'चलो मन गंगा यमुना तीर' में बही रसधारा

2020-01-22T05:46:17Z

- संगम की रेती पर एनसीजेडसीसी की ओर से शुरू हुआ सांस्कृतिक महोत्सव चलो मन गंगा यमुना तीर

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PRAYAGRAJ: संगम की रेती पर एनसीजेडसीसी की ओर से राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन चलो मन गंगा यमुना तीर का मंगलवार को आगाज हुआ। पहले दिन मांगलिक शहनाई वादन, बीन वादन से प्रारम्भ इस प्रोग्राम का इनॉगरेशन चीफ गेस्ट पुलिस अधीक्षक माघ मेला आशुतोष मिश्र एवं केंद्र निदेशक इन्द्रजीत सिंह ग्रोवर ने किया। 21 से 30 जनवरी चलने वाले चलो मन गंगा यमुना तीर की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत वाराणसी के मोहन लाल त्यागी के शहनाई वादन से हुआ। पहले दिन सांस्कृतिक संध्या में जीवन के नश्वरता को प्रदर्शित करने वाला हरियाणा के वेद प्रकाश एवं दल का वनचारी नृत्य, रामायण एवं महाभारत के आख्यानों पर आधारित जनजातीय नृत्य छऊ एवं सम्बलपुरी नृत्य का फ्यूजन तथा उड़ीसा के मंदिरों का शास्त्रीय नृत्य ओडिसी की प्रस्तुतियों ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

बिखरी अलग-अलग क्षेत्र की छटा

10 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के पहले दिन उत्तरांचल, असम व मध्य प्रदेश के बहुरंगी लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां हुईं। इसके साथ ही प्रयागराज के दोआबा क्षेत्र का ढेढि़या, असमी लोकजीवन के उल्लास के प्रतीक एवं अच्छी फसल की खुशी में होने वाला स्वीटी सरकार एवं बिहू, कश्मीर के इफरा खान एवं दल का कश्मीरी लोकनृत्य, मध्य प्रदेश के अरविन्द यादव एवं दल का मांगलिक अवसरों पर होने वाला बधाई, मथुरा के राजेश शर्मा एवं दल का व्रज के लोकनृत्य एवं नत्थी लाल नौटियाल एवं दल द्वारा उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति को दर्शाता थड्या चौफला लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई झूमता रहा। सांस्कृतिक केन्द्र पण्डाल में देश के विविध अंचलों की हस्तशिल्प प्रदर्शनी के साथ-साथ आंचलिक व्यंजनों की भी प्रदर्शनी लगायी गयी है।


Posted By: Inextlive

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