कांवड़ शिविरों में होगी भोजन की जांच

2019-07-11T11:00:20Z

एक-एक शिविर को लेनी होगी अनुमति

मानकों के अनुरूप ही होगा खाद्य पदार्थो का मैन्यू

एफडीए की टीम जांचेगी खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता

Meerut। 17 जुलाई से आरंभ होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के लिए शिविरों में मिलने वाला भोजन सुरक्षा मानकों पर खरा होगा। भोजन के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाएगा, वहीं फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की टीम कैंप में बनने वाले खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता का परीक्षण करेगी। जिला प्रशासन के निर्देशन में शिविरों में बनने वाले भोजन और पेय पदार्थो की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है।

यह होगी जिम्मेदारी

एडीएम सिटी महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पड़ने वाले कांवड़ मार्गो पर स्थित कांवड़ शिविरों व खाद्य एवं पेय पदार्थ की दुकानों का नियमित भ्रमण करेंगे। कांवड़ मार्ग पर जोन और सेक्टरवार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। शिविरों, दुकानों, ढाबों, होटलों में सुरक्षित भोजन और पेय पदार्थ मिले, यह खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा सभी दुकानों पर खाद्य सामग्री की रेट लिस्ट भी लगवाई जाएगी। जिससे कि कांवडि़यों और दुकानदारों के बीच रेट आदि को लेकर किसी तरह का विवाद न हो।

मीट की दुकानें रहेंगी बंद

कांवड़ मार्ग में पड़ने वाली मीट की दुकानें कांवड़ यात्रा के दौरान बंद रहेंगी। कांवड़ मार्ग या जनपद के किसी भी अन्य हिस्से में मीट या उसका अवशेष न मिले यह भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी की जनपद में कांवड़ यात्रा से पूर्व और कांवड़ यात्रा के दौरान चेकिंग की जिम्मेदारी होगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के काम की जांच भी मुख्य खाद्य अधिकारी करेंगे। डीएम अनिल ढींगरा के निर्देशन में गठित टीम कांवड़ यात्रा के दौरान रोजाना डीएम को रिपोर्टिग करेगी।

एक-एक शिविर पर रहेगी नजर

एडीएम सिटी ने बताया कि कांवड़ मार्ग में 18 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। टोल प्लाजा से वाया मोदीपुरम तिराहा से मोहिउद्दीनपुर तक, बेगमपुल से हापुड़ अड्डा तक, सरधना क्षेत्र व गंगनहर से पटी भोला झाल तक और हापुड़ अड्डा से वाया बिजली बंबा बाईपास शॉपरिक्स मॉल तक दो-दो अधिकारी तैनात रहेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुख्य मार्गो पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। वहीं एडीएम सिटी ने बताया कि बिना अनुमति के कोई भी कांवड़ शिविर नहीं लगा सकेगा।

कांवड़ यात्रा के दौरान शिविरों में मिलने वाला भोजन और पेय पदार्थ खाद्य सुरक्षा मानकों पर जांच के ही कांवड़ यात्रियों तक पहुंचेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जोनवार और सेक्टरवार तैनाती कर दी गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कांवड़ शिविरों में नियमित दौरा कर बन रही भोजन सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण करेंगे।

महेश चंद्र शर्मा, एडीएम सिटी, मेरठ

एलईडी से रोशन होगा कांवड़ मार्ग

कांवड़ यात्रा अगले सप्ताह से शुरू होने वाली है। ऐसे में नगर निगम कांवड़ मार्ग की साफ-सफाई से लेकर बेरिकेडिंग और लाइटिंग के काम में जुट गया है। इसके लिए निगम पहले पुरानी लाइटों को दुरुस्त करने के बाद नई लाइटों को लगाने का काम करेगा। इतना ही नहीं अस्थाई लाइटिंग के लिए निगम द्वारा बकायदा ठेका भी छोड़ा जा चुका है।

20 किमी रोशन होगा कावंड मार्ग

निगम के दायरे में आनी वाले करीब 20 किमी से अधिक लंबे कांवड़ मार्ग पर 15 से 20 जुलाई तक लाइटिंग का काम पूरा किया जाएगा।

परतापुर तिराहे से लेकर मोदीपुरम फ्लाईओवर तक।

शास्त्रीनगर एल ब्लॉक तिराहा से हापुड़ रोड बिजली बंबा तक।

बागपत रोड से मलियाना होते हुए बाईपास तक पूरे कावंड मार्ग को अस्थाई लाइट से कवर किया जाएगा।

जेनरेटर की रहेगी व्यवस्था

इस दौरान पूरे मार्ग पर जेनरेटर की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि पावर कट होने पर जेनरेटर के माध्यम से कांवड़ मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था सुचारू रह सके। साथ ही साथ करंट जैसी घटनाओं से बचने के लिए पॉलीथिन से वायरिंग और अस्थाई लाइट को कवर किया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार को नियमित रुप से निरीक्षण और तुरंत रिपेयरिंग का भी आदेश दिया गया है।

कांवड़ मार्ग पर काम शुरू हो चुका है। साफ-सफाई से लेकर लाइटिंग और चूना डालने का काम इस सप्ताह से शुरु हो जाएगा।

अमित सिंह, अपर नगरायुक्त


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