ईबुक की राह पर बच्चों ने लगाई रेस

2017-06-19T07:40:03Z

ई बुक रिव्यू लिखने की कला में माहिर हुए केंद्रीय विद्यालय के बच्चे

ALLAHABAD: हाईटेक युग में सब कुछ बदल रहा है, ऐसे में भला छात्रों के पढ़ाई का तरीका पुराना कैसे रह सकता है। कॉपी, कलम, किताब छोड़ कर अब स्टूडेंट्स ई बुक पढ़कर ई बुक रिव्यू की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। इस कला में केंद्रीय विद्यालय झलवा के स्टूडेंट्स निपुण हो चुके हैं। यह सब संभव हुआ केन्द्रीय विद्यालय की पुस्तकालय अध्यक्ष माधुरी रावत के प्रयासों से।

प्रोजेक्ट के तहत किया काम

विद्यालय के बच्चों ने यह काम पीएम नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन में सहभागिता के लिये माई ऑनलाईन बुक रिव्यू प्रोजेक्ट के तहत काम किया है। प्रोजेक्ट के तहत बच्चों को ई बुक पढ़ने और ई बुक रिव्यू लिखने के लिये प्रोत्साहित किया गया। लाईब्रेरियन माधुरी रावत ने कहा कि जमाना लैपटाप, टैबलेट, मोबाइल के साथ सोशलमिडिया और इंटरनेट का है। आज सबकुछ डिजिटल रूप में मौजूद है। ऐसे में स्कूल के बच्चे भी वेबसाइट www.myonlinebookreview.worldpress.com पर उपलब्ध हैं।

समीक्षा लिखने में बने निपुण

बताया कि रिसोर्स ऑफ ई बुक, ई बुक कैसे पढें? ई बुक रिव्यू लिखने के टिप्स और फार्मेट की जानकारी बच्चों को वर्कशाप में विद्यालय स्तर पर ही उपलब्ध कराई गई। प्रोजेक्ट के तहत बच्चों को खुद वेबसाइट पर जाकर पुस्तक समीक्षा लिखने व प्रकाशित करने का अधिकार देने की पहल की गई। इसके लिए सबसे पहले उन बच्चों को पहले आगे लाया गया, जो सौ फीसदी सही समीक्षा लिखने में निपुण हो गए हैं। बच्चों के लिये लेखक से मिलिए, बुक मार्क बनाना, समर व विंटर रीडिंग चैलेंज, बुक जैकेट मेकिंग, स्टोरी टेलिंग आदि कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

बच्चे अपना बुक रिव्यू खुद लिखकर प्रकाशित करते हैं। उन्हें बहुत सुखद अनुभूति होती है, साथ ही बच्चों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत भी किया गया। इससे उन्हें मोटिवेशन मिलता है।

माधुरी रावत, लाइब्रेरियन


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