प्रदूषण से निपटने के लिए कानपुर में लगेंगे जंगल

2019-04-08T09:48:06Z

50 एकड़ से अधिक का होगा सिटी फॉरेस्ट केडीए ऑफिसर्स ने जमीन देखी फॉरेस्ट ऑफिसर्स की ली जा रही हेल्प

kanpur@inext.co.in
KANPUR: गायब होती हरियाली और बढ़ते पॉल्यूशन से बिगड़ रहे एनवॉयरमेंट को सुधारने के लिए केडीए सिटी में फॉरेस्ट डेवलप करेगा. यह फॉरेस्ट 50 एकड़ से अधिक का होगा. फिलहाल जवाहरपुरम के पास सिटी फॉरेस्ट डेवलप किए जाने की संभावना अधिक है. यहां केडीए की ग्राम समाज की काफी जमीन है. बीच में प्राइवेट जमीन भी नहीं आ रही है. हालांकि पनका सहित अन्य एरिया में जमीन तलाशी जा रही है. फॉरेस्ट डेवलप करने के लिए केडीए वन विभाग से भी मदद ले रहा है.

पाॅल्यूशन के लिए कुख्यात
सिटी में जबरदस्त एयर पॉल्यूशन हैं. पॉल्यूशन के कारण कानपुर पूरी दुनिया में कुख्यात है. शहर से हरियाली बिल्कुल गायब हो चुकी है. फॉरेस्ट एरिया दो परसेंट से भी कम है जबकि स्टैं‌र्ड्डस के मुताबिक ग्रीन कवर 30 परसेंट से कम नहीं होना चाहिए, इसके बावजूद ग्रीनरी बढ़ाने को लेकर जबरदस्त लापरवाही बरती जा रही है. ग्रीन बेल्ट और पार्को में अवैध कब्जे या उजाड़ पड़े हैं.

'कागजों' पर खूब ग्रीनरी
सिटी में बढ़ते एयर पाल्यूशन की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए मास्टर प्लान 2021 में ग्रीन बेल्ट, पार्क, फॉरेस्ट आदि के रूप में अच्छी खासी जगह रखी गई. पर ये ग्रीनरी कागजों तक सिमट कर रह गई है. शायद यही वजह है कि एयर पॉल्यूशन के कारण कानपुराइट्स गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं.
अब बढ़ा रहे कदम
बढ़ते एयर पॉल्यूशन की समस्या से निटपने के लिए अब सिटी में ग्रीन कवर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. उजाड़ पड़े तात्याटोपे नगर पार्क सहित अन्य पार्को को हरा-भरा किया गया है. ग्रीन बेल्ट खाली कराई जा रही है. हर साल हजारों की संख्या में प्लांटेशन भी किए जा रहे हैं. अब फॉरेस्ट डेवलप करने की तैयारी हो रही है.

केडीए वीसी ने ली मीटिंग
सिटी फॉरेस्ट को लेकर पिछले दिनों केडीए वीसी किंजल सिंह की अध्यक्षता में अथॉरिटी में मीटिंग भी हुई थी. इसमें डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर भी शामिल थे. केडीए ऑफिसर्स के मुताबिक जवाहरपुरम के पास मकसूदाबाद में केडीए की ग्राम समाज की तकरीबन 200 बीघा जमीन है. बीच में प्राइवेट भूमि भी नहीं है. इसमें से 50 एकड़ से अधिक एरिया का सिटी फॉरेस्ट डेवलप हो सकता है. वहीं पनका के पास स्थित केडीए की जमीन के बीच में प्राइवेट भूमि है. इसी वजह से मकसूदाबाद में सिटी फॉरेस्ट फाइनल होना लगभग तय हैं.

मास्टर प्लान 2021 में प्रपोज्ड भू प्रयोग

रिजर्व फॉरेस्ट/चिडि़याघर--110 हेक्टेयर

लोकल पार्क--435 हेक्टेयर

डिस्ट्रिक्ट पार्क-- 447 हेक्टेयर

जोनल पार्क--282 हेक्टेयर

ओपेन एरिया--973 हेक्टेयर

स्टेडियम, ग्राउंड-- 8 हेक्टेयर

एम्यूजमेंट पार्क-- 558 हेक्टेयर

एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर फार्म-- 708 हेक्टेयर

फॉरेस्ट एरिया-- 396 हेक्टेयर

सोशल फॉरेस्ट एरिया-418

ग्रीन वर्ज-- 2512 हेक्टेयर

-27 लाख ट्री प्लांटेशन का है टारगेट इस वर्ष

-16 लाख पेड़ लगाने का था पिछले साल टारगेट

--सिटी फॉरेस्ट डेवलप होने से शहर की एयर क्वालिटी में सुधार होगा. साथ ही एंबियंट टेम्परेचर में कन्ट्रोल होगा. सिटी फॉरेस्ट में पॉथवे भी होगा. जिससे लोग भी आ-जा सके.

-- अरविन्द कुमार, डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर, कानपुर नगर


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