कठुआ दुष्कर्म मामला तीन दोषियों को उम्र कैद और पुलिस वालों को पांच पांच साल की सजा

2019-06-10T17:41:37Z

कठुआ दुष्कर्म मामले में तीन दोषियों को उम्र कैद और पुलिस वालों को पांच पांच साल की सजा सुनाई गई है। वकील ने इस बात की पुष्टि की है।

पठानकोट (एएनआई)। कठुआ दुष्कर्म और हत्या मामले में सात लोगों में से छह आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। वकील ने बताया कि इस मामले में तीन मुख्य आरोपी को उम्र कैद की सजा मिली है। संजी राम, स्पेशल पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया और आम नागरिक परवीन कुमार को रणबीर दंड संहिता की धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है और उनपर आपराधिक षड्यंत्र, हत्या, अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, सबूतों को नष्ट करने और नशाखुरानी से संबंधित मामले दर्ज थे। वकील ने कहा कि तीनों को नाबालिक बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के लिए 25 साल जेल और हत्या के लिए आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर एक लाख रुपये का जुरमाना लगाया गया है। इसके अलावा बाकी तीन आरोपियों सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज और स्पेशल पुलिस अधिकारी सुरेंद्र वर्मा को सबूत मिटाने के जुर्म में पांच साल कैद की सजा दी गई है।   

2018 का यह मामला
सोमवार को पठानकोट जिला और सत्र न्यायालय ने पिछले साल 2018 में जम्मू और कश्मीर के कठुआ में आठ साल की मुस्लिम लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में यह फैसला सुनाया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के बाहर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहे, ऐसा माना जा रहा था कि कोर्ट के फैसले के बाद दंगा भड़क सकता था। बता दें कि 10 जनवरी, 2018 को जम्मू कश्मीर के रसाना से नाबालिग लड़की के अपहरण के बाद आरोपितों ने उसे पहले देवस्थान और उससे लगते जंगलों में रखा, फिर उसके साथ करीब एक हफ्ते तक दुष्कर्म किया, नशे की गोली भी दी और बाद में उन्होंने पत्थर से मारकर उसकी हत्या कर दी।
कठुआ दुष्कर्म मामला : हेड कांस्टेबल सहित छह आरोपी दोषी करार, एक बरी

एक के खिलाफ हाई कोर्ट में चल रहा मामला
जज ने गांव के प्रधान सांजी राम, दो स्पेशल पुलिस अफसर (एसपीओ) दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा, हेड कांस्टेबल तिलक राज, आनंद दत्ता और परवेश कुमार को दोषी ठहराया है। केवल सांझी राम के बेटे विशाल को इस मामले में बरी कर दिया गया है। आठ में से सात आरोपियों के खिलाफ अप्रैल 2018 में शुरू हुई सुनवाई पिछले सप्ताह 3 जून को समाप्त हो गई थी। इसमें एक आरोपी नाबालिक है, जिसकी सुनवाई लंबित है क्योंकि उसका उम्र का मामला जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट में चल रहा है। क्राइम ब्रांच ने गांव प्रधान सांजी राम, उसके बेटे विशाल, किशोर भतीजे, उसके दोस्त आनंद दत्ता और दो स्पेशल पुलिस अफसर दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा को गिरफ्तार किया था। बता दें कि हेड कांस्टेबल तिलक राज और सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता ने कथित रूप से सांजी राम से 4 लाख रुपये लिए और इस मामले में मुख्य सबूत मिटा दिए था, उन्हें भी क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया था।



This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.