शहीद की पत्नी के हत्यारे देवर को उम्र कैद

2014-01-16T18:20:05Z

Meerut कंकरखेड़ा क्षेत्र की श्रद्धापुरी में चार साल पहले शहीद सैनिक की पत्नी बबीता की हत्या करने वाले देवर को बुधवार को स्पेशल जज एससीएसटी ने हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है दस हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है

मकान के लिए बना रहा था दबाव
दो अप्रैल 2009 को श्रद्धापुरी कालोनी के फेज दो में रहने वाली शहीद सैनिक लांस नायक देशपाल तोमर की पत्नी बबीता की बेटियों के सामने ही गला घोटकर हत्या कर दी गई थी. घटना की रिपोर्ट मृतका बबीता की 14 वर्षीय बेटी आरती ने दर्ज कराई थी. रिपोर्ट में कहा था कि जब वह अपनी छोटी बहन के साथ पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे स्कूल से लौटी तो उसका चाचा संजय तोमर मम्मी पर मकान नाम करने के लिये दबाव डाल रहा था लेकिन मां इसके लिए तैयार नहीं हो रही थी. इस पर चाचा ने मम्मी के साथ मारपीट की और चुन्नी से गला घोटकर हत्या कर दी. इतना ही दोनों बहनों को मुंह बंद करने की धमकी भी दी. उनके शोर मचाने पर आरोपी चाचा फरार हो गया. पुलिस ने संजय तोमर निवासी श्रद्धापुरी मेरठ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया. सुनवाई स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट सतीश चंद शर्मा की अदालत में हुई. सरकारी वकील ने वादी आरती, एनके गुप्ता, दरोगा हरदेश, दरोगा विनीत सिंह को पेश किया. स्पेशल जज एससी एसटी ने संजय तोमर को बबीता की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा व दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है.



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