गांधी जयंती इन्‍होंने बनाया स्‍वच्‍छ भारत अभियान का लोगो जानें क्‍या है इसका मतलब

2018-10-02T11:27:52Z

आज 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के साथ ही स्वच्छ भारत अभियान का जश्न भी मनाया जा रहा है। आज ही के दिन इस अभियान की शुरुआत हुर्इ थी। आइए आज इस खास दिन पर जानें स्वच्छ भारत अभियान के लोगो का क्या मतलब है

कानपुर। स्वच्छ भारत अभियान का लोगों बेहद खास आैर अलग है। इस लोगो के लिए भारत सरकार ने 2014 में देश के नागरिकों से सुझाव मांगे थे। mygov.in वेबसाइट पर लोगों से इस इस अभियान के लिए प्रतीक चिन्ह (लोगो) डिजाइन करने व एक सशक्त नारा (स्लोगन) लिखने के लिए कहा गया था। बड़ी संख्या में लोगों ने इस में बढ़चढ़ कर  हिस्सा लिया था। 19 सितंबर, तक देश भर से करीब 1,636  लोगो आैर 5,168 स्लोगन प्राप्त हुए थे।
इन लोगों ने बनाया था प्रतीक चिन्ह व स्लोगन
भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट pib.nic.in के मुताबिक इस स्वच्छ भारत मिशन के लिए महाराष्ट्र के कोल्हापुर के अनंत खसबरदार का बनाया लोगो चयनित हुआ था। वहीं इस अभियान का स्लोगन एक कदम स्वच्छता की ओर...गुजरात के राजकोट की भाग्यश्री सेठ द्वारा लिखा गया था। इसके बाद 2 अक्टूबर, 2014 के दिन स्वच्छ भारत मिशन अभियान को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली राजपथ पर हरी झंडी दिखार्इ थी।

मिशन के लोगो आैर स्लोगन का ये है मतलब

स्वच्छ भारत अभियान के लोगो में महात्मा गांधी के चश्मे के दोनों शीशों पर स्वच्छ भारत लिखा हुआ है। इन शीशों को जोड़ने वाले हिस्से पर राष्ट्रीय तिरंगे को दर्शाया गया है। यह इस बात की आेर इशारा करता है कि पूरा देश गांधी के स्वच्छ भारत सपने को साकार करने के लिए एकजुट है। वहीं इसका स्लोगन एक कदम स्वच्छता की ओर भी शानदार है। यह स्लोगन सभी नागरिकों को स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए प्रेरित करता दिखार्इ देता है।

लोगो व स्लोगन लिखने वालों को मिला था इनाम

इस अभियान के अंतर्गत 2 अक्टूबर 2019 तक स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। खास बात तो यह है कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतीक चिन्ह से जुड़ी प्रतियोगिता में अनंत खसबरदार को एक विजेता के रूप में  50,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया था। इसके अलावा गुजरात के राजकोट की भाग्यश्री को भी शानदार टैगलाइन के लिए  25,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया था।

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