मेले में आज से जमीन का बंटवारा

2019-12-12T05:45:27Z

- पहले दिन दंडी बाड़ा में बांटी जाएगी जमीन

- मेला प्रशासन कार्यालय में दिनभर रही चहल पहल

PRAYAGRAJ: माघ मेले की जमीनों का बंटवारा गुरुवार से शुरू होने जा रहा है। 25 दिसंबर तक चलने वाली इस प्रक्रिया में मेले की तमाम सेक्टर की जमीनों को अलग-अलग संस्थाओं को सौंप दिया जाएगा। गुरुवार को जमीन आवंटन की शुरुआत दंडी बाड़ा से होनी है। जो अगले दो दिन तक चलेगा। इसके बाद दूसरे सेक्टर का नंबर आएगा।

चार और पांच नंबर सेक्टर पर रहेगा फोकस

माघ मेले की तैयारियां चरम पर हैं। एडमिनिस्ट्रेटिव आफिसर्स की उपस्थिति में जमीन का समतलीकरण के साथ चकर्ड प्लेट बिछाने का काम चल रहा है। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने सभी विभागों को अधिकतम 20 दिसंबर तक काम पूरा करने की हिदायत दी है। इसी क्रम में जमीनों का आवंटन का काम भी आज से शुरू हो रहा है। पहले दिन दंडी बाड़ा की सेक्टर चार और पांच की जमीनों का आवंटन किया जाना है।

कब कहां होगा आवंटन

तिथि भूमि आवंटन की लोकेशन

12 दिसंबर दंडी स्वामी नगर, दंडी बाड़ा

14 दिसंबर आचार्य बाड़ा

15 दिसंबर संगम लोवर मार्ग

16 व 17 दिसम्बर खाकचौक

18 दिसंबर रामानुज मार्ग

19 दिसंबर संगम अपर मार्ग एवं सरस्वती मार्ग महावीर जी मार्ग

20 दिसंबर काली मार्ग

21 दिसंबर तुलसी मार्ग एवं जीटी रोड 22 दिसंबर त्रिवेणी मार्ग

23 दिसंबर सेक्टर 1 एवं 2, परेड, शास्त्री गाटा, कबीर नगर

24 दिसंबर समुद्रकूप मार्ग

25 दिसंबर अरैल क्षेत्र

एक और दो सेक्टर पर काबिज रहेगा प्रशासन

एक और दो नंबर सेक्टर पर हमेशा की तरह प्रशासनिक विभाग ही काबिज रहेंगे। यहां पर तमाम विभागों के पांडाल बनाए जा रहे हैं। हरिहर आरती स्थल के समीप हॉस्पिटल का काम भी चल रहा है। कल्पवासियों की बसावट गंगा पार ही होगी। क्योंकि इस पर गंगा की कटान की चलते इस बार भी जमीन थोड़ी कम हुई है।

एक सप्ताह का दिया गया समय

जिन संस्थाओं ने पूर्व में हुए कुंभ, अ‌र्द्धकुंभ या माघ मेले में दी गई सुविधाओं की वापसी नहीं की है उनको एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर इन्होंने तय समय सीमा में सामान वापसी नहीं की तो भूमि का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। ऐसी संस्थाओं की सूची बनाकर उनको मेला प्रशासन द्वारा सूचित कर दिया गया है।

ये हैं आवंटन के नियम

- जमीन के आवंटन के समय सुविधा पर्चियों की प्राप्ति हेतु पहचानपत्र फोटो एवं आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

- जिन संस्थाओं/प्रयागवालों द्वारा पूर्व में हुए माघ या कुंभ मेला या किसी वषरें में टिन, टेंटेज, फर्नीचर की सुविधायें प्राप्त कर वापस नहीं की गयी है, उन्हें वर्तमान में किसी भी प्रकार की भूमि एवं सुविधा देय नहीं होगी।

- प्रत्येक शिविर धारक को मेले की सम्पूर्ण अवधि (माघी पूर्णिमा) तक शिविर बनाये रखना अपरिहार्य होगा। - सुविधा पर्ची, भूमि आवंटन के दो दिन बाद निर्गत की जायेगी।

आज से भूमि का आवंटन शुरू हो रहा है। पहले दिन दंडी स्वामियों को भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। भूमि के समतलीकरण का काम चल रहा है। तय समय में मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।

रजनीश मिश्रा, प्रभारी मेलाधिकारी

Posted By: Inextlive

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