हाल ही में तमिलनाडु की पूर्व मुख्‍यमंत्री जयललिता के निधन के बाद अन्‍नाद्रमुक में उनकी कमी को पूरा करने की चर्चा होने लगी। यह एक बड़ा सवाल है कि अब इस खाली जगह कौन भर सकता है? ऐसे में बहुत से लोग शशिकला नटराजन का नाम ले रहे हैं। वहीं कुछ लोग उन्‍हें जयललिता की जगह देने को सिरे से खारिज कर रहे हैं। हालांकि जयललिता की तरह शशिकला की कहानी कुछ कम नहीं है। आइए जानें इनकी दोस्‍ती का खास सफर...


अजूबे से कम नहीं जयललिता के निधन पर शशिकला नटराजन पूरे दिन उनके पार्थिव शरीर के बगल में खड़ी रहीं। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थ्ो। शशिकला और जयललिता की दोस्ती की एक बड़ी दिलचस्प कहानी है। इनकी दोस्ती को लेकर कहा जाता है कि इन दोनों की दोस्ती होना किसी अजूबे से कम नही है। दोनों बिल्कुल अलग-अलग दिशाओं से थी। जयललिता एक मशहूर हस्ती थीं जब कि शशिकला वीडियो कैसेट बेचती थी। जयललिता की अकेली हिंदी फिल्म के हीरो थे धर्मेंद्रगहरी दोस्ती हो गई


जललिता उस समय मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन के साथ सत्ता में काफी अच्छी पोजीशन पर थीं। जिससे नटराजन भी इस जुगाड़ में लग गए कि शशिकला को जयललिता से मिलवाया जा सके। ऐसे में इसके लिए उन्होंने चंद्रलेखा से इस बात का जिक्र किया। इस पर चंद्रलेखा भी तैयार हो गई। इसके बाद दोनों की मुलाकात कराई गई। एक ही बार मिलने पर शशिकला और जयललिता में गहरी दोस्ती हो गई। बनने लगा अम्मा जयललिता का मंदिर, 24 फरवरी को होगा उद्धाटनदोस्ती में उतार-चढ़ाव

इसके बाद जयललिता शशिकला की किसी भी मदद में पीछे नहीं रहती थीं। 1988 में शशिकला अपने पूरे परिवार के साथ जयललिता के घर में भी रहीं। जयललिता शशिकला को अपना बड़ा हितैषी मानने लगीं थीं। वह उनके साथ पार्टी से जुड़े सभी फैसलों में अहम भूमिका निभाने लगीं। इसके अलावा उनकी संपत्ति आदि की भी सारी जानकारी शशिकला ही रखती थीं। इसके बाद उनकी दोस्ती में कई उतार-चढ़ाव भी हुए जो काफी चर्चा में रहें।दुनिया की सबसे ताकतवर हस्तियों में मित्र बराक से आगे निकले मोदी, देखें सूची

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Posted By: Shweta Mishra