प्रयागराज कुभ 2019 त्रिवेणी में पहली बार किन्नर साधुआें का 'संगम'

2019-01-27T17:02:59Z

त्रिवेणी में पहली बार किन्नर साधुओं का अनोखा संगम देखने को मिला। इस बार किन्नर अखाड़ा पहली बार शाही स्नान के लिए शामिल हुआ।

कानपुर। त्रिवेणी संगम नगरी प्रयागराज में इस बार का कुंभ कई बातों को लेकर महत्वपूर्ण है। त्रिवेणी में पहली बार किन्नर साधुओं का अनोखा संगम देखने को मिला। ऐसा पहली बार हुआ, जब कुंभ के दौरान किन्नर अखाड़ा के संतों ने अपना इतिहास बदलते हुए शाही स्नान किया। बता दें कि कुंभ के दौरान जूना अखाड़ा के संतों से हुई बातचीत के बाद किन्नर अखाड़ा का उसमें विलय हो गया। जिसके बाद किन्नर अखाड़ा के संतों ने जूना अखाड़ा के साथ मिलकर कुंभ में शाही स्नान किया। आज हम आपको दिखा रहा हैं कि किन्नर अखाड़ा के सदस्य किस तरह से शाही स्नान में शामिल हुए।
त्रिशूल पकड़ी हुईं किन्नर अखाड़ा' की सचिव पवित्रा
इस तस्वीर में देख सकते हैं कि 'किन्नर अखाड़ा' की सचिव पवित्रा अपने अन्य साथियों के साथ प्रागराज में कुंभ मेले के दौरान एक त्रिशूल पकड़ी हुई हैं। यह बहुत ही अनोखा नजारा है।
शाही स्नान के लिए जातीं लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी
इस तस्वीर में किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान जुलूस में अपने समुदाय के लोगों के साथ रथ पर सवार होकर शाही स्नान के लिए निकल रही हैं।   

शाही स्नान के लिए आगे बढ़ रहे किन्नर अखाड़ा के सदस्य

15 जनवरी, 2019 को ली गई इस तस्वीर में, किन्नर अखाड़ा के अनुयायी एक जुलूस में रथ पर सवार होकर शाही स्नान के लिए आगे बढ़ रहे हैं। बता दें कि दशकों तक लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने अपने ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज के बाकी हिस्सों के साथ रखने के लिए भारत के कानूनों और मान्यताओं का सामना किया है। 15 जनवरी को उन्होंने त्रिवेणी में शाही स्नान करके अपना इतिहास बदल दिया।
रथ पर सवार होकर संगम की ओर जा रही हैं लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, किन्नर अखाड़ा के अन्य सदस्यों के साथ रथ पर सवार होकर संगम की ओर जा रही हैं। त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक किन्नर अखाड़ा के संत सिर्फ त्रिकाल संध्या स्नान करते थे। किन्नर अखाड़ा में त्रिकाल संध्या स्नान का विशेष महत्व है।
अनुयायी को किस कर रहीं लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी
इस तस्वीर में देख सकते हैं कि कुंभ मेले में महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी अपने अनुयायी को किस कर रही हैं। बता दें कि 15 जनवरी को उन्होंने अपने दर्जनों साथी के साथ शाही स्नान किया।

एक दूसरे को बधाई दे रहे सदस्य

14 जनवरी, 2019 को ली गई इस तस्वीर में, जूना अखाड़ा और किन्नर अखाड़ा के सदस्य विलय होने के बाद एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं। बता दें कि दोनों अखाड़ा के सदस्यों के बीच हुई बैठक के बाद विलय का निर्णय लिया गया था।
मेले के दौरान मस्ती करती हुईं लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी
इस तस्वीर में महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी अपने आखाड़ा की एक सदस्य के साथ मेले के दौरान मस्ती करती हुईं नजर आ रही हैं।
डुबकी लगा रही महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी
इस तस्वीर में महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी 15 जनवरी को कुंभ में शाही स्नान के दौरान डुबकी लगा रही हैं। उनके पीछे बड़ी संख्या में उनके अनुयायी खड़े हैं।

किन्नर अखाड़ा के सदस्य शाही स्नान के दौरान डुबकी लगा रहे

यह तस्वीर भी शाही स्नान के दौरान की ही है। इसमें किन्नर अखाड़ा के सदस्य शाही स्नान के दौरान डुबकी लगा रहे हैं। तस्वीर में देख सकते हैं कि स्नान के दौरान वहां कई लोग मौजूद हैं।

अनुयायियों के साथ नाचती और गाती लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी

इस तस्वीर में महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी, प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान अपने अनुयायियों के साथ नाचती और गाती नजर आ रही हैं।

 


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