करण जौहर ने लॉकडाउन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए विभिन्न राहत कोषों और गैर सरकारी संगठनों को सहयोग देने की घोषणा की है। वहीं ऋचा चड्ढा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए स्थानीय गुरुद्वारा में भोजन दान कर रही हैं।

मुंबई (पीटीआई) फिल्म निर्माता करण जौहर ने शनिवार को कोरोना वायरस महामारी के कारण लॉकडाउन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए विभिन्न राहत कोषों और गैर सरकारी संगठनों को सहयोग देने की घोषणा की है। निर्माता अपने बैनर धर्मा प्रोडक्शंस के माध्यम से PM-CARES और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करेंगे। प्रोडक्शन हाउस बिना किसी लाभ के लोगों की मदद करने वाले संगठन जैसे जैसे कि इंडिया फंडरेजर, GOONJ, जोमाटो फीडिंग इंडिया, इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर ह्यूमन वैल्यूज (IAHV) और प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की भी मदद करेगा। प्रोडक्शन हाउस ने एक बयान में कहा, 'पिछले एक महीने में भारत इस निर्णय पहुंचा है कि महामारी दूर होने तक घर पर रहें और सुरक्षित रहें। लेकिन इस खतरनाक बीमारी के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिए बहुत कुछ करना बाकी है।'

मजदूरों को हो रही है ज्यादा परेशानी

प्रोडक्शन हाउस ने आगे कहा, 'लॉकडाउन बढ़ने से उन श्रमिकों और तकनीशियनों की परेशानी बढ़ गई है, जिनका आजीविका हर रोज की कमाई पर आधारित है। वे इस वक्त ऐसी स्थिति में हैं, जिसमें उन्हें यह तक पता नहीं है कि उन्हें कल भोजन कैसे मिलेगा। यह बहुत डरावना है।' कंपनी ने कहा कि ऐसे में लॉकडाउन से प्रभावित लोगों की मदद करना हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।

भोजन दान कर रही हैं ऋचा चड्ढा

वहीं, कोरोना वायरस के मद्देनजर बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने कहा कि वह जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए स्थानीय गुरुद्वारा में भोजन दान कर रही हैं। बता दें कि अभिनेत्री ने हाल ही में एक स्थानीय गुरुद्वारा को दान दिया और अपने प्रशंसकों से भी ऐसा करने का आग्रह किया। ऋचा ने कहा, 'जब मैंने गुरुद्वारा में लोगों से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि वे राशन स्वीकार करेंगे और पैसे नहीं। इसलिए मैं बगल में किराने की दुकान से उन पैसों का 10-20 किलोग्राम ग्रोसरी खरीद कर ले गई। अब मुझे पता चला है कि उन्हें हर दिन 250 किलोग्राम की आवश्यकता होती है, इसलिए मैं एक थोक स्थान का पता लगा रही हूं जो मुझे बड़ी मात्रा में फ़ूड ग्रेन और दालें दे सके।' उन्होंने कहा कि जब सभी के लिए बड़ी राशि दान करना संभव नहीं है, तो लोगों को अपना काम करने से नहीं रोकना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, 'भले ही आप इस समय एक व्यक्ति, या एक परिवार का समर्थन कर सकते हैं, यह अच्छा है। लोग कह सकते हैं कि इससे कैसे फर्क पड़ता है? यह सिर्फ एक व्यक्ति है। लेकिन इससे उस व्यक्ति पर फर्क पड़ता है, क्योंकि वह व्यक्ति अब भूखा नहीं है। हमें इन समयों में एक दूसरे के प्रति दयालु होना चाहिए।'

Posted By: Mukul Kumar