केस्को का कन्ज्यूमर्स से करोड़ों का फ्रॉड

2019-02-03T06:00:27Z

केस्को बन गया दलाल, कंज्यूमर्स को कर रहा हलाल

कंज्यूमर्स से धोखेबाजी करता है केस्को

-- मीटर सप्लाई करने वाली कंपनीज से मीटर की साढ़े पांच साल की गारंटी लेता है केस्को, कंज्यूमर्स को देता है एक साल की

-एक साल की गारंटी खत्म होने के बाद मीटर बदलने के लिए कंज्यूमर से लेता है पैसे, जबकि कंपनी से फ्री में कराता है रिप्लेस

- कार्रवाई के नाम पर कंपनियों की लाखों, करोड़ों रुपए की सिक्योरिटी मनी व बकाया पेमेंट भी जब्त कर लेता है

KANPUR: यूं तो केस्को को शहर में पावर सप्लाई करने की जिम्मेदारी दी गई लेकिन केस्को एक काम और करता हैदलाली, धोखा, फ्रॉडवो अपने ही कंज्यूमर्स के साथ। जी हां, सही पढ़ाइलेक्ट्रिसिटी मीटर के नाम पर केस्को अपने कन्ज्यूमर्स के साथ बड़ा फ्रॉड कर रहा है। फ्रॉड का यह खेल कई सालों चल रहा है जिससे वह करोड़ों के वारे-न्यारे कर चुका है। वह सप्लॉयर कम्पनीज से मीटर की 5.6 साल की गारंटी लेता है लेकिन कंज्यूमर्स को केवल एक साल की ही गारंटी देता है। एक साल के गारंटी पीरियड के बाद मीटर खराब होने पर वह बदलने के लिए लोगों से मीटर कॉस्ट वसूल लेता है। जबकि सप्लायर्स कंपनियों से वह मीटर फ्री में ही रिप्लेस करा लेता है।

कई सालों से हो रही लूट

अगर कम्पनी फ्री में मीटर रिप्लेस नहीं करती है तो केस्को में जमा उनकी सिक्योरिटी मनी जब्त कर लेता है। हाल ही में केस्को ने मीटर खराब होने पर दो कम्पनियों की बकाया धनराशि व सिक्योरिटी मनी मिलाकर लगभग 2 करोड़ रूपए जब्त की है। केस्को के कन्ज्यूमर्स के साथ यह फ्रॉड का सिलसिला कई वर्षो से चला रहा है। जिससे केस्को गारंटी अवधि में खराब होने वाले मीटर्स के नाम पर कानपुराइट्स व कम्पनी से करोड़ों रूपए कमाई कर चुका है।

60 हजार मीटर की होती है जरूरत

केस्को हर वर्ष लगभग 60 हजार मीटर खरीदता है। ज्यादातर सप्लाई कम्पनियों से वह साढ़े पांच साल की गारंटी लेता है। यानि अगर इस बीच मीटर खराब हो गए तो उसे मीटर फ्री में बदलना होगा। इसके अलावा घटिया मीटर सप्लाई करने पर केस्को उस कम्पनी की जमा सिक्योरिटी मनी जब्त व बकाया पेमेंट भी रोकने की कार्रवाई करता है। हाल ही में एवन कम्पनी के करीब 1000 मीटर और जीनस कम्पनी के लगभग 1600 मीटर खराब हो गए। ये सभी मीटर गारंटी अवधि बीतने से पहले ही खराब हो गए। केस्को ने गारंटी अवधि में मीटर खराब होने पर एवन कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने के साथ बकाया 1 करोड़ का पेमेंट भी रोक लिया है। इसके साथ ही उसकी सिक्योरिटी मनी करीब 50 लाख जब्त कर ली है। इसी तरह जीनस कम्पनी के मीटर खराब होने पर उसकी सिक्योरिटी मनी करीब 46 लाख जब्त भी कर ली है। कम्पनी खराब मीटर रिप्लेस करने को भी तैयार हो गई है।

25 हजार मीटर हो जाते हैं खराब

सिटी में केस्को के 6 लाख से अधिक कन्ज्यूमर हैं। इनमें से हर साल लगभग 25 हजार लोगों के यहां लगे इलेक्ट्रिसिटी मीटर खराब हो जाते हैं। केस्को इम्प्लाइज की मानें तो 25 हजार में से लगभग 3 से 4 हजार के लगभग मीटर ऐसे होते हैं, जो कि गारंटी पीरियड बीतने से पहले ही खराब हो जाते हैं। लोग खराब मीटर बदलने के लिए केस्को ऑफिसर्स के पास जाते हैं तो एक साल से ज्यादा समय हो जाने पर कन्ज्यूमर्स से मीटर कास्ट जमा करा लेता है। मीटर जमा करने के बाद ही वह खराब इलेक्ट्रिसिटी मीटर बदलता है। मीटर की गारंटी का कोई कागजात भी केस्को लोगों को नहीं देता है।

ये है मीटर की कीमत

इलेक्ट्रिसिटी मीटर-- कास्ट

सिंगल फेज- 641 रुपए

थ्री फेज -- 1712 रुपए

एलपीआर थ्री फेज-- 1806 रुपए

(कास्ट प्रति मीटर है)

कम्पनी से गारंटी - 5.6 साल

कन्ज्यूमर को गारंटी- 1 साल(लगाने के समय से)

ये आ रही हैं खराबी

-- नो डिसप्ले होना (रीडिंग गायब)

-- रीडिंग स्टॉप होना

-अनाप-शनाप पॉवर डिमांड बताना

--मीटर रीडिंग अचानक जम्प करना

-- एमआरआई न पाना

-टीओडी का स्लॉट अपडेट न होना

इलेक्ट्रिसिटी मीटर खराबी का हाल

कन्ज्यूमर्स की संख्या- 6.0 लाख

खराब मीटर बदले जाते-- 25 हजार

गारंटी अवधि से पहले के-- 3 से 4 हजार

पिछले साल खराब हुए मीटर-- 2600 मीटर(गांरटी अवधि में)


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