एक छत के नीचे पीएम ने जिया पूरा काशी

2019-07-07T10:59:11Z

सदानीरा के तट पर मान महल वर्चुअल म्यूजियम का अवलोकन करने पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने एक ही छत के नीचे सवा घंटे में पूरे बनारस को जी लिया

-मान मंदिर में बने डिजिटल म्यूजियम का पीएम मोदी ने किया अवलोकन

-काशी के छह हजार वर्षो के इतिहास, कला, संस्कृति को सवा घंटे में देखा

varanasi@inext.co.in
VARANASI:  पीएम नरेंद्र मोदी तंग गलियों में घूमे तो गंगा में दीपदान किया. यही नहीं बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन करने के साथ ही घाट, शास्त्रीय संगीत, साड़ी बुनाई, रामलीला, स्मारक, पान की दुकान आदि को रोचक अंदाज में थ्रीडी के जरिए देखा. संपूर्ण काशी नगरी को आभासी आकार में समेटे मान महल के अवलोकन के बाद पीएम ने इसे और बेहतर करने पर जोर दिया. दोपहर सवा दो बजे पहुंचे पीएम करीब साढ़े तीन बजे दशाश्वमेध स्थित मान मंदिर से निकले. डिजिटल म्युजियम के जरिए काशी के छह हजार वर्ष के इतिहास को पीएम मोदी ने सवा घंटे में जाना.

एक छत के नीचे पूरा बनारस
करीब ग्यारह करोड़ रुपये की लागत से मान महल को वर्चुअल म्यूजियम का आकार राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद नई दिल्ली ने दिया है. इसमें शहर के मन मिजाज, खानपान, धार्मिकता और शानोशौकत को डिजिटली जीवंत किया गया है. म्यूजियम के अंदर वर्चुअल रियल्टी टेक्नोलॉजी के उपयोग से प्रोजेक्टर, एलईडी, वीडियो क्लिप समेत श्रव्य दृश्य माध्यमों के जरिए गंगा की मौज, कला- संस्कृति, धार्मिक विधान, पूजन- अनुष्ठान, पर्व-उत्सव, तीज-त्योहार, साहित्यसेवी- कलाकार, रहन-सहन, खानपान, अंदाज-मिजाज या यह भी कह सकते हैं समूचे बनारस को एक छत के नीचे आकार दिया गया है.

पीएम के संसदीय क्षेत्र में लांच किया गया
ज्ञान-विज्ञान के समावेश से बने देश के अनूठे आभासी संग्रहालय का उद्घाटन पीएम मोदी ने फरवरी में किया था. मगर, अवलोकन करने का दिन शनिवार छह जुलाई तय हुआ. खास यह कि आभासी संग्रहालय पहले नई दिल्ली में बनाया जाना था लेकिन इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पीएम के संसदीय क्षेत्र में लांच किया गया. सांस्कृतिक रंगो से सराबोर यह ऐसा संग्रहालय है जहां वास्तविक कुछ भी नहीं है, सब कुछ आभासी है. आप उसे छू नहीं सकते लेकिन महसूस कर सकते हैं. यह संग्रहालय काशी की धर्म, कला और संस्कृति का बेहतरीन अभास कराता है. यहां प्रवेश करते ही एक नजर मे पूरी काशी का संक्षिप्त परिचय होता है. यहां आप तेजी से बदलती काशी को बगैर भाग दौड़ किए एक ही छत के नीचे एक से दो घंटे में देख सकते हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, सूचना राज्य मंत्री डॉ नीलकण्ठ तिवारी आदि रहे.

खास बातें

-संग्रहालय में एक मंदिर है, जिसमें एक घंटी को छूते ही घंटे की आवाज और शिवलिंग पर पुष्प वर्षा स्क्रीन पर होती दिखती है

-अगले ही पल बनारसी पान और काशी की गलियों का आभास भी होता है

-थ्रीडी वीडियो में गंगा के उद्गम, काशी में प्रवाह और मंदिरों का इतिहास भी देख सकेंगे

-बारिश की हल्की फुहार, विश्व प्रसिद्ध नागनथैया लीला, भरत मिलाप, बनारसी साड़ी से लेकर काशी की मीनाकारी देख सकते हैं

-काशी की पत्रकारिता के साथ ही काशी का साहित्य और यहां आने वाले व्हेनसांग से लेकर रविन्द्र नाथ टैगोर तक की जानकारी हिंदी और अंग्रेजी में है

-प्रोजेक्टर के माध्यम से काशी की प्राचीनतम बस्ती, भगवान बुद्ध का प्रथम उपदेश, सारनाथ में अशोक स्तंभ और स्तूप स्थापना, गोस्वामी तुलसी दास, रामनगर किला, भारत कला भवन आदि को दिखाया गया है

-एक नजर में काशी को 3डी में बनाया गया है, इसमें घाट, मंदिर, मस्जिद, सारनाथ समेत शहर के प्रमुख स्थानों को दर्शाया गया है

-गंगा अवतरण गैलरी में 15 से 20 पर्यटक बैठकर गंगा के धरती पर अवतरण की पूरी कथा का अहसास कर सकते हैं

-संग्रहालय में बनारस की गली का सजीव अहसास होगा, ऐसा लगेगा की आप खुद उसमें घूम रहे हैं

-ऑडियो से गलियों में होने वाले शोर, मंदिर की घंटी, वाहनों की आवाज आदि सुनाई देगी, गली में ही पान की दुकान भी लगी है


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