किसान खोलेंगे मंडी लाइसेंस देगी सरकार कृषि कुंभ समापन पर ये हुए सम्मानित

2018-10-29T12:00:45Z

निजी क्षेत्र में मंडियों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए किसानों और कोल्ड स्टोरेज व वेयरहाउस संचालकों को कृषि उपज की मंडियां स्थापित करने के लिए लाइसेंस दिये जाएंगे।

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय कृषि कुंभ के समापन समारोह में रविवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि किसी ब्लॉक में यदि कोई किसान अपनी जमीन पर मंडी स्थापित करना चाहता है तो सरकार इसके लिए उसे लाइसेंस देगी। वहीं प्रदेश में निजी क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज या वेयरहाउस (गोदाम) संचालित करने वाले लोग यदि अपनी जमीन पर मंडी स्थापित करना चाहते हैं तो सरकार उन्हें भी इसके लिए लाइसेंस देगी। रविवार को कृषि कुंभ का समापन राज्यपाल राम नाईक ने किया।
एक बार जमा करनी होगी लाइसेंस फीस
शाही ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने लाइसेंस फीस सिर्फ एक बार जमा करने का प्रावधान कर दिया है। सरकार फार्मर्स प्रोड्यूसर्स ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) को प्रदेश में गोदामों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन देगी। प्रदेश में एक वर्ष पहले रजिस्ट्रेशन कराकर काम कर रहे 100 एफपीओ में से प्रत्येक को राज्य सरकार इस साल 60 लाख रुपये अनुदान देगी। यह अनुदान बीजों के एक प्रोसेसिंग प्लांट और 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम की स्थापना के लिए दिया जाएगा। एफपीओ को गोदाम और प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना के लिए प्रोत्साहन देने पर सरकार इस साल 60 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कृषि विपणन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिले, इसके लिए सरकार ने मंडी अधिनियम में संशोधन किया है। मंडी अधिनियम में हुए संशोधन के कारण अब किसान किसी भी मंडी में अपनी उपज बेच सकते हैं। क्रेता सीधे किसानों से उनकी उपज खरीद सकते हैं। यदि कोई किसान सीधे उपभोक्ताओं को कृषि उत्पाद बेचता है तो उसे मंडी शुल्क नहीं देना होगा।
इन्हें किया गया सम्मानित
सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग (राज्य स्तरीय) : वंशिका जैन मुजफ्फरनगर, नंदिनी मौर्या गोंडा, गौरव कुमार सहारनपुर, विजय यादव सुल्तानपुर, उत्कर्ष प्रताप सिंह बुलंदशहर, अनमोल सोनी मुजफ्फरनगर, सिद्धी जैन बाराबंकी, शिवम चौरसिया संतकबीरनगर, लवण्या सिंह कानपुर नगर, शिवानी बागपत।
बेस्ट स्टाल :  एफएमसी, बायर, इफ्को, इजराइल पवेलियन रिबूलेट एक्वा, जापान पवेलियन मियाची कारपोरेशन, न्यू स्वान मल्टीटेक, नूजी वेद्दू सीड, बैंक आफ बड़ौदा, किरलोस्कर तथा कृषि उत्पादन मंडी समिति।
बड़े कृषि यंत्र में : ट्रैक्टर सोनालिका तथा शक्तिमान।

प्रगतिशील किसान सम्मान पुरस्कार :
अरुण महादेव जाधव महाराष्ट्र, पवित्तर पाल सिंह पांगली पंजाब, पवित्र कुमार बराला उड़ीसा, विश्वनाथ राजू हैदराबाद, राम सरन वर्मा बाराबंकी, बाल बिहारी द्विवेदी बलरामपुर, डॉक्टर संजय सैनी सहारनपुर, टिंकू जुनेजा कानपुर, आज्ञा राम वर्मा बस्ती, वेद ब्यास सिंह देवरिया, उपेंद्र सिंह मेरठ, ब्रजेश चंद्र मिश्र लखनऊ, नृपेंद्र त्रिपाठी इटावा, तुषार सरोज लखनऊ तथा परवेज खान बाराबंकी।

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