जा रहा 'जहर', जल निगम ने जताई आपत्ति

-कुंभ के दौरान भी गंगा में जा रही है गंदगी, बेनाझाबर पंपिंग स्टेशन से जलकल सेटलिंग टैंक का गंदा पानी छोड़ा रहा

kanpur@inext.co.in
KANPUR : गंगाजल को शुद्ध और पवित्र करने के लिए सरकार के तमाम प्रयास फेल होते नजर आ रहे हैं. जिसके चलते कुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रदूषित जल में डुबकी लगाने के लिए जलकल मजबूर कर रहा है. बड़ी बात ये है कि जलकल ये 'पाप' खुलेआम कर रहा है. जलकल गंगा में प्रदूषित पानी छोड़ने का 'पाप' हफ्ते में 5 दिन कर रहा है. सरकार के सख्त आदेशों के बावजूद जलकल गंगा में प्रदूषित पानी छोड़ रहा है. इसको लेकर जल निगम ने अपनी कड़ी आपत्ति भी दर्ज कराई है. जलकल की ओर से बेनाझाबर पंपिंग स्टेशन से आए दिन पीक ऑवर में सेटलिंग टैंक की सफाई कर मिट्टी और सिल्ट के अलावा खतरनाक केमिकल युक्त पानी सीसामऊ नाले में छोड़ा जा रहा है. सोर्सेज की माने तो हफ्ते में 8 करोड़ लीटर प्रदूषित पानी गंगा में रोक के बाद भी प्रवाहित किया जा रहा है.

गंगा में गिर रहा सीसामऊ नाला
जल निगम के जीएम आरके अग्रवाल ने बताया कि जलकल की ओर से पीक टाइम में प्रदूषित जल प्रवाहित किया जा रहा है. इसकी वजह से सीसामऊ नाला कई बार ओवरफ्लो होकर गंगा में गिरने लगता है. इस पर कमिश्नर से लेकर शासन तक में शिकायत हो चुकी है. कुंभ के दौरान भी प्रदूषित पानी गंगा में प्रवाहित किया जाता रहा.

पंपों के संचालन में भी लापरवाही
नवाबगंज, बाबाघाट और परमट सीवेज पंपिंग स्टेशन का संचालन जलकल द्वारा किया जाता है. लेकिन इन पंपों के संचालन में जलकल द्वारा लापरवाही बरती जा रही है. नवाबगंज पंपिंग स्टेशन में 7 पंप हैं, लेकिन 3 पंप ही चलते हैं. वहीं बाबा घाट नाला पंपिंग स्टेशन में 3 पंप लगे हैं, जिसमें 1 खराब है. इसकी वजह से म्योर मिल नाला ओवर फ्लो होकर गंगा में गिर रहा है. इसी प्रकार परमट पंपिंग स्टेशन में 100 हॉर्सपॉवर के 2 और 125 हॉर्सपॉवर के 2 पंप लगे हैं. जल निगम जीएम के निरीक्षण के दौरान सभी पंप बंद पाए गए और परमट नाला गंगा में गिरता हुआ पाया गया.

ये नाले हुए टैप

-सीसामऊ नाला

-म्योर मिल नाला

-नवाबगंज नाला

-डबका नाला

-परमट नाला

-शीतलाबाजार नाला

-वाजिदपुर नाला

-बुढि़याघाट नाला

-टैफ्को नाला

-जेल नाला

-रानीघाट नाला

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ये नाले नहीं हुए टैप

-परमिया नाला

-गुप्तारघाट नाला

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जलकल द्वारा संचालित

-नवाबगंज सीवेज पंपिंग स्टेशन

-बाबाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन

-परमट सीवेज पंपिंग स्टेशन

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इन नालों पर बायोरैमिडिएशन

-गोलाघाट नाला

-सत्तीचौरा नाला

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गंगाजल की शुद्धता की रिपो‌र्र्ट..

नाले स्थिति पीएच डीओ बीओडी

परमिया अनटैप्ड 7.96 7.9 17

रानीघाट पार्शियली टैप्ड 7.66 8.4 86

टेफ्को टैप्ड 7.65 3.5 86

परमट टैप्ड 7.67 0 94

गुप्तार घाट अनटैप्ड 7.61 0 84

गोला घाट अनटैप्ड 7.41 0 62

सत्ती चौराहा अनटैप्ड 7.77 2.7 68

डबका अनटैप्ड 7.71 1.3 66

नोट- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जांच के आधार पर ये आंकड़े मिलीग्राम प्रति लीटर से हैं.

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दूषित पानी के मानक

बीओडी - 30 मिलीग्राम प्रति लीटर

डीओ (डिसॉल्वड ऑक्सीजनन) - 6 मिलीग्राम प्रति लीटर

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जलकल द्वारा आए दिन सीसामऊ नाले में बेनाझाबर स्थित जल शोधित संयंत्र का प्रदूषित पानी गंगा में छोड़ा जाता है. पीक ऑवर में पानी छोड़ने की वजह से सीसामऊ नाला ओवरफ्लो होकर गंगा में गिरने लगता है. पंपिंग स्टेशनों का सही तरीके से संचालन भी नहीं किया जा रहा है. ऐसे में कुंभ में प्रदूषित पानी पहुंच रहा है.

-आरके अग्रवाल, जीएम, जल निगम.


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