Lockdown 14 अप्रैल के बाद भी नहीं होगा खत्म, बैठक में PM मोदी और विपक्षी नेताओं ने COVID-19 से लड़ने को बताया जरूरी

2020-04-08T16:23:32Z

Lockdown कोरोना वायरस के कारण लाॅकडाउन से उत्पन्न हालातों पर विचार विमर्श के लिए प्रधानमंत्री ने बुधवार को लोकसभा एवं राज्यसभा में विपक्ष समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं संग बैठक की। इस दाैरान पीएम ने विपक्ष के नेताओं और अन्य दलों के नेताओं से कहा कि 14 अप्रैल के बाद एक झटके में लाॅकडाउन नहीं खत्म होगा।

नई दिल्ली (पीटीआई)। Lockdown प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपने आधिकारिक निवास 7, लोक कल्याण मार्ग से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न दलों के के नेताओं के साथ बैठक की। इस दाैरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 14 अप्रैल को एक बार में लाॅकडाउन खत्म नहीं किया जाएगा। बीजू जनता दल के नेता पिनाकी मिश्रा ने पीटीआई को बताया, प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट किया कि लॉकडाउन नहीं हटाया जा रहा है और यह भी कहा गया है कि प्री कोरोना और पोस्ट-कोरोना लाइफ एक जैसी नहीं होगी। बैठक में भाग लेने वाले एक अन्य नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि वे लाॅकडाउन के विषय में राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी सलाह लेंगे। वहीं मीटिंग के बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चाैधरी ने कहा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 14 अप्रैल को सरकार लाॅकडाउन बढ़ा सकती है। इस बैठक में उनके साथ केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और अमित शाह उनके साथ मौजूद थे। यह बातचीत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई और इसमें भाग लेने वालों में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार शामिल थे। सूत्रों ने कहा, इन नेताओं को विभिन्न मंत्रालयों स्वास्थ्य, घर और ग्रामीण विकास के सचिवों द्वारा कोरोना से निपटने और लॉकडाउन से उत्पन्न कठिनाइयों को कम करने के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी गई।

व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण की कमी का मुद्दा

एक सूत्र ने कहा कि कई विपक्षी नेताओं ने देश में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) की कमी का मुद्दा उठाया, जबकि कुछ ने यह भी सुझाव दिया कि नए संसद भवन के निर्माण से बचा जाना चाहिए। यह संकेत मिलते हैं कि केंद्र सरकार 14 अप्रैल से पहले देश भर में तालाबंदी का विस्तार कर सकती है। कई राज्य तेजी से फैलने वाले वायरस को रोकने के लिए लाॅकडाउन के विस्तार के पक्ष में है क्योंकि देश में पाॅजिटिव केसेज में कोई भी कमी नहीं होने के संकेत मिलते हैं। आज सुबह 9 बजे तक कोरोना वायरस के 5,194 मामले सामने आए हैं। वहीं 149 मौतों की पुष्टि हुई है।

वर्चुअल मीटिंग में माैजूद रहे ये नेता

इस वर्चुअल मीटिंग में शामिल होने वालों में राम गोपाल यादव (समाजवादी पार्टी), सतीश मिश्रा (बहुजन समाज पार्टी), चिराग पासवान (लोक जनशक्ति पार्टी), टीआर लालू (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम), सुखबीर सिंह बादल ( शिरोमणि अकाली दल), राजीव रंजन सिंह (जनता दल-यूनाइटेड), पिनाकी मिश्रा (बीजू जनता दल) और संजय राउत (शिवसेना) हैं। इसके अलावा अपनी शुरुआती अनिच्छा दिखाते हुए, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी बातचीत में भाग लिया। टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय भी माैजूद रहे। प्रधानमंत्री ने संसद के दोनों सदनों में उन दलों के नेताओं के साथ संवाद किया जिनके संसद में पांच से अधिक सांसद हैं।

लाॅकडाउन के बाद प्रधानमंत्री की विपक्षी दलों के साथ पहली बैठक

25 मार्च को लाॅकडाउन के बाद विपक्ष के नेताओं सहित अन्य नेताओं के साथ यह प्रधानमंत्री की पहली बातचीत है। उन्होंने गैर-एनडीए दलों द्वारा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बातचीत की थी। प्रधानमंत्री ने हाल ही में विभिन्न हितधारकों डॉक्टरों, पत्रकारों और भारतीय मिशनों के प्रमुखों के साथ भी बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस के सोनिया गांधी, टीएमसी की ममता बनर्जी और डीएमके के एमके स्टालिन सहित विभिन्न राजनीतिक पार्टी प्रमुखों से बात की और कोरोना की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्रियों एचडी देवगौड़ा और मनमोहन सिंह से भी बात की थी।

Posted By: Shweta Mishra

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