बीकेएस द्वारा प्रायोजित 'किसान गर्जना' रैली में चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। किसानों की 'किसान सम्मान निधि' में वृद्धि समेत कुल चार मांगे हैं।


नई दिल्ली (पीटीआई / एएनआई)। भारतीय किसान संघ (बीकेएस) के किसान अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में किसान गर्जना रैली कर रहे हैं। माना जा रहा है कि देश भर के 560 जिलों की 60 हजार ग्राम समितियों के एक लाख से अधिक किसान किसान गर्जन रैली में शामिल होने के लिए रामलीला मैदान पहुंचे हैं। रैली में किसानों ने चेतावनी दी कि अगर समय पर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो राज्यों और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रैली चार प्रमुख मांगों को लेकर आयोजित की गई
बीकेएस के अखिल भारतीय अभियान प्रमुख राघवेंद्र पटेल ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया पिछले 4 महीनों में, लगभग 20,000 किलोमीटर पदयात्रा, 13,000 किलोमीटर साइकिल रैलियां, और 18,000 सड़क सभाएं, जिनमें दक्षिणी राज्य तेलंगाना और मध्य भारत के मध्य प्रदेश में बड़ी सभाएं शामिल हैं। बीकेएस द्वारा देश भर में इस तरह के आयोजन के बाद यह मेगा रैली आज दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की गई है। यह रैली चार प्रमुख मांगों को लेकर आयोजित की गई है। 'किसान सम्मान निधि' में पर्याप्त वृद्धि होनी चाहिए


इसमें पहली, लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य लागू किया जाना चाहिए और सुनिश्चित किया जाना चाहिए। दूसरी सभी प्रकार के कृषि आदानों पर जीएसटी को समाप्त किया जाना चाहिए। तीसरी 'किसान सम्मान निधि' में पर्याप्त वृद्धि होनी चाहिए, भारत सरकार से 100 प्रतिशत वित्त पोषण वाली एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना जो किसानों को न्यूनतम आय सहायता के रूप में प्रति वर्ष 6,000 रुपये तक देती है। इसके अलावा चाैथी मांग ये है कि आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) फसलों के लिए अनुमति वापस ली जानी चाहिए।

Posted By: Shweta Mishra